शेयर बाजार से दूरी बना रहे भारतीय परिवार, दूसरी ओर बढ़ रहा कर्ज और EMI का बोझ
Aman Vaishnav | Jul 27, 2026, 12:30 IST
शेयर बाजार से दूरी बना रहे भारतीय
कोविड के बाद पहली बार भारतीय परिवारों का शेयर बाजार में निवेश घटा है, जबकि घरों में नकदी 98% बढ़ी है। इसके अलावा 5 साल में घरेलू कर्ज बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- भारतीय परिवारों ने पिछले एक साल में बाजार निवेश कम कर दिया है।
- यह कोविड-19के बाद पहली बार हुआ है, जब निवेश में गिरावट आई है।
- वहीं घरों में रखी नकदी एक साल में लगभग दोगुनी हो गई है।
- इसके साथ ही घरेलू कर्ज भी 36.3% बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
- RBI के आंकड़े बताते हैं कि परिवारों की बचत क्षमता भी घट रही है।
निवेश में आई भारी कमी
विदेशी संस्थागत निवेशकों की तरह अब भारतीय परिवार भी शेयर बाजार से दूरी बना रहे हैं। जोखिम भरे निवेश से भी उनका मोह कम होता दिख रहा है। यह बदलाव पांच साल में पहली बार देखा गया है।
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घरों में नकदी 98% तक बढ़ी
विशेषज्ञ मानते हैं कि अनिश्चितता के दौर में लोग तुरंत इस्तेमाल के लिए पैसा नकद रखना पसंद करते हैं। इससे बाजार में तरलता का पैटर्न भी बदल सकता है।
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सुरक्षित बचत की ओर रुझान
पेंशन और भविष्य निधि में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। यह 7.88 लाख करोड़ से बढ़कर 8.69 लाख करोड़ रुपए हो गई है। कुल मिलाकर परिवारों की दौलत 2025-26 में 42.89 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है।
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कर्ज में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
यह बढ़ोतरी दिखाती है कि परिवार अब अपनी बचत से ज्यादा उधार पर निर्भर हो रहे हैं। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है।
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बैंकों से बढ़ी सबसे ज्यादा उधारी
एनबीएफसी से भी कर्ज बढ़ा है। 2024-25 में यह 2.52 लाख करोड़ रुपए था। 2025-26 में यह बढ़कर 4.78 लाख करोड़ रुपए हो गया। अन्य वित्तीय संस्थानों से उधारी भी 3.38 से बढ़कर 5.27 लाख करोड़ रुपए हुई है।
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होम लोन की रफ्तार धीमी
इसका मतलब है कि लोगों ने घर खरीदने के बजाय तुरंत जरूरत वाले कर्ज ज्यादा लिए हैं। यह प्रवृत्ति परिवारों की वित्तीय योजना पर सवाल खड़े करती है।
घटती बचत, बढ़ता दबाव
2021-22 से 2024-25 के बीच परिवारों की कर्ज चुकाने की क्षमता लगातार घटी है। EMI का बोझ बढ़ने से आगे भी दबाव बढ़ने की आशंका है।
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FAQ
- 2025-26 में भारतीय परिवारों का घरेलू कर्ज कितना बढ़ा?
2025-26 में घरेलू कर्ज 36.3% बढ़ा है। यह रिकॉर्ड 21.45 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। पांच साल पहले यह सिर्फ 7.82 लाख करोड़ रुपए था। - भारतीय परिवारों की नकदी कितनी बढ़ी है?
घरों में रखी नकदी एक साल में लगभग दोगुनी हो गई है। यह 2.09 लाख करोड़ से बढ़कर 4.15 लाख करोड़ रुपए हो गई। यह वृद्धि करीब 98% है। - भारतीय परिवारों का सबसे ज्यादा कर्ज किस सेक्टर से बढ़ा?
सबसे ज्यादा उधारी बैंकिंग सेक्टर से बढ़ी है। यह करीब 31% बढ़ी है। पर्सनल, कंज्यूमर और गोल्ड लोन की मांग तेजी से बढ़ी है।
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