पाकिस्तान से सीजफायर वार्ता कर रहे ईरानी सलाहकार खराजी अमेरिकी हमले में घायल, पत्नी की मौत
News In Short
- खराजी पर अमेरिकी हमले में पत्नी की मौत।
- ट्रंप ने ईरान पर जीत का दावा किया।
- खराजी पाकिस्तान से सीजफायर वार्ता में थे।
- ट्रंप ने ईरान के सैन्य क्षमता को खत्म बताया।
- ट्रंप ने ईरान को पाषाण काल में भेजने की धमकी दी।
News In Detial
ईरान-इजराइल युद्ध:ईरान के पूर्व विदेश मंत्री और वर्तमान में स्ट्रैटेजिक फॉरेन रिलेशंस काउंसिल के चेयरमैन कमाल खराजी पर अमेरिका ने हमला किया। इस हमले में उनकी पत्नी की मौत हो गई और खराजी गंभीर रूप से घायल हो गए।
खराजी पाकिस्तान के साथ सीजफायर वार्ता को लेकर बैकचैनल में संपर्क में थे। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अपनी जीत का दावा कर दिया है।
ईरानी सलाहकार कमाल खराजी घायल
ईरान के पूर्व विदेश मंत्री और वर्तमान में ईरान की स्ट्रैटेजिक फॉरेन रिलेशंस काउंसिल के चेयरमैन कमाल खराजी पर अमेरिका ने एक सशस्त्र हमला किया। इस हमले में खराजी की पत्नी की मौत हो गई, और वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
खबरों के अनुसार, खराजी पाकिस्तान के साथ सीजफायर वार्ता के लिए बैकचैनल से संपर्क में थे। हालांकि, इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह हमला ईरान के खिलाफ अमेरिका द्वारा बढ़ाए गए सैन्य दबाव का हिस्सा माना जा रहा है।
पाकिस्तानी सीजफायर वार्ता में सक्रिय थे खराजी
खराजी, जो ईरान के सर्वोच्च नेता को विदेश नीति के मामलों में सलाह देते हैं, पिछले कुछ समय से पाकिस्तान के साथ सीजफायर वार्ता को लेकर सक्रिय थे। हालांकि, इस विषय पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
इससे पहले खराजी ने संकेत दिए थे कि ईरान अमेरिका के साथ कोई भी बातचीत करने के लिए तैयार हो सकता है, लेकिन उनका कहना था कि फिलहाल अमेरिका से कूटनीतिक संबंधों की कोई संभावना नहीं है।
ट्रंप का ईरान पर जीत का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के बाद एक संबोधन में दावा किया कि अमेरिका ने ईरान से युद्ध में जीत हासिल की है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की सैन्य ताकत अब कमजोर हो गई है, विशेष रूप से उनकी मिसाइल-ड्रोन क्षमता और नौसेना की शक्ति खत्म हो चुकी है।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान को पाषाण काल में भेज देगा। ट्रंप के भाषण में किसी भी नई रणनीति का उल्लेख नहीं था, और उन्होंने पिछले बयान को दोहराया।
ट्रंप की युद्ध समाप्ति की बातचीत की संभावना
हालांकि, ट्रंप ने ईरान से युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत की बात की, जबकि एक दिन पहले उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें समझौते की कोई आवश्यकता नहीं है।
ट्रंप ने इस युद्ध को अमेरिकी भविष्य के लिए आवश्यक बताते हुए इसका समर्थन किया। ट्रंप के भाषण में कोई नई दिशा नहीं थी, लेकिन वह यह मानते हैं कि यह संघर्ष अमेरिकियों के लिए आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है।
ट्रंप का सैन्य अभियान में कोई नया ऐलान नहीं
ट्रंप ने 19 मिनट का भाषण दिया, जिसमें उन्होंने वही बातें दुहराईं जो पहले से कहते आ रहे थे। उन्होंने इराक और वियतनाम जैसे पिछले अमेरिकी युद्धों का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान से युद्ध अभी दूसरे महीने में ही पहुंची है। ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि लोगों को आर्थिक परेशानी हो रही है, लेकिन उन्होंने इसे भविष्य के निवेश के रूप में देखा।
भविष्य में अमेरिका-ईरान के कैसे होंगे रिश्ते
ट्रंप के भाषण में स्पष्ट रूप से कोई नई बात नहीं थी। उन्होंने कहा कि ईरान से युद्ध को बढ़ाना आवश्यक था, और यह संघर्ष अगले कुछ सालों तक चल सकता है।
हालांकि, उन्होंने एक दिन पहले यह कहा था कि अमेरिका को किसी समझौते की जरूरत नहीं है। ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट संकट के बारे में भी बात की और कहा कि इसके सुरक्षा की जिम्मेदारी अब दूसरे देशों को लेनी चाहिए।
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