स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान की दादागीरी, भारतीय जहाजों पर की गोलीबारी

Sandeep Kumar | Apr 18, 2026, 23:58 IST
hormuz strait
ईरान ने होर्मुज जलमार्ग में भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की है। इस पर भारत ने कड़ी नाराजगी जताई। भारत ने जहाजों के शीघ्र निकासी की मांग की है।

News in Short

  • ईरान की नौसेना ने होर्मुज जलमार्ग में दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की।
  • भारत ने ईरान से जहाजों को तुरंत मुक्त करने की मांग की।
  • यह पहली बार है जब भारतीय ध्वज वाले जहाज पर ईरान ने हमला किया।
  • हमला ईरान और अमेरिका के बीच नियंत्रण विवाद का परिणाम माना जा रहा है।
  • इस घटना से भारत-ईरान द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ सकता है, खासकर तेल और गैस व्यापार पर।

News in detail

पश्चिम एशिया के संघर्ष के कारण होर्मुज जलमार्ग में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान की नौसेना ने शनिवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो भारतीय जहाजों समेत तीन जहाजों पर गोलीबारी की। साथ ही उन्हें जबरन पश्चिम दिशा में वापस मोड़ दिया। इनमें से एक जहाज इराक से 20 लाख टन तेल लेकर भारत आ रहा था। ईरान सरकार की मीडिया ने इस घटना की पुष्टि की है।



भारत ने जताई कड़ी नाराजगी

इस घटना की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने तत्काल कार्रवाई की। विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहाली को बुलाकर भारत की नाराजगी से अवगत कराया। भारत ने यह मांग की कि होर्मुज में फंसे भारतीय जहाजों को जल्द से जल्द निकाला जाए। भारत ने इस घटना को गंभीर बताते हुए तुरंत समाधान की आवश्यकता जताई।



भारत ने पहले भी कई बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की थी। पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नाविकों और जहाजों पर हुए हमले को अस्वीकार्य बताया था।



ईरान की ओर से पहली बार हमला

यह पहली बार है जब भारतीय ध्वज वाले जहाज पर ईरान की तरफ से हमला किया गया है। इससे पहले भारत के जहाजों को हमेशा सुरक्षित मार्ग प्रदान करने में ईरान ने सहयोग किया था। लेकिन इस बार स्थिति अलग थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह दुर्लभ घटना है, जब ईरानी राजदूत को मंत्रालय में बुलाया गया।



क्यों हुआ हमला?

यह हमला होर्मुज जलमार्ग पर ईरान और अमेरिका के बीच नियंत्रण बनाए रखने की रस्सा-कस्सी का परिणाम माना जा रहा है। कुछ दिन पहले ही ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज को वाणिज्यिक जहाजों के आवागमन के लिए खोलने की सहमति बनी थी। लेकिन कुछ घंटों में ही यह सहमति टूट गई और इस हमले के बाद होर्मुज जलमार्ग से सुरक्षित आवागमन की संभावना क्षीण हो गई।



भारत-ईरान संबंधों पर असर

यह घटना भारत और ईरान के द्विपक्षीय संबंधों पर भी असर डाल सकती है, क्योंकि दोनों देशों के बीच तेल और गैस के व्यापार की बड़ी साझेदारी है। भारत अपनी 60% तेल और गैस होर्मुज जलमार्ग से आयात करता है, और इस घटनाक्रम से समुद्री सुरक्षा पर चिंता बढ़ी है।



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