ईरान-इजराइल युद्ध का 21वां दिन: पीएम मोदी ने 5 देशों के नेताओं से की बात, अमेरिका ने सेना भेजने से किया इनकार, नेतन्याहू अब अकेले!
Iran Israel War: इजराइल ईरान जंग का आज 21वां दिन है। इसके आर्थिक प्रभाव अब केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहे हैं। तेल और गैस की कीमतों में अचानक भारी उछाल दर्ज किया गया है। कतर के गैस प्लांट पर हमले से सप्लाई में बड़ी गिरावट आई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कई वैश्विक नेताओं से शांति के लिए बात की है। उधर डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल अमेरिकी सेना भेजने से साफ इनकार किया है। नेतन्याहू ने अब ईरान के गैस फील्ड्स पर हमले रोकने का वादा किया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव से वैश्विक शिपिंग रूट्स पर संकट गहरा गया है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस महायुद्ध के अगले कदम पर टिकी हैं।
तेल और गैस बाजार में उछाल
युद्ध के 21 दिनों में दुनिया भर में ऊर्जा सप्लाई, शिपिंग रूट्स और ईंधन बाजार पर भारी दबाव बन चुका है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के साथ-साथ कई और देशों में भी आर्थिक तनाव बढ़ रहा है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आया ये व्यवधान तेल और गैस बाजार के लिए बड़ा झटका साबित हुआ है। इसने प्राकृतिक गैस की कीमतों में लगभग 10% की बढ़ोतरी कर दी है। 27 फरवरी से लेकर मध्य मार्च तक गैस की कीमतें $2.9 से बढ़कर $3.2 प्रति MMBtu तक पहुंच गईं।
पीएम मोदी ने 5 देशों के नेताओं से की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कतर, फ्रांस, जॉर्डन, ओमान और मलेशिया के नेताओं से फोन पर बात की। इस बातचीत में उन्होंने पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति को लेकर चिंता जताई। मोदी ने क्षेत्र में संघर्ष को कम करने की अपील की और वहां के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए जल्द से जल्द बातचीत और कूटनीति की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और स्वतंत्र नेविगेशन पर भी जोर दिया।
इजराइल ईरान युद्ध: 19 - 18 मार्च 2026 के बड़े अपडेट्स
1. पेंटागन की 200 अरब डॉलर की मांग
अमेरिका का रक्षा विभाग, पेंटागन, ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए 200 अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग की मांग कर रहा है। यह प्रस्ताव व्हाइट हाउस को भेजा गया है, लेकिन इस पर अंतिम फैसला अमेरिकी कांग्रेस को लेना होगा। इस राशि की मांग पर कांग्रेस में बहस होना तय है।
2. नेतन्याहू का बयान - अमेरिका शामिल नहीं था
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला इजराइल ने अकेले किया था। इसमें अमेरिका का कोई हाथ नहीं था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइल से ऐसे हमले रोकने का अनुरोध किया है।
3. कतर ने ईरान का दावा खारिज किया
कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल थानी ने ईरान के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि कतर में गैस सुविधाओं पर हमले अमेरिकी हितों को निशाना बना रहे थे। कतर ने इसे पूरी तरह निराधार बताया है।
4. कतर की LNG क्षमता में 17% की कमी
कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए मिसाइल हमलों से देश की LNG क्षमता में 17% की कमी आई है। इससे कतर को सालाना 20 अरब डॉलर का नुकसान होगा और मरम्मत में पांच साल तक का समय लग सकता है। यह स्थिति वैश्विक ऊर्जा संकट को जन्म दे सकती है।
5. यूरोपीय संघ का ईरान के खिलाफ बयान
यूरोपीय परिषद ने ईरान के सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की है। ईयू ने प्रभावित देशों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की और नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमलों को तुरंत रोकने की अपील की है। यह बयान यूरोपीय नेताओं के शिखर सम्मेलन के बाद जारी किया गया।
6. नेतन्याहू का बयान - ट्रंप के अनुरोध पर नहीं करेंगे हमला
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर अब वे ईरान के गैस फील्ड पर और हमले नहीं करेंगे। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष जल्दी खत्म हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की कोशिश करता है, तो वह सफल नहीं होगा।
7. ट्रम्प का बयान - सैनिक नहीं भेज रहे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल अमेरिका मिडिल ईस्ट में सैनिक नहीं भेज रहा है। ट्रम्प ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर भेजता भी, तो मैं आपको बताता नहीं, लेकिन हम सैनिक नहीं भेज रहे हैं।
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