अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर उठाए सवाल, बोले-आप 4 बार RSS से जुड़े इवेंट में गईं

Sandeep Kumar | Apr 13, 2026, 20:51 IST
Arvind Kejriwal
दिल्ली हाईकोर्ट में आबकारी नीति मामले में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा पर केजरीवाल ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जज ने चार बार RSS से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया था।

News in short

  • दिल्ली हाईकोर्ट में मुख्यमंत्री केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा पर सवाल उठाए।
  • केजरीवाल ने आरोप लगाया कि जस्टिस शर्मा RSS के कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं।
  • जज ने आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की।
  • केजरीवाल ने जज से मामले से अलग होने का अनुरोध किया।

News in Detail

दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को अहम सुनवाई हुई। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा पर सवाल उठाए। यह मामला आबकारी नीति से जुड़ा था। याचिका दायर की गई थी कि जस्टिस शर्मा को मामले से अलग किया जाए। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि जस्टिस शर्मा ने RSS के कार्यक्रमों में चार बार हिस्सा लिया। इससे उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठता है।



केजरीवाल का आरोप

केजरीवाल ने कोर्ट में अपनी दलील रखते हुए कहा, "अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद नामक एक संगठन है। जस्टिस शर्मा ने उनके चार इवेंट्स अटेंड किए हैं। हम उस विचारधारा के खिलाफ हैं।" उनका कहना था कि अगर जज उस विचारधारा के कार्यक्रमों में जाते हैं, तो क्या उन्हें इंसाफ मिलेगा, यह शंका पैदा होती है।



जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा का जवाब

जज स्वर्ण कांता शर्मा ने केजरीवाल के आरोपों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा, आपके आवेदन में कार्यक्रम का लिंक नहीं दिया गया है। जब मैं उस कार्यक्रम में गई, तो क्या मैंने कोई राजनीतिक या आइडियोलॉजिकल बयान दिया? जज ने साफ कहा कि उन्होंने किसी प्रकार की राजनीतिक टिप्पणी नहीं की थी और उनका कार्य केवल कानूनी था।



गृहमंत्री के बयान पर जज का सवाल

केजरीवाल ने आगे कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हाल ही में बयान दिया था कि हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ेगा। इस पर जज ने जवाब दिया, कोई क्या कहता है, उस पर मेरा कोई नियंत्रण नहीं है।



मामले से अलग होने का अनुरोध

केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को मामले से अलग करने का अनुरोध किया था, यह कहते हुए कि उनके समक्ष सुनवाई निष्पक्ष नहीं हो सकती। जज ने इस आवेदन को रिकॉर्ड में लिया और मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल के लिए तय की थी।



यह मामला तब सामने आया जब 27 फरवरी को अधीनस्थ अदालत ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य को आरोपों से मुक्त कर दिया। अदालत ने सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा कि उसका मामला निराधार था।



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