पांडुकेश्वर से डोली पहुंचते ही खुले बद्रीनाथ के द्वार, 20 क्विंटल फूलों से सजे भगवान बद्री विशाल
उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा अब पूरी तरह शुरू हो चुकी है। बाबा केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल को खुल गए थे। बाबा की पंचमुखी डोली 21 अप्रैल की शाम तक ही धाम पहुंची थी।
श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरी केदार घाटी गूंज उठा है। पूरे मंदिर परिसर को 51 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। वहीं, बद्रीनाथ धाम के कपाट भी आज (23 अप्रैल) को खोल दिए गए हैं।
भगवान बद्री विशाल की गद्दी 21 अप्रैल को जोशीमठ से रवाना हो गई थी। वहीं, गंगोत्री और यमुनोत्री में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चलिए जानें इस पावन यात्रा से जुड़ी हर बड़ी खबर।
51 क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से सजा केदारनाथ
बाबा केदारनाथ के भक्तों के लिए इंतजार की घड़ियां समाप्त हुआ। यहां 21 अप्रैल को बाबा की पंचमुखी डोली गौरीकुंड से प्रस्थान कर 18 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई नापकर शाम तक धाम पहुंची।
केदारनाथ मंदिर को 51 क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया। शीतकाल के 178 दिनों तक ऊखीमठ में रहने के बाद, बाबा अब अपने मुख्य धाम में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं।
बता दें कि, 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे विशेष पूजा-अर्चना के साथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। प्रशासन ने भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले
भगवान बद्री विशाल के जयकारों के साथ आज (23 अप्रैल) गुरुवार सुबह 6:15 बजे श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य अनुष्ठान के साथ मंदिर के द्वार खुलते ही भक्तों ने भगवान के दर्शन किए। इस पावन अवसर के लिए पूरे मंदिर को 20 क्विंटल फूलों से बेहद खूबसूरती के साथ सजाया गया था।
इससे पहले, बुधवार (22 अप्रैल) को आदिगुरु शंकराचार्य की पवित्र गद्दी और तेल कलश (गाडू घड़ा) रावल अमरनाथ नंबूदरी के नेतृत्व में धाम पहुंचा। यह यात्रा मंगलवार (21 अप्रैल) को ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) के नृसिंह मंदिर से विशेष पूजा के बाद शुरू हुई थी।
डोलियां पहले पड़ाव पांडुकेश्वर पहुंचीं और वहां से बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना हुईं। यात्रा की सफलता के लिए ज्योतिर्मठ में तिमुंडिया वीर पूजन भी किया गया था।
अब बद्रीनाथ धाम में दर्शन का सिलसिला शुरू हो चुका है, जिससे चारधाम यात्रा में आस्था का अद्भुत सैलाब उमड़ रहा है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं।
गंगोत्री और यमुनोत्री में उमड़ा जनसैलाब
वहीं अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) के पावन अवसर पर रविवार को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा का शंखनाद हो गया है।
दोपहर 12:15 बजे गंगोत्री और 12:35 बजे यमुनोत्री के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे। बता दें कि पिछले साल 22 अक्टूबर 2025 को गोवर्धन पूजा के दिन गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हुए थे।
वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट भाई दूज के अवसर पर 23 अक्टूबर 2025 को बंद किए गए थे। लगभग छह महीने के लंबे इंतजार के बाद अब श्रद्धालु एक बार फिर इन पवित्र धामों के दर्शन कर पुण्य कमा सकेंगे।
दोनों ही धामों में भारी भीड़ और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। महज तीन दिनों में 20 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। दोनों धामों में भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए पुख्ता इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और सफाई का खास ध्यान है। पहाड़ों पर मौसम सुहावना है पर थोड़ी ठंड भी है। यात्री माता गंगा और यमुना के दर्शन कर निहाल हैं। चारधाम यात्रा इस बार रिकॉर्ड तोड़ सकती है।
यात्रियों के लिए जरूरी गाइडलाइंस
- केदारनाथ धामयात्रा पर निकलने से पहले स्वास्थ्य जांच जरूर करवाएं।
- पहाड़ों के अनुकूल होने के लिए सात दिन का प्लान बनाएं।
- बुजुर्ग और बीमार यात्री विशेष सावधानी जरूर बरतें।
- अपने साथ गर्म कपड़े, छाता और जरूरी दवाइयां रखें।
- रास्ते में कूड़ा न फैलाएं और पर्यावरण का सम्मान करें।
- मंदिर परिसर में बिना अनुमति के वीडियो न बनाएं।
- किसी भी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1364 पर कॉल करें।
- असत्यापित रील या वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर न करें।
- साइबर अपराध से बचने के लिए सरकारी वेबसाइट का उपयोग करें।
यात्रा मार्ग पर प्रशासन की कड़ी निगरानी
चमोली और रुद्रप्रयाग पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर है। ट्रैफिक नियमों का पालन करना यात्रियों के लिए अनिवार्य है। पहाड़ों पर गाड़ी चलाते समय बहुत सावधानी बरतें। प्रशासन ने जगह-जगह कॉल सेंटर और कंट्रोल रूम बनाए हैं।
किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत सूचना दें। आपदा अलर्ट के लिए 'सचेत' ऐप जरूर डाउनलोड करें। आपकी सुरक्षा सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है।
मंदिर की गरिमा और शांति का पूरा ध्यान रखें। केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा मंगलमय हो। किसी भी जानकारी के लिए यात्री, टेलीफोन नंबर चारधाम यात्रा हेल्प लाइन नंबर 0135-2559898 और 2552627 करें।
टोल फ्री नंबर 1364 (0135-1364 राज्य के बाहर से श्रद्धालुओं के लिए)। आप ईमेल controlroomutdb@gmail.com और touristcare.uttarakhand@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।
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