क्या तितलियों को याद रहती हैं पुरानी बातें? जापानी छात्र का बड़ा खुलासा

Manya Jain | Aug 05, 2026, 18:10 IST
japan student butterfly memory research
जापान के 10 साल के जो नगाई ने अनोखी वैज्ञानिक रिसर्च की है। उसने साबित किया कि तितलियां कायापलट के बाद भी यादें बरकरार रखती हैं। यह यादें अगली पीढ़ी में भी ट्रांसफर होती हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जापान के 10 साल के छात्र जो नगाई ने तितलियों पर शोध किया।
  • शोध में पता चला कि तितलियों को अपनी पुरानी बातें याद रहती हैं।
  • कैटरपिलर से तितली बनने के दौरान भी यादें नष्ट नहीं होती हैं।
  • यह यादें एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में आसानी से पहुंच जाती हैं।
  • इस ऐतिहासिक वैज्ञानिक खोज से दुनिया भर के विशेषज्ञ काफी हैरान हैं।

10 साल के बच्चे का अनोखा जुनून

जापान के कोबे शहर में रहने वाले जो नगाई की उम्र सिर्फ दस साल है। इस उम्र में बच्चे खेलकूद और टीवी देखने में व्यस्त रहते हैं।



जो नगाई ने अपना खाली समय एशियन स्वैलोटेल तितलियों को पालने में लगाया। वह तितलियों की देखरेख घर पर ही बहुत ध्यान से करता था।





जब वह उन्हें छोड़ता, वे हवा में घूमकर उसके पास आ जाती थीं। इस व्यवहार ने जो के मन में एक गहरा सवाल पैदा किया।



क्या तितलियां इंसानों और अपने पुराने अनुभवों को पहचान सकती हैं? इस सवाल का जवाब खोजने के लिए उसने एक नया प्रयोग शुरू किया।



वैज्ञानिक से ऑनलाइन गाइडेंस

जो ने इस विषय पर इंटरनेट पर वैज्ञानिक रिसर्च खोजना शुरू किया। उसे अमेरिका की कीट-वैज्ञानिक डॉक्टर मार्था वीस के शोध का पता चला।



डॉक्टर वीस ने कीटों की याद्दाश्त पर पहले भी रिसर्च की थी। जो नगाई ने अपनी उत्सुकता के साथ डॉक्टर वीस को मेल भेजा।



डॉक्टर वीस बच्चे की वैज्ञानिक समझ से बहुत ज्यादा खुश हुईं। उन्होंने इस छोटे बच्चे को खुद ऑनलाइन गाइडेंस देना शुरू कर दिया।



दोनों ने मिलकर लैब के कठिन प्रयोगों को बेहद आसान बनाया। घर में उपलब्ध सामान से प्रयोग करने की नई योजना तैयार की।



घर के सामान से तैयार किया साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट

कैटरपिलर जब तितली बनता है, तो उसका शरीर पूरी तरह पिघल जाता है। इस प्रक्रिया को वैज्ञानिक भाषा में कायापलट या मेटामॉर्फोसिस कहते हैं।



जो ने घर के एक वाइब्रेटिंग डिवाइस का इस्तेमाल किया। उसने कैटरपिलर को लैवेंडर तेल की खुशबू के साथ हल्का वाइब्रेशन दिया।



कैटरपिलर को वाइब्रेशन के कारण लैवेंडर की गंध से नफरत होने लगी। उसने प्रयोग के लिए एक नियंत्रण समूह भी अलग से रखा था।



अब देखना यह था कि क्या तितली बनने के बाद भी यह याद रहेगी। जो ने अपनी रिसर्च का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया।



कायापलट के बाद भी सुरक्षित रहीं यादें

जब कोकून से सुंदर तितलियां बाहर निकलीं, तो उनका परीक्षण किया गया। जो ने परीक्षण के लिए वाई-आकार की एक ट्यूब बनाई।



ट्यूब के एक तरफ लैवेंडर की गंध थी और दूसरी तरफ कुछ नहीं। ट्रेनिंग पाई हुई तितलियां तुरंत लैवेंडर वाली तरफ से दूर भागने लगीं।



इससे साबित हो गया कि शरीर का पुनर्गठन यादें नहीं मिटा सका। कायापलट के बाद भी कैटरपिलर के दिन की यादें पूरी तरह सुरक्षित थीं।



जो नगाई के इस सफल प्रयोग ने वैज्ञानिकों को पूरी तरह हैरान कर दिया। उसने अपने इस प्रयोग को बार-बार दोहराकर सही साबित किया।



क्या यादें एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर होती हैं?

जो नगाई यहीं नहीं रुका, उसके मन में नया सवाल खड़ा हुआ। क्या ये यादें अगली पीढ़ी के बच्चों में भी जा सकती हैं?



उसने प्रशिक्षित तितलियों की अगली पीढ़ियों पर नए टेस्ट किए। हैरानी की बात थी कि उनकी संतानों ने भी लैवेंडर से दूरी बनाई।



उनकी संतानों को कभी वाइब्रेशन की कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। फिर भी वे प्राकृतिक रूप से लैवेंडर की खुशबू से दूर ही रहीं।



जो को पीढ़ी-दर-पीढ़ी यादें ट्रांसफर होने के पक्के सबूत मिल गए। उसने साबित किया कि अनुभव अनुवांशिक रूप से आगे बढ़ सकते हैं।



ग्लोबल एक्सपर्ट्स की तारीफ

जो नगाई ने अपने पूरे शोध की 33 पेज की विस्तृत रिपोर्ट लिखी। उसने जापान में आयोजित इंटरनेशनल कांग्रेस ऑफ एंटोमोलॉजी में इसे पेश किया।



डॉक्टर मार्था वीस खुद जो से मिलने और सराहना करने जापान पहुंचीं। उन्होंने जापान के क्राउन प्रिंस को भी इस खोज की जानकारी दी।



यह खोज बताती है कि बड़ों के अनुभव अगली पीढ़ी को प्रभावित करते हैं। तितलियां बिना सिखाए भी अपनी संतानों को सुरक्षा की सीख देती हैं।



दस साल के एक बच्चे ने विज्ञान जगत में नया इतिहास रच दिया। आज दुनिया भर के विशेषज्ञ इस जापानी बच्चे की तारीफ कर रहे हैं।



FAQ

  1. जो नगाई कौन हैं और उन्होंने तितलियों पर क्या नई खोज की है?
    जो नगाई जापान के कोबे शहर में रहने वाले 10 साल के एक छात्र हैं। उन्होंने अपनी रिसर्च में यह अद्भुत खोज की है कि स्वैलोटेल तितलियां कायापलट (मेटामॉर्फोसिस) की प्रक्रिया से गुजरने के बाद भी अपने कैटरपिलर जीवन के अनुभवों और यादों को सुरक्षित रखती हैं।
  2. क्या तितलियों की यादें अगली पीढ़ी में भी ट्रांसफर हो सकती हैं?
    जी हां, जो नगाई के प्रयोग से यह साबित हुआ है कि तितलियों की यादें पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे ट्रांसफर होती हैं। बिना किसी प्रशिक्षण के भी अगली पीढ़ी की तितलियों ने उसी गंध से दूरी बनाई, जिससे दूर रहने का प्रशिक्षण उनके माता-पिता को दिया गया था।
  3. इस शोध में किस वैज्ञानिक ने जो नगाई का मार्गदर्शन किया था?
    अमेरिका की जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की प्रसिद्ध कीट-वैज्ञानिक (Entomologist) डॉक्टर मार्था वीस ने इस शोध में जो नगाई का मार्गदर्शन किया। उन्होंने इस छोटे बच्चे की उत्सुकता से प्रभावित होकर ऑनलाइन मेंटरशिप दी और घर में वैज्ञानिक प्रयोग करने में मदद की।

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