Coursera Report: भारत में GenAI कोर्स पूरा करने में महिलाएं... पुरुषों से बेहतर
News In Short
- भारत में ऑनलाइन एआई कोर्स करने वाली महिलाओं की हिस्सेदारी 31.2% है, जबकि वैश्विक औसत 36% है।
- जेनरेटिव एआई कोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी एक साल में 2.2% बढ़ी, जो 33.5% तक पहुंच गई है।
- भारत में महिलाएं GenAI कोर्स को पुरुषों से अधिक सफलता से पूरा करती हैं।
- भारत में एआई कोर्स में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी, लेकिन तकनीकी क्षेत्रों में लैंगिक अंतर की स्थिति बरकरार है।
- भारत में महिलाओं के लिए एआई शिक्षा में सुधार की संभावना है, जिससे ये अंतर और कम हो सकता है।
News In Detail
ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म Coursera की वार्षिक रिपोर्ट One Year Later: The Gender Gap in GenAI के मुताबिक, भारत में एआई कोर्स करने वाली महिलाओं की हिस्सेदारी 2024 के 31.2% से बढ़कर 2025 में 33.5% हो गई है।
इसका मतलब ये है कि महिला शिक्षार्थियों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, अभी भी ये आंकड़ा वैश्विक औसत 36% से थोड़ा कम है।
एआई कोर्स में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी
कोर्सेरा ने रिपोर्ट में यह भी बताया कि एक बार जब महिलाएं GenAI कोर्स में एडमिशन लेती हैं, तो वे इन्हें पूरा करने में पुरुषों से अधिक मजबूती दिखाती हैं। डेटा के मुताबिक, महिलाएं जेनरेटिव एआई कोर्स (Free AI Course) को सफलतापूर्वक पूरा करने में पुरुषों से लगभग 3 प्रतिशत ज्यादा सक्षम हैं। यह बात उनकी लगन और लगातार सीखने की क्षमता को दर्शाती है।
GenAI में दुनिया में भारत की स्थिति
भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां एआई और GenAI को अपनाने की गति सबसे तेज है। साल 2024 में अकेले भारत से लगभग 13 लाख एआई कोर्स एनरोलमेंट दर्ज किए गए थे। इसके बावजूद, प्लेटफॉर्म पर कुल भारतीय शिक्षार्थियों में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 40% है, लेकिन GenAI कोर्स में उनकी हिस्सेदारी केवल 29.6% से 33.5% के बीच ही रह गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखा जाए, तो Coursera की वैश्विक रिपोर्ट में 1,100 से अधिक GenAI कोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी 2024 के 32% से बढ़कर 2025 में 36% हो गई है। हालांकि, कई विकसित अंग्रेजी बोलने वाले देशों जैसे अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन में महिलाओं की हिस्सेदारी में गिरावट आई है, जबकि भारत और लैटिन अमेरिका जैसे देशों में यह अंतर घटा है।
भारत में सुधार की संभावनाएं
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि भारत में महिलाओं के लिए एआई शिक्षा के अवसर, छात्रवृत्तियां, करियर काउंसलिंग, और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर किया जाए, तो इस अंतर को तेजी से पाटा जा सकता है। उदाहरण के लिए, जिन कोर्सों में व्यक्तिगत मार्गदर्शन, मेंटरशिप और चरणबद्ध लक्ष्य होते हैं, वहां महिला शिक्षार्थियों (कामकाजी महिलाएं) की सफलता दर में 50% तक वृद्धि देखी गई है।
FAQ
- भारत में महिलाओं की एआई कोर्स में भागीदारी क्यों बढ़ रही है?
भारत में महिलाओं की एआई कोर्स में भागीदारी बढ़ रही है क्योंकि उन्हें अब पहले से ज्यादा अवसर मिल रहे हैं और वे इन कोर्सों को पूरा करने में पुरुषों से ज्यादा दृढ़ हैं। - क्या भारत में महिलाओं के लिए एआई कोर्स कोर्सों में कोई सुधार की आवश्यकता है?
हां, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत में महिलाओं के लिए एआई कोर्सों के अवसर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया जाए, तो लैंगिक अंतर को और घटाया जा सकता है। - जेनरेटिव एआई कोर्स में महिलाओं का प्रदर्शन पुरुषों से कैसे बेहतर है?
महिलाएं जेनरेटिव एआई कोर्स को पूरा करने में पुरुषों से 3 प्रतिशत ज्यादा सफल हैं, जो उनकी लगन और लगातार सीखने की क्षमता को दर्शाता है।
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