कंगना रनौत ने मांगी माफी, किसान आंदोलन में महिला से बोला था-१०० रु लेकर महिलाएं करती हैं आंदोलन

Manya Jain | Oct 27, 2025, 18:17 IST
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कंगना रनौत, जो हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद हैं, बठिंडा कोर्ट में मानहानि केस में पेश हुईं। उन्हें सुरक्षा घेरे में कोर्ट तक लाया गया । कोर्ट में पेश होने के बाद कंगना ने मीडिया से बातचीत कर इस मामले को एक मिस अंडरस्टैंडिंग बताया।

राजेश नेगी @ Bathinda. हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद और बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने मानहानि केस में बठिंडा कोर्ट में पेशी के लिए पहुंची। उन्हें सुरक्षा घेरे में कोर्ट तक लाया गय। इस दौरान पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए नाकाबंदी कर रखी थी।



बठिंडा कोर्ट में कंगना रनौत की पेशी के बाद उन्होंने मीडिया से बात की। इसमें उन्होंने इस पूरे मामले को एक मिस अंडरस्टैंडिंग (misunderstanding) बताया है। साथ ही इस मामले में माफी मांगी।



कंगना का बयान

कंगना ने अपने बयान में कहा



सांसद ने यह भी कहा कि



सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था

इस दौरान बठिंडा में पुलिस ने सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की थी। बठिंडा सिटी के एसपी नरिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस का मुख्य ध्यान लॉ एंड ऑर्डर (law and order) स्थिति को बनाए रखना था। मीडिया के लिए भी एक दायरा निर्धारित किया गया था, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।



2021 में हुआ था मानहानि केस

यह मामला 2021 का है, जब भारत में किसान आंदोलन चल रहा था। कंगना रनौत ने ट्वीट किया था कि किसान आंदोलन में महिलाएं 100 रुपए लेकर धरने में शामिल होती हैं। इस ट्वीट में एक 87 वर्षीय महिला किसान महिंदर कौर की फोटो थी।



कंगना ने इसे हाहाहा (haha) के साथ मजाकिया अंदाज में लिखा था और दावा किया था कि यह महिला 100 रुपए लेकर आंदोलन में शामिल होती है।



महिंदर कौर ने इस ट्वीट के खिलाफ बठिंडा कोर्ट में मानहानि का केस दायर किया था। कंगना का कहना था कि वह केवल एक वकील की पोस्ट को री-ट्वीट कर रही थीं, और उनका किसी भी अपमान का इरादा नहीं था।



कंगना के केस की टाइमलाइन

महिंदर कौर ने 4 जनवरी 2021 को कंगना के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया था। इसके बाद करीब 13 महीने तक सुनवाई चली, और अंततः बठिंडा की अदालत ने कंगना को समन जारी करते हुए पेश होने का आदेश दिया।



कंगना ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में राहत की याचिका दायर की थी, लेकिन इसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद कंगना ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां से भी कोई राहत नहीं मिली।



कंगना का कृषि आंदोलन पर नजरिया

कंगना ने इस पूरे मामले में कहा कि उनका किसी को भी नीचा दिखाने का इरादा नहीं था। उन्होंने कहा, "मुझे किसानों और महिलाओं का सम्मान है, और मैंने किसी को भी अपमानित करने की कोशिश नहीं की।"



कंगना के इस बयान से साफ है कि उन्होंने पूरे मामले को एक गलतफहमी के रूप में प्रस्तुत किया और इसका कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक एजेंडा नहीं था।



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