4000 बुकिंग रद्द: खराब मौसम के चलते चारधाम के बाद केदारनाथ की उड़ानें कैंसिल
News In Short
- 4000 से ज्यादा हेली बुकिंग खराब मौसम में रद्द।
- DGCA ने UCADA को जोखिम न लेने के दिए निर्देश।
- 40% उड़ानें मई में मौसम से प्रभावित रहीं।
- पायलटों के लिए 10 टेकऑफ-लैंडिंग अनिवार्य।
- हर चॉपर में विशेष ट्रैकिंग डिवाइस लगाई गई।
News In Detail
केदारनाथ यात्रा (Kedarnath Yatra) 2025 में हेली सेवाएं बार-बार बाधित हो रही हैं। खराब मौसम के कारण अब तक 4,000 से अधिक IRCTC हेलिकॉप्टर बुकिंग (IRCTC Helicopter Booking) रद्द हो चुकी हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (UCADA) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं, पहाड़ों पर खतरनाक मौसम में कोई भी उड़ान नहीं भरी जाएगी।
केदारनाथ हेली सेवा: खराब मौसम का असर
केदारनाथ हेली सेवा (Kedarnath Heli Service) इस वर्ष गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। मई 2025 में बारिश, बर्फबारी और तेजी से बदलते मौसम ने पहाड़ी उड़ानों को बार-बार रोका है। अभी तक लगभग 40% उड़ानें प्रभावित हो चुकी हैं। इससे हजारों श्रद्धालुओं की यात्रा में बाधा आई है।
केदारनाथ में दोपहर बाद मौसम विशेष रूप से अस्थिर रहता है। रुद्रप्रयाग की मंदाकिनी घाटी में बादल नीचे से ऊपर की ओर उठते हैं। यह पायलटों के लिए अत्यंत खतरनाक स्थिति होती है। इसीलिए मौसम खराब होते ही उड़ानें तुरंत रोकी जाती हैं।
DGCA और UCADA की जीरो टॉलरेंस नीति
2025 की चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) में 5 हेलिकॉप्टर हादसों में 13 लोगों की जानें गई थीं। इस त्रासदी के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सख्त रुख अपनाया। उसने UCADA को स्पष्ट निर्देश दिए कि खतरनाक मौसम में कोई भी उड़ान नहीं होगी। यात्रा शुरू होने के दो महीने पहले ही ये दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।
UCADA के सीईओ आशीष चौहान ने जीरो टॉलरेंस नीति की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि कैमरों की सहायता से मौसम की निरंतर निगरानी होती है। जैसे ही पहला खतरे का संकेत मिलता है, उड़ानें तुरंत बंद कर दी जाती हैं। पिछले हादसों में बादलों के बीच से निकलने का जोखिम लेना घातक साबित हुआ था।
IRCTC बुकिंग और रिफंड की प्रक्रिया
केदारनाथ हेलिकॉप्टर बुकिंग (Kedarnath Helicopter Booking) IRCTC के माध्यम से होती है। अभी आठ हेली कंपनियां यात्री सेवाएं दे रही हैं। खराब मौसम के चलते 4,000 से अधिक बुकिंग रद्द हुई हैं। UCADA ने स्पष्ट किया है कि नियमों के तहत रिफंड सुनिश्चित किया जा रहा है।
यदि यात्री खरसाली या अन्य स्थानों पर फंस जाते हैं, तो बैकलॉग दूर करने के लिए अतिरिक्त उड़ानें दी जाती हैं। इससे दर्शन में बाधा कम से कम होती है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा दोनों पर ध्यान दिया जाता है।
पायलटों की विशेष ट्रेनिंग और DGCA मानक
सीतापुर के संकरे हवाई मार्ग और 10,000 फीट की ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी गंभीर समस्या है। DGCA ने यहां उड़ान के लिए न्यूनतम 8 टेकऑफ और लैंडिंग का मानक निर्धारित किया है। लेकिन UCADA ने इसे बढ़ाकर 10 टेकऑफ-लैंडिंग और 10 घंटे की अनिवार्य उड़ान कर दिया है। इस मानक के बाद ही पायलटों को उड़ान की अनुमति मिलती है।
पायलट प्रशिक्षण (Pilot Training) में पहाड़ी मौसम, आपातकालीन प्रबंधन और तकनीकी दक्षता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इस कठोर प्रशिक्षण से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
तीन बड़े तकनीकी बदलाव: सुरक्षा पहले
इस वर्ष केदारनाथ यात्रा में तीन महत्वपूर्ण तकनीकी सुधार किए गए हैं। साफ और खराब मौसम के लिए अलग-अलग किलो रूट्स (Kilo Routes) बनाए गए हैं। सभी पायलटों को इन्हीं तय रास्तों पर चलना अनिवार्य है। इससे उड़ान और लैंडिंग का समय बिल्कुल सटीक रहता है।
सभी हेलिकॉप्टरों में विशेष ट्रैकिंग डिवाइस (Tracking Device) लगाए गए हैं। यदि कोई पायलट तय रूट से जरा भी विचलित होता है, तो तत्काल चेतावनी मिलती है। यह डिवाइस एक महीने तक का पूरा डेटा संग्रहीत रखती है।
केदारनाथ और बद्रीनाथ में स्थायी एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के निर्माण के लिए एनओसी मिल चुकी है। फिलहाल अस्थायी ATC कार्यरत हैं। स्थायी ATC के बनने से उड़ान प्रबंधन और सुरक्षित होगा।
नए हेलीपैड और भविष्य की योजना
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए UCADA ने बड़ी योजना तैयार की है। यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ में प्रत्येक धाम के लिए 2 से 3 नए हेलीपैड बनाए जाएंगे। इन स्थानों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। जैसे-जैसे हेलीपैड तैयार होंगे, उन्हें अनुमति दी जाएगी।
रुद्रप्रयाग के हेली नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि अब तक लगभग 12,100 यात्री हेली सेवाओं के माध्यम से बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। नए हेलीपैड बनने से अधिक यात्री सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से दर्शन कर सकेंगे।
ऑपरेटरों पर सख्त निगरानी
सभी 8 हेलिकॉप्टर ऑपरेटरों के लिए 100% मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन अनिवार्य है। यदि कोई ऑपरेटर नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे तुरंत ग्राउंडेड कर दिया जाता है। उड़ान बंद करने की कार्रवाई ही अभी सबसे प्रभावी अनुशासनात्मक उपाय साबित हो रही है। अब तक किसी पर जुर्माना लगाने की नौबत नहीं आई है।
ये खबरें भी पढ़ें...
दिल्ली दहलाने की बड़ी साजिश : बीजेपी दफ्तर और सरकारी इमारतें आतंकियों के रडार पर, हाई अलर्ट जारी
BCCI की एडवायजरी: हनी ट्रैप से निपटने के लिए IPL फ्रेंचाइजियों को दी चेतावनी
डोपिंग नियम उल्लंघन का आरोप: रेसलर विनेश फोगाट के मुकाबलों पर WFI ने लगाई रोक
NCRB की रिपोर्ट: देश में हर 17 मिनट में एक हत्या, हर 18वें मिनट में रेप का केस, अब भी एसिड अटैक