कैंसर की आशंका के बीच 5.5 अरब डॉलर का मुआवजा बांटेगा जॉनसन बेबी
समझें क्या है पूरा मामला
- जॉनसन एंड जॉनसन ने अमेरिका में 5.5 अरब डॉलर (52 हजार 561 करोड़) देने की पेशकश की है।
- यह पैसा हजारों मुकदमों को निपटाने के लिए दिया जाएगा।
- आरोप है कि कंपनी के टैल्क बेबी पाउडर से ओवेरियन कैंसर होता है।
- कंपनी ने इन आरोपों से हमेशा इनकार किया है।
- विवाद के बाद कंपनी अपने बेबी पाउडर का फॉर्मूला भी बदल चुकी है।
बच्चों के पाउडर पर क्यों उठे सवाल
जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी पाउडर दशकों से घर-घर में इस्तेमाल होता रहा है। मां-बाप इसे नवजात बच्चों की त्वचा पर लगाते आए हैं। लेकिन 2009 से इस पाउडर को लेकर मुकदमे शुरू हुए। महिलाओं ने आरोप लगाया कि सालों तक इस पाउडर के इस्तेमाल से उन्हें ओवेरियन कैंसर हुआ। इसी वजह से बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे।
टैल्क क्या है और खतरा क्यों
टैल्क एक प्राकृतिक खनिज है। यह मैग्नीशियम, सिलिकॉन और ऑक्सीजन से मिलकर बनता है। यह बहुत मुलायम होता है और नमी सोख लेता है। इसी गुण के कारण इसे बेबी पाउडर में इस्तेमाल किया जाता रहा है। टैल्क जमीन से निकाला जाता है। यह अक्सर एस्बेस्टस (Asbestos – एक खनिज पदार्थ) की परतों के पास पाया जाता है। एस्बेस्टस से कैंसर होने का खतरा माना जाता है। इसी वजह से लोगों को डर है कि टैल्क वाला बेबी पाउडर भी नुकसानदायक हो सकता है।
कंपनी ने क्या सफाई दी
कंपनी ने बार-बार कहा है कि उसका पाउडर पूरी तरह सुरक्षित है। बीबीसी (BBC – British Broadcasting Corporation) की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने कहा कि रिसर्च से पता चलता है कि टैल्क में एस्बेस्टस नहीं होता। कंपनी में मुकदमों से जुड़े मामलों के उपाध्यक्ष एरिक हास ने 27 जुलाई 2026 को कहा कि ये आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी इस विवाद को हमेशा के लिए खत्म करना चाहती है।
76 हजार मामलों का समझौता
यह प्रस्तावित समझौता करीब 76 हजार मामलों को कवर करेगा। यह टैल्कम बेबी पाउडर से जुड़े ज्यादातर बचे हुए दावों का हिस्सा है। कंपनी अगले साल 3 अरब डॉलर का भुगतान करेगी। बाकी 2.5 अरब डॉलर 2028 में दिए जाएंगे। इस समझौते को अंतिम रूप देने से पहले कानूनी फर्मों की मंजूरी जरूरी होगी। ये फर्में 95 फीसदी दावों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
क्या बच्चों के लिए पाउडर अभी भी खतरनाक है
एरिक हास ने कहा कि अगर मुकदमे आगे भी चलते तो कंपनी की ही जीत होती। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मामलों में अदालतों ने कंपनी के पक्ष में फैसला दिया है। इस साल जुलाई की शुरुआत में एक संघीय अदालत ने भी कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया था। अदालत ने कहा कि मुकदमा करने वाला व्यक्ति सीधा संबंध साबित नहीं कर पाया।
हालांकि, माता-पिता के मन में सवाल अब भी बना हुआ है। कई अभिभावक बच्चों पर टैल्क आधारित पाउडर लगाने से बचने लगे हैं। डॉक्टर भी अक्सर सलाह देते हैं कि नवजात की नाजुक त्वचा पर पाउडर का इस्तेमाल सोच-समझकर करें।
फॉर्मूला बदलने की कहानी
2022 में जॉनसन एंड जॉनसन ने बड़ा फैसला लिया था। कंपनी ने कहा था कि वह अब दुनिया भर में टैल्क आधारित बेबी पाउडर नहीं बेचेगी। अमेरिका में बिक्री बंद करने के दो साल बाद यह फैसला हुआ था। कंपनी ने उस समय कहा था कि अब वह पूरी तरह मकई के स्टार्च से बेबी पाउडर बनाएगी। यानी नया पाउडर टैल्क मुक्त है।
केनव्यू की जिम्मेदारी
जॉनसन एंड जॉनसन की पूर्व कंज्यूमर हेल्थ कंपनी केनव्यू को 2022 में अलग किया गया था। केनव्यू बैंड-एड, लिस्टरिन और कैलपोल जैसे ब्रांड की मालिक है। उत्तरी अमेरिका के बाहर जॉनसन बेबी पाउडर से जुड़े कई दायित्व अब केनव्यू के पास हैं।
एरिक हास ने कहा कि यह समझौता कंपनी को आगे बढ़ने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि कंपनी अपनी असली जिम्मेदारी पर ध्यान देना चाहती है। यह जिम्मेदारी है लोगों की जान बचाने वाली दवाइयां और मेडिकल उपकरण बनाना।
एक्सपर्ट कोट्स
जॉनसन एंड जॉनसन में मुकदमों से जुड़े मामलों के उपाध्यक्ष एरिक हास ने कहा कि आरोप निराधार हैं और कंपनी इस मामले को हमेशा के लिए खत्म करना चाहती है (स्रोत: बीबीसी)।
कंपनी के आधिकारिक बयान के मुताबिक, रिसर्च से पता चलता है कि टैल्क सुरक्षित है, इसमें एस्बेस्टस नहीं होता (स्रोत: बीबीसी)।
नोट: इस विषय पर स्वतंत्र चिकित्सा विशेषज्ञ या बाल रोग विशेषज्ञ का कोई वेरिफाइड कोट स्रोत में उपलब्ध नहीं है। प्रकाशन से पहले संबंधित एक्सपर्ट से संपर्क कर कोट लें।
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