इंडिगो फ्लाइट का इंजन फेल, दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग, बाल-बाल बचे 161 यात्री
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (IGI) पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विशाखापत्तनम से आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट में हवा में ही टेक्निकल फॉल्ट आ गई। विमान के इंजन फेल होने की आशंका के बीच रनवे संख्या 28 पर फुल इमरजेंसी घोषित कर दी गई थी। हालांकि, पायलट की गजब की सूझबूझ और एयरपोर्ट प्रशासन की मुस्तैदी ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।
रनवे पर मच गई अफरा-तफरी
इमरजेंसी प्रोटोकॉल के तहत इंडिगो के विमान (फ्लाइट नंबर 6E 579) ने सुबह 10 बजकर 54 मिनट पर आईजीआई एयरपोर्ट के रनवे 28 पर सुरक्षित लैंडिंग की। लैंडिंग के वक्त रनवे का नजारा किसी युद्ध स्तर की तैयारी जैसा था।
वहां दमकल की गाड़ियां और एम्बुलेंस पहले से तैनात थीं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, फ्लाइट में तकनीकी फॉल्ट की सूचना मिलते ही सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रख दिया गया था।
160 यात्रियों की सुरक्षित घर वापसी
Indigoविमान में कुल 160 यात्री सवार थे, जिनकी जान उस वक्त जोखिम में पड़ गई थी, जब हवा में विमान के इंजन में तेज वाइब्रेशन महसूस किया गया। इसके बाद कथित तौर पर एक इंजन बंद करना पड़ा।
लैंडिंग के तुरंत बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और जरूरी जांच के बाद उन्हें डेस्टिनेशन के लिए रवाना किया गया। फिलहाल इंडिगो की तकनीकी टीम इस गंभीर खराबी के पीछे के कारणों की इन्वेस्टीगेशन कर रही है।
संसद की समिति की डरावनी रिपोर्ट
यह घटना महज एक इत्तेफाक नहीं लगती, क्योंकि हाल ही में संसद की स्थायी समिति ने भारतीय विमानन क्षेत्र की सुरक्षा पर एक चिंताजनक रिपोर्ट पेश की थी।
रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2025 से फरवरी 2026 के बीच कुल 754 कमर्शियल विमानों का ऑडिट किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 377 विमान ऐसे पाए गए जिनमें लगातार तकनीकी खामियां आ रही थीं।
इंडिगो के 148 विमानों में बार-बार खराबी, सरकार ने संसद में बताया था।
| एयरलाइन | जांचे गए विमान | खराबी वाले विमान | प्रतिशत (%) |
| एयर इंडिया | 166 | 137 | 82.5% |
| एयर इंडिया एक्सप्रेस | 101 | 54 | 53.5% |
| एयर इंडिया ग्रुप | 267 | 191 | 71.5% |
| इंडिगो | 405 | 148 | 36.5% |
| स्पाइसजेट | 43 | 16 | 37.2% |
| अकासा एयर | 32 | 14 | 43.7% |
| कुल एयरलाइन्स | 754 | 377 | 50.0% |
नागरिक उड्डयन क्षेत्र में बड़े संकट की आहट
संसद की इस ऑडिट रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि आज की इमरजेंसी लैंडिंग उस बड़े संकट का हिस्सा है जिसकी चेतावनी पहले ही दी जा चुकी थी। रिपोर्ट में साफ कहा गया था कि भारत के आधे कमर्शियल बेड़े में तकनीकी गड़बड़ी है और नागरिक उड्डयन क्षेत्र को एक फंडामेंटल रीसेट की जरूरत है। आज की घटना ने उस चेतावनी को एक बार फिर सच साबित कर दिया है कि सुरक्षा मानकों में सुधार की तत्काल आवश्यकता है।
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