जानें इंडक्शन पर खाना बनाने के टिप्स एंड ट्रिक, LPG से सस्ता पड़ता है इस पर खाना बनाना
News In Short
- देश के कई हिस्सों में LPG सिलेंडर की कमी और सप्लाई में रुकावट हो रही है।
- इस समस्या के चलते इंडक्शन कुकटॉप की मांग अचानक बढ़ गई है।
- सोशल मीडिया पर इस पर मजेदार मीम्स और पोस्ट्स वायरल हो रहे हैं।
- कई लोग गैस की कमी से परेशान होकर इंडक्शन कुकटॉप खरीदने की ओर रुख कर रहे हैं।
- सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए कदम उठा रही है ताकि गैस सप्लाई प्रभावित न हो।
News In Detail
भारत में LPG सिलेंडर की कमी की खबरें सुनकर अब इंडक्शन कुकटॉप की मांग में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है। कई शहरों में होटल मालिक और आम लोग गैस सिलेंडर की कमी के चलते अब इंडक्शन कुकटॉप खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी इंडक्शन से जुड़ी पोस्ट्स और मीम्स खूब वायरल हो रहे हैं। अगर आपने भी इंडक्शन कुकटॉप पर काम शुरू कर दिया है, तो थोड़ी सी टिप्स एंड ट्रिक्स आपको जानना जरूरी हैं।
इंडक्शन कुकटॉप कैसे काम करता है?
इंडक्शन कुकटॉप सीधे बर्तन को गर्म करता है, न कि सतह को। इसमें विद्युत चुम्बकीय तरंगें (electromagnetic waves) बर्तन के तले में गर्मी पैदा करती हैं। इसीलिए इसमें केवल लोहे या स्टील के बर्तन ही काम करते हैं।
इंडक्शन के लिए सही बर्तन का कैसे चुनें
इंडक्शन पर हर बर्तन काम नहीं करता, इसलिए यह सबसे जरूरी है कि सही बर्तन को चुना जाए।
| काम करने वाले बर्तन- (Induction-Compatible) | काम न करने वाले बर्तन- (Non-Compatible) |
| कास्ट आयरन (लोहे की कढ़ाई): टिकाऊ और बेहतरीन हीट रिटेंशन। | एल्युमिनियम: यह धातु चुंबकीय (Magnetic) नहीं होती। |
| स्टेनलेस स्टील (Magnetic Grade): जिसके बेस पर चुंबक चिपक सके। | तांबा (Copper): तांबे के बर्तन इंडक्शन पर गर्म नहीं होते। |
| इंडक्शन-रेडी नॉन-स्टिक पैन: जिनका बेस विशेष रूप से तैयार हो। | कांच और मिट्टी के बर्तन: इनमें चुंबकीय गुण नहीं होते। |
| एनेमल्ड आयरन बर्तन: कोटिंग वाले लोहे के बर्तन। | साधारण नॉन-स्टिक पैन: जब तक उस पर इंडक्शन-रेडी न लिखा हो। |
पहचानने का आसान तरीका: बर्तन के नीचे चुम्बक लगाकर देखें- अगर चिपके तो इंडक्शन पर चलेगा।
इंडक्शन पर उपयोग के स्मार्ट तरीके
इंडक्शन उपयोग करने के दो आसान तरीके हैं-
तापमान नियंत्रण
- कम आंच (100–150°C): दूध गर्म करना, घी पिघलाना, चॉकलेट मेल्ट करना।
- मध्यम आंच (150–180°C): सब्जी, दाल, चावल पकाना।
- तेज आंच (200°C+): तलना, पानी जल्दी उबालना, रोटी सेंकना।
टाइमर का उपयोग
- हमेशा बिल्ट-इन टाइमर सेट करें, ताकि खाना जले नहीं।
- दूध उबालते समय 2–3 मिनट का टाइमर लगाएं।
- दाल के लिए 15–20 मिनट सेट करें।
बिजली बचाने के तरीके
- बर्तन का तला कुकटॉप की सतह जितना बड़ा हो, इससे ऊर्जा की बर्बादी कम होगी।
- ढक्कन लगाकर पकाएं, खाना जल्दी बनेगा और बिजली भी कम लगेगी।
- पानी उबालने के बाद आंच कम कर दें, बुलबुले आने के बाद तेज आंच जरूरी नहीं है।
- खाना बनने से 2–3 मिनट पहले इंडक्शन को बंद कर दें, बचे हुए ताप से खाना पकता रहेगा।
LPG गैस से सस्ता पड़ता है इंडक्शन
आंकड़े बताते हैं कि 4-5 सदस्य यानी एक सामान्य परिवार के लिए महीने भर घर का खाना बनाने में इंडक्शन का खर्चा घरेलू LPG सिलेंडर से कम आता है। इसके उपयोग से सालाना 3 हजार 500 से 4 हजार तक बचत हो सकती है।
एक सिलेंडर प्रतिमाह के औसत से खर्च की तुलना
| पैरामीटर | LPG गैस (14.2 kg सिलेंडर) | इंडक्शन (बिजली) |
| प्रति माह खर्च | 858 से 913 रुपए (औसत 1 सिलेंडर) | 624 रुपए (78 यूनिट यानी 8 रुपए /यूनिट) |
| उपयोग का आधार | पूरे महीने (4-5 सदस्यों का परिवार) | 4-5 घंटे डेली (1000W औसत पर) |
| सालाना खर्च | 10 हजार 300 रुपए से 11हजार रुपए | 7 हजार 500 रुपए |
खाना पकाने की खास तकनीकें
- तड़का: तेल पहले डालें, फिर आंच चालू करें, इससे तेल ज्यादा गर्म नहीं होगा।
- रोटी/चपाती: तवे को पहले 2 मिनट गर्म करें, फिर रोटी डालें।
- चावल: पानी उबलने के बाद आंच एकदम कम करें वरना नीचे से जल जाएगा।
- दूध: लगातार चलाते रहें और मध्यम आंच पर ही गर्म करें।
जरूरी सावधानियां
बिजली और सुरक्षा
- हमेशा अर्थिंग वाले सॉकेट का उपयोग करें।
- 15-16 एम्पियर का अलग सॉकेट लगवाएं, एक्सटेंशन बोर्ड से बचें।
- उपयोग के बाद मेन स्विच बंद जरूर करें।
- पानी या कोई भी तरल पदार्थ कुकटॉप के अंदर न जाने दें।
- गीले हाथों से छूने से बचें।
आग और ताप की सावधानी
- कुकटॉप के आसपास कपड़ा, अखबार या प्लास्टिक न रखें।
- खाली बर्तन कभी चालू इंडक्शन पर न रखें- ज्यादा गर्म होकर खराब हो सकता है।
- बर्तन हटाने के बाद सतह कुछ देर गर्म रहती है इसलिए छूने से बचें।
- बच्चों को इंडक्शन के पास अकेला न छोड़ें।
पेसमेकर उपयोगकर्ताओं के लिए
जिनके शरीर में पेसमेकर लगा हो, वे इंडक्शन (इलेक्ट्रिक इंडक्शन) कुकटॉप से उचित दूरी बनाए रखें क्योंकि इसकी विद्युत चुम्बकीय तरंगें पेसमेकर को प्रभावित कर सकती हैं।
रखरखाव और सफाई
- सफाई हमेशा बंद और ठंडा होने के बाद करें।
- गीले कपड़े से पोंछें, कोई भी रासायनिक क्लीनर इस्तेमाल न करें।
- खाना गिरने पर तुरंत साफ करें- जमा होने पर निकालना मुश्किल होता है।
- स्क्रबर या खुरदुरी चीज से कभी न रगड़ें, सतह खराब होगी।
- वेंटिलेशन स्लॉट साफ रखें ताकि मशीन ज्यादा गर्म न हो।
इंडक्शन बनाम गैस
इंडक्शन पर खाना गैस (LPG सिलेंडर) से थोड़ा अलग पकता है। आंच का असर तुरंत होता है, इसलिए शुरुआत में आदत डालने में थोड़ा समय लग सकता है। तापमान बहुत सटीक होता है इसलिए, एक बार सही सेटिंग समझ लें तो खाना हमेशा एक जैसा बनेगा।
सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो इंडक्शन कुकटॉप गैस से 30-40% ज्यादा ऊर्जा कुशल होता है और रसोई भी साफ रहती है।
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