भारतीयों ने क्यों बदल लिए हैं अपने समर वेकेशन प्लान, जानें इसके पीछे की वजह

Anjali Dwivedi | May 03, 2026, 18:13 IST
Indian Summer Travel Plans
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव ने भारतीयों के यात्रा करने के तरीके को बदल दिया है। अब यात्री लंबी यात्राओं के बजाय सुरक्षा, लचीलेपन और शॉर्ट-हॉल डेस्टिनेशन को प्राथमिकता दे रहे हैं।

मई का महीना आते ही हर भारतीय घर में समर वेकेशन की चर्चा शुरू हो जाती है। लेकिन इस साल, चिलचिलाती धूप और बंद होते स्कूलों के उत्साह के बीच एक अनकहा डर और अनिश्चितता भी घर कर गई है।



ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव की वजह से न सिर्फ हवाई टिकटें महंगी हो गई हैं, बल्कि भारतीयों के घूमने-फिरने का तरीका भी बदल गया है। अब लोग सिर्फ यह नहीं देख रहे कि जाना कहाँ है, बल्कि यह भी सोच रहे हैं कि वहां जाना कितना सुरक्षित है।



Indian Summer Travel Plans


अब पसंद से ज्यादा सुरक्षा पर है जोर

यात्रा नियोजन प्लेटफॉर्म रोमियो के संस्थापक सुमंथ डोंथी का कहना है कि भारतीय यात्री अब पहले से कहीं अधिक समझदार हो गए हैं। उनके मुताबिक, यात्रा के इरादे में कोई कमी नहीं आई है, लेकिन सोच पूरी तरह बदल गई है।



पहले लोग अपनी पसंद की जगह जाने के लिए उत्साहित रहते थे, लेकिन अब वे व्यवहारिकता को प्राथमिकता दे रहे हैं। यात्री अब बुकिंग से पहले खुद से पूछते हैं अगर परिस्थितियां बिगड़ीं, तो मैं घर कितनी आसानी से वापस आ पाऊंगा?



जब क्रूज पर फंसे अपने, तो बदला नजरिया

आजकल दुनिया में जो परेशानियां (ईरान अमेरिका जंग) चल रही हैं, उसका असर लोगों के दिमाग पर पड़ने लगा है। डोंथी ने अपने ही परिवार का एक किस्सा बताया। उनके परिवार का एक सदस्य कतर के पास छिड़े संघर्ष की वजह से करीब 10 दिन तक एक जहाज पर फंसा रहा।



ऐसी घटनाओं ने लोगों को डरा दिया है। अब लोग कोई भी बुकिंग करने से पहले खतरे का अंदाजा जरूर लगा रहे हैं



शॉर्ट-हॉल डेस्टिनेशन और सुरक्षा का नया ट्रेंड

क्लियरट्रिप की मुख्य व्यवसाय अधिकारी मंजरी सिंघल बताती हैं कि पश्चिम एशिया की स्थिति ने लोगों में सावधानी की एक अतिरिक्त परत जोड़ दी है। इसका नतीजा यह है कि लोग अब लंबी दूरी की उड़ानों के बजाय कम दूरी की अंतरराष्ट्रीय यात्राओं को चुन रहे हैं।



थाईलैंड, वियतनाम और मलेशिया जैसे देश अपनी सुगमता और सुरक्षा के कारण पहली पसंद बने हुए हैं। क्योंकि यहां की फ्लाइट सिर्फ 3-4 घंटे की होती है। दिलचस्प बात यह है कि फिलीपींस में बुकिंग में तीन गुना उछाल आया है, जबकि कजाकिस्तान का अल्माटी भी लोकप्रिय हो रहा है।



मानसिक शांति अब एक प्रीमियम प्रोडक्ट

आज के दौर में लोग सुकून (Summer vacation) के लिए थोड़े ज्यादा पैसे खर्च करने से भी पीछे नहीं हट रहे। अब रिफंडेबल बुकिंग, आसानी से कैंसिल होने वाले टिकट और यात्रा बीमा कोई ऑप्शन नहीं, बल्कि जरूरत बन गए हैं। क्लियरट्रिप के मुताबिक, ऐसे टिकट और बीमा लेने वालों की संख्या 100% तक बढ़ गई है। यानी अब यात्री रिस्क बिल्कुल नहीं लेना चाहते।



अपने देश की सैर का चढ़ा क्रेज

सावधानी का मतलब यह नहीं कि लोगों ने घर से निकलना बंद कर दिया है। लोग अब अपने ही देश में नई जगहें तलाश रहे हैं। ताज्जुब की बात यह है कि मई की गर्मी में भी जैसलमेर की बुकिंग 300% बढ़ गई है। इसके अलावा कश्मीर, गोवा और उत्तर-पूर्व के शिलांग और गुवाहाटी जैसे शहरों में भी पर्यटकों की भारी भीड़ देखी जा रही है।



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