दिल्ली एयरपोर्ट के मल्टीफेथ स्पेस में बीजेपी नेता माधवी लता का दुर्गा सूक्तम पाठ, क्यों भड़के विरोधी

Amresh Kushwaha | Mar 25, 2026, 11:48 IST
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madhavi latha airport prayer room controversy
madhavi latha airport prayer room controversy

बीजेपी नेता माधवी लता ने 23 मार्च 2026 को दिल्ली के IGI एयरपोर्ट के प्रेयर रूम में दुर्गा सूक्तम पाठ किया। बताया जा रहा है कि वहां मुस्लिम महिलाएं नमाज पढ़ रही थीं। चलिए जानते हैं क्या है पूरा विवाद…

News In Short

  • 23 मार्च 2026 को बीजेपी नेता माधवी लता दिल्ली के IGI एयरपोर्ट के महिला प्रेयर रूम में गईं।
  • वहां उन्होंने दुर्गा सूक्तम का पाठ किया,जबकि उसी कमरे में मुस्लिम महिलाएं नमाज पढ़ रही थीं।
  • उन्होंने यह वीडियो खुद बनाकर एक्स (X) पर शेयर किया,जो 1.51 लाख बार देखा गया।
  • हैदराबाद में एमबीटी (MBT) ने माधवी लता के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
  • समर्थक इसे धार्मिक स्वतंत्रता बता रहे हैं,तो विरोधी इसे सांप्रदायिक राजनीति।

News In Detail

चलिए जानते हैं, एयरपोर्ट प्रेयर रूम में क्या हुआ?

23 मार्च 2026 की बात है। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट के महिला प्रेयर रूम में कुछ मुस्लिम महिलाएं नमाज पढ़ रही थीं। तभी वहां बीजेपी नेता माधवी लता पहुंचीं। उन्होंने कमरे के एक कोने में बैठकर दुर्गा सूक्तम का पाठ शुरू किया। पूरा दृश्य कैमरे में रिकॉर्ड होता रहा।

वीडियो में दिखा कि माधवी लता और नमाज पढ़ रही महिलाओं के बीच कोई टकराव या बातचीत नहीं हुई। माहौल पूरी तरह शांत रहा,लेकिन जब यह वीडियो 'एक्स' पर आया तो बवाल खड़ा हो गया।

माधवी लता ने क्या कहा?

माधवी लता ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि यह भीड़भाड़ के बीच शांति का एक पल था। उनका कहना था कि ऐसे प्रेयर रूम भारत की प्राचीन पूजा परंपरा की पहचान हैं। उन्होंने इन स्थानों की शुद्धि को सबकी जिम्मेदारी बताया।



माधवी लता ने अपने ट्विट में यह लिखा-

भीड़-भाड़ के बीच शांति का एक पल - भारत के हृदय में विराजमान दिव्य शक्ति को सप्रेम प्रणाम।

लोक कल्याण की खोज में, व्यक्ति को सबसे पहले अपने भीतर का सामंजस्य खोजना चाहिए। दिल्ली हवाई अड्डे के प्रार्थना कक्ष (prayer room) में, मैंने ब्रह्मांड की जननी से शक्ति प्राप्त करते हुए, दुर्गा सूक्तम् के दिव्य श्लोकों में स्वयं को लीन कर लिया।

जहां हमारा महान राष्ट्र, भारत, उपासना के हमारे प्राचीन मूल्यों के प्रमाण के रूप में ये शरणस्थल प्रदान करता है, वहीं इनकी शुद्धि (पवित्रता) का उत्तरदायित्व हम पर है। ये स्थान साधक, भक्त और शांत चित्त वाले व्यक्ति के लिए हैं।

आइए, हम इन प्रार्थना कक्षों के हर इंच को पुण्य क्षेत्र के रूप में देखें। ईश्वर करे कि ये गहरे मौन और गहन आध्यात्मिक जुड़ाव के क्षेत्र बने रहें।

इस बयान ने आग में घी डालने का काम किया। आलोचकों ने पूछा कि अगर यह निजी प्रार्थना थी, तो वहां कैमरा क्यों था?

विरोध हुआ और शिकायत भी

हैदराबाद में एमबीटी (Majlis Bachao Tehreek) ने दबीरपुरा पुलिस स्टेशन में माधवी लता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में धार्मिक संवेदनशीलता,प्राइवेसी के अधिकार और सांप्रदायिक सौहार्द के उल्लंघन का हवाला दिया गया है।

सोशल मीडिया पर भी दो धड़े बन गए। एक यूजर ने लिखा कि प्रार्थना करना आपका अधिकार है,लेकिन इसे रिकॉर्ड क्यों किया?एक अन्य यूजर ने इसे सामंजस्य की जगह तनाव पैदा करने की कोशिश बताया।

समर्थकों का अपना तर्क

माधवी लता के समर्थकों ने कहा कि प्रेयर रूम सभी धर्मों के लिए होता है। हिंदू धर्म की प्रार्थना वहां करना गलत नहीं है। उनके मुताबिक जो लोग आलोचना कर रहे हैं,वे एक खास धर्म की खुली प्रार्थना को सामान्य और दूसरे की प्रार्थना को असामान्य मानते हैं। यह पूर्वाग्रह है।

एयरपोर्ट पर प्रेयर रूम का नियम क्या है?

अब सवाल यह है कि एयरपोर्ट प्रेयर रूम में असल में क्या करना सही है और क्या नहीं।

एएआई (AAI - Airports Authority of India) की एक आरटीआई (RTI - Right to Information) के जवाब के मुताबिक,हवाई अड्डों पर प्रेयर रूम के लिए कोई एक स्टैंडर्ड नीति नहीं है। यह सुविधा यात्रियों की मांग और जगह की उपलब्धता के आधार पर दी जाती है। दिल्ली और चेन्नई जैसे बड़े हवाई अड्डों पर यह सुविधा मौजूद है,लेकिन हर छोटे एयरपोर्ट पर नहीं।

प्रेयर रूम को मल्टीफेथ स्पेस (Multifaith Space) भी कहा जाता है। यानी यह किसी एक धर्म की जगह नहीं है। यहां सभी धर्मों के लोग प्रार्थना,ध्यान या मौन चिंतन कर सकते हैं। इसीलिए इन कमरों में जूते रखने की जगह,किब्ला कंपास और बैठने के लिए बेंच,सब एक साथ होते हैं।

रिकॉर्डिंग पर भी कोई लिखित प्रतिबंध नहीं है,लेकिन एयरपोर्ट के अंदर शूटिंग और रिकॉर्डिंग के लिए आमतौर पर अनुमति लेनी होती है। सुरक्षा क्षेत्र में कैमरा चलाना संवेदनशील माना जाता है।

क्या यह मौलिक अधिकार है?

गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर फैसला देते हुए कहा था कि हवाई अड्डे पर किसी धर्म विशेष के लिए समर्पित प्रेयर रूम की मांग को संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत मौलिक अधिकार नहीं माना जा सकता। यह एएआई और सरकार के विवेक पर निर्भर करता है।

आइए जानें, एयरपोर्ट पर और क्या मिलता है मुफ्त?

इस पूरे विवाद के बीच यह जानना भी जरूरी है कि एयरपोर्ट पर प्रेयर रूम के अलावा और कौन-सी सुविधाएं यात्रियों को मुफ्त मिलती हैं।

एएआई के आधिकारिक पैसेंजर फैसिलिटी पेज के मुताबिक पीने का पानी,शौचालय,व्हीलचेयर,लगेज ट्रॉली (Baggage Trolley),मोबाइल चार्जिंग पॉइंट,मेडिकल और फर्स्ट एड (First Aid),चाइल्ड केयर रूम (Child Care Room) और लॉस्ट एंड फाउंड (Lost & Found) जैसी सुविधाएं बिना किसी शुल्क के मिलती हैं। वाई-फाई 45 मिनट तक मुफ्त मिलता है। दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों के लिए बैटरी ऑपरेटेड कार्ट (Battery Operated Cart) भी निःशुल्क है।

प्रेयर रूम जहां उपलब्ध है,वहां यह भी इसी मुफ्त सुविधाओं की सूची में आता है। लेकिन यह हर हवाई अड्डे पर नहीं होता।

माधवी लता कौन हैं?

माधवी लता हैदराबाद की बीजेपी नेता हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में वे हैदराबाद सीट से एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ मैदान में थीं। वे तीन लाख38 हजार87 वोटों के बड़े अंतर से हार गई थीं। इससे पहले भी वे कई बार विवादास्पद बयानों की वजह से चर्चा में रही हैं।

असल सवाल क्या है?

यह विवाद दो बातों पर टिका है। पहला,क्या प्रेयर रूम में जोर से श्लोक पढ़ना और वीडियो बनाना उस जगह के शिष्टाचार के खिलाफ है?दूसरा,क्या यह एक राजनीतिक संदेश देने की कोशिश थी?

इन दोनों सवालों के जवाब हर किसी के नजरिए पर निर्भर हैं। लेकिन यह तय है कि एयरपोर्ट का प्रेयर रूम किसी एक धर्म की निजी जायदाद नहीं है। वह सबके लिए है और सबके सम्मान के साथ है।

FAQ

  1. माधवी लता ने दिल्ली एयरपोर्ट प्रेयर रूम में क्या किया और विवाद क्यों हुआ?
    23 मार्च 2026 को बीजेपी नेता माधवी लता दिल्ली के IGI एयरपोर्ट के महिला प्रेयर रूम में गईं और दुर्गा सूक्तम का पाठ किया। उस वक्त वहां मुस्लिम महिलाएं नमाज पढ़ रही थीं। माधवी लता ने पूरा दृश्य वीडियो में रिकॉर्ड कर 'एक्स' पर शेयर किया। वीडियो 1.51 लाख बार देखा गया। आलोचकों ने कहा कि यह प्रेयर रूम के शिष्टाचार और दूसरों की प्राइवेसी का उल्लंघन है। हैदराबाद में एमबीटी ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
  2. एयरपोर्ट प्रेयर रूम में क्या करना सही है और क्या नहीं?
    एयरपोर्ट का प्रेयर रूम मल्टीफेथ स्पेस होता है, यानी यह सभी धर्मों के लिए है। यहां कोई भी व्यक्ति प्रार्थना, ध्यान या मौन चिंतन कर सकता है। इस कमरे का मकसद शांत माहौल देना है। जोर से पाठ करना या वीडियो रिकॉर्ड करना वहां मौजूद दूसरे यात्रियों के लिए असुविधाजनक हो सकता है। एएआई की कोई एक लिखित आचार संहिता नहीं है, लेकिन सामान्य शिष्टाचार यही कहता है कि दूसरों की प्रार्थना में बाधा न डाली जाए।
  3. भारत के हवाई अड्डों पर यात्रियों को मुफ्त में कौन-सी सुविधाएं मिलती हैं?
    एएआई के आधिकारिक पैसेंजर फैसिलिटी पेज के मुताबिक पीने का पानी, शौचालय, व्हीलचेयर, लगेज ट्रॉली, मोबाइल चार्जिंग, मेडिकल और फर्स्ट एड, चाइल्ड केयर रूम, लॉस्ट एंड फाउंड और 45 मिनट का वाई-फाई मुफ्त मिलता है। दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए बैटरी ऑपरेटेड कार्ट भी निःशुल्क है। प्रेयर रूम जहां उपलब्ध है, वह भी मुफ्त है, लेकिन यह सभी एयरपोर्ट पर नहीं होता।
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