अब डाकिया तय करेगा क्या है डॉक्यूमेंट और पार्सल, एक अगस्त से बदलेंगे नियम
समझें क्या है पूरा मामला
- भारतीय डाक ने पहली बार डाक्यूमेंट और पार्सल की अलग पहचान तय की है।
- 1 अगस्त से स्पीड पोस्ट की नई दरें और नियम लागू कर दिए गए हैं।
- आईडी कार्ड, पासपोर्ट और बैंकिंग कार्ड अब डाक्यूमेंट श्रेणी में आएंगे।
- खुदरा ग्राहकों के पुराने चार्ज में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है।
- 24 और 48 घंटे में डिलीवरी सेवा फिलहाल 6 बड़े शहरों में मिलेगी।
भारतीय डाक की नई पहल
Speed Post New Rates: क्या आप भी अक्सर पोस्ट ऑफिस जाकर सामान या जरूरी पेपर कूरियर करते हैं? अगर हां, तो भारतीय डाक विभाग का यह नया अपडेट आपके लिए बहुत काम का है। अब डाकघर जाने पर डाकिया आपसे यह नहीं पूछेगा कि लिफाफे के अंदर क्या है, क्योंकि विभाग ने खुद हर सामान की कैटेगरी फिक्स कर दी है।
एक अगस्त से लागू हुए नए नियमों के तहत अब क्लियर कर दिया गया है कि कौन सा सामान डॉक्यूमेंट माना जाएगा और कौन सा पार्सल। इसके साथ ही अगर आप अपने दोस्तों या रिश्तेदारों को राखी, ग्रीटिंग कार्ड या कोई कार्ड्स भेज रहे हैं, तो उसके रेट्स भी इसी हिसाब से तय होंगे।
इतना ही नहीं, भारतीय डाक ने अब 24 घंटे और 48 घंटे वाली सुपरफास्ट स्पीड पोस्ट सर्विस भी शुरू की है। आइए समझते हैं कि पोस्ट ऑफिस के इस नए नियम से आपकी जेब पर कितना असर पड़ेगा और आपको क्या-क्या फायदे मिलेंगे।
क्या चीजें अब डाक्यूमेंट बनेंगी
डाक विभाग ने डाक्यूमेंट (document) की डेफिनेशन को अब एकदम साफ कर दिया है। ऐसी चीजें जिनकी कोई कमर्शियल रीसेल वैल्यू नहीं होती, वे डाक्यूमेंट हैं। इसमें ऑर्डिनरी लेटर्स, पासबुक और चेकबुक शामिल किए गए हैं।
क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और वेलकम किट भी अब इसी में आएंगे। बैंक स्टेटमेंट और फाइनेंसियल सर्विस के पेपर भी डाक्यूमेंट माने जाएंगे। आईडी प्रूफ जैसे कार्ड्स भी अब डाक्यूमेंट की लिस्ट में हैं।
वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट भी अब डाक्यूमेंट्स हैं। 500 ग्राम तक के राखी लिफाफे भी इसी कैटेगरी में रहेंगे। छोटे ग्रीटिंग कार्ड्स को भी डाक्यूमेंट मानकर ही भेजा जाएगा। इन सभी चीजों को भेजने पर आपसे कम फीस ली जाएगी।
पार्सल कैटेगरी में क्या आएगा
ऊपर बताई गई चीजों के अलावा सब सामान पार्सल डिलीवरी माना जाएगा। अगर आप कोई कपड़ा या किताब भेजते हैं, तो वह पार्सल है। इलेक्ट्रॉनिक सामान और भारी पैकेज भी अब पार्सल में ही आएंगे। कमर्शियल सेल्स के लिए भेजे जाने वाले सामान पार्सल में हैं।
पार्सल की चेकिंग और बुकिंग अब अलग काउंटर पर की जाएगी। इससे पार्सल की सुरक्षा और ट्रैकिंग पहले से बेहतर हो जाएगी। ग्राहकों को बुकिंग के वक्त सही कैटेगरी चुनना बहुत आसान होगा। अब चार्ज को लेकर ग्राहकों के मन में कोई भ्रम नहीं रहेगा।
स्पीड पोस्ट का नया चार्ज कितना
रिटेल कस्टमर्स के पुराने डाक शुल्क में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 24 स्पीड पोस्ट सेवा में 38 रुपए से 186 रुपए लगेंगे। 50 ग्राम तक के पैकेट का लोकल चार्ज 38 रुपए तय है।
देश में कहीं भी 50 ग्राम पैकेट भेजने पर 94 रुपए लगेंगे। इस कुल शुल्क पर जीएसटी चार्ज अलग से देना पड़ेगा। 51 ग्राम से 250 ग्राम के पैकेट पर 118 से 154 रुपए लगेंगे।
251 ग्राम से 500 ग्राम के पैकेट पर 140 से 186 रुपए लगेंगे। वजन और दूरी के हिसाब से यह फीस तय की गई है। थोक ग्राहकों के लिए बुकिंग के नए रेट तय किए गए हैं। थोक डाक्यूमेंट बुकिंग पर व्यापारियों को काफी छूट भी मिलेगी।
सुपरफास्ट सर्विस किन शहरों में
24 और 48 घंटे वाली स्पीड पोस्ट सेवा शुरू हो गई है। 24 घंटे में डिलीवरी सेवा से सामान तुरंत पहुंच जाता है। 48 घंटे वाली सेवा दो दिन में कूरियर डिलीवर करती है।
India Post Office कीये सुपरफास्ट सेवा फिलहाल देश के सिर्फ 6 शहरों में उपलब्ध है। इनमें देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई शामिल हैं। इसके साथ ही चेन्नई और कोलकाता में भी यह सुविधा चालू है।
आईटी हब बेंगलुरु और हैदराबाद को भी इसमें जोड़ा गया है। 48 स्पीड पोस्ट का चार्ज 61 रुपए से 121 रुपए के बीच है। दूरी और वजन के हिसाब से इसका फाइनल बिल तैयार होता है। जल्द ही इस सुविधा को देश के अन्य शहरों में भी शुरू किया जाएगा।
थोक ग्राहकों के नए रेट्स समझें
बिजनेस और बल्क बुकिंग वालों के लिए नए रेट आए हैं। थोक ग्राहकों को 24 घंटे की सेवा में 38 से 100 रुपए देने होंगे। 48 घंटे वाली सेवा के लिए 48 से 72 रुपए चार्ज तय हुआ है।
बड़ी कंपनियों और बैंकों को इससे बुकिंग में बहुत आसानी होगी। बैंक अपने एटीएम और पासबुक अब तेजी से भेज सकेंगे। इससे आम ग्राहकों को अपने कार्ड्स बहुत जल्दी मिल जाएंगे।
डाकघर (Indian Postal Department) ने बिजनेस प्रोसेस को काफी सिंपल और फास्ट बना दिया है। कम बजट में भरोसेमंद डिलीवरी का अनुभव अब सबको मिलेगा। डाक विभाग का यह कदम प्राइवेट कूरियर को कड़ी टक्कर देगा। आम जनता के समय और पैसे दोनों की इससे बचत होने वाली है।
FAQ
- भारतीय डाक के नए नियमों के तहत डाक्यूमेंट्स की कैटेगरी में कौन सी चीजें रखी गई हैं?
नए नियमों के अनुसार बिना कमर्शियल वैल्यू वाली चीजें जैसे लेटर्स, पासबुक, चेकबुक, बैंक कार्ड्स, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और 500 ग्राम तक के राखी व ग्रीटिंग कार्ड्स डाक्यूमेंट्स माने जाएंगे। - 24 स्पीड पोस्ट और 48 स्पीड पोस्ट की सुपरफास्ट सुविधा किन शहरों में मिल रही है?
यह सुपरफास्ट डिलीवरी सुविधा फिलहाल देश के केवल 6 प्रमुख शहरों में मिल रही है, जिनमें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद शामिल हैं। - 50 ग्राम तक के डाक्यूमेंट्स को स्पीड पोस्ट करने पर कितना चार्ज देना होगा?
50 ग्राम तक के पैकेट के लिए लोकल लेवल पर 38 रुपए और देश के किसी भी हिस्से में भेजने पर 94 रुपए शुल्क तय किया गया है। इस पर जीएसटी अलग से देना होगा।
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