जम्मू-कश्मीर में ईरान के लिए दान की होड़, गहने और नकद कर रहे डोनेट
News in Short
- कश्मीर के शिया मुस्लिम समुदाय ने ईरान के लिए दान किया।
- दान में नकदी, गहने और अन्य सामान शामिल हैं।
- कश्मीर की छह साल की बच्ची ने गुल्लक के पैसे दान किए।
- इस दान को मानवीय और धार्मिक दृष्टिकोण से देखा गया।
- कश्मीरी नेताओं ने भी दान अभियान का समर्थन किया।
News in Detail
भारत में हालिया ईरान संकट के बाद, जम्मू-कश्मीर के शिया मुस्लिम समुदाय ने आर्थिक मदद के लिए दान किया। कश्मीर घाटी में लोग गहने, नकदी और अन्य सामान एकत्र कर रहे हैं। इसका उद्देश्य ईरान के युद्धग्रस्त लोगों की मदद करना है।
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कश्मीर में दान की लहर
कश्मीर के कई हिस्सों में मस्जिदों और नुक्कड़ों पर लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा है। यह समुदाय पिछले कुछ हफ्तों से ईरान के संकट में घिरे नागरिकों की मदद करने के लिए एकजुट होकर दान कर रहा है। यह कदम शिया मुस्लिमों द्वारा मानवीय और धार्मिक दृष्टिकोण से उठाया गया है। दान की प्रक्रिया में लाखों रुपये और सोने के गहनों का योगदान हुआ है।
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छह साल की बच्ची ने गुल्लक दान किया
कश्मीर की छह साल की सैयद अनम जेहरा ने ईरान के लिए तीन साल से जमा किए गए अपने गुल्लक के पैसे दान किए। जब उनसे पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "यह ईरान के लिए है।" उनका यह कदम समाज में एकता और सहानुभूति का प्रतीक बन गया।
ऑल जम्मू एंड कश्मीर शिया एसोसिएशन के अध्यक्ष इमरान रजा अंसारी ने इस दान को एक मानवीय और धार्मिक कार्य बताया। उन्होंने कहा कि यह दान ईरान के लोगों के लिए एकजुटता और प्रेम का प्रतीक है। कुछ व्यक्तियों को अधिकारियों के फोन आ रहे हैं। वे दान के विवरण की मांग कर रहे हैं। इस पर उन्होंने अधिकारियों से समझदारी से निपटने की अपील की।
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कश्मीरी राजनीतिक नेतृत्व का समर्थन
इस दान अभियान में कश्मीर के प्रमुख राजनीतिक नेता भी शामिल हुए हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारुख अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने ईरानी दूतावास जाकर शोक व्यक्त किया। उन्होंने शोक किताब पर हस्ताक्षर किए। इन नेताओं ने ईरान के प्रति अपना समर्थन और सहानुभूति व्यक्त की है।
इस दान अभियान का उद्देश्य यह संदेश देना था कि कश्मीर के लोग ईरान के संकट में उसके साथ खड़े हैं। कश्मीर के नागरिकों ने दिखाया कि वे मदद के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपने धार्मिक और मानवतावादी कर्तव्यों को समझा। वे किसी भी आवश्यकता के समय एकजुट होकर मदद करेंगे।