ज्ञानेश कुमार के खिलाफ केरलम् में खुला 20 साल पुराना केस, 215 करोड़ के प्रोजेक्ट से जुड़ा है मामला

Arohi Raj | Sootr Creatives | Oct 04, 2026, 14:11 IST
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ केरलम् के गृहमंत्री रमेश चेन्निथला ने 2006 के पुराने मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ केरलम् में एक पुराना केस खुल गया है। 2006 के एक पुराने मामले में विजिलेंस जांच के आदेश दिए गए हैं। ज्ञानेश कुमार जब केरलम् में PWD सचिव थे, उसी दौरान एक सिविल इंजीनियर ने आत्महत्या कर ली थी। करीब 215 करोड़ रुपए के एक प्रोजेक्ट से जुड़ा यह मामला उस दौरान काफी चर्चाओं में था।

समझें क्या है पूरा मामला

  • केरलम के गृह मंत्री ने रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जांच के आदेश दिए।
  • मामला 2006 में मलेशियाई सिविल इंजीनियर ली सी बीन की आत्महत्या से जुड़ा है।
  • शिकायत में आरोप है कि PWD सचिव ने भुगतान जारी करने के बदले रिश्वत मांगी थी।
  • केरलम् सरकार का कहना है कि 2006 की विजिलेंस जांच बाहरी दबाव से प्रभावित हुई थी।
  • इधर विपक्ष SIR के मुद्दे पर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

क्या है 2006 का पूरा मामला

साल 2006 में अंगमाली से तिरुवनंतपुरम तक की सड़क को दोबारा बनाने का काम शुरू हुआ था। इसका खर्च करीब 215 करोड़ रुपए बताया गया है। सड़क निर्माण का पैसा विश्व बैंक ने दिया था। काम की देखरेख केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KSTP) के तहत हो रही थी। बता दें कि 2006 में ज्ञानेश कुमार केरल में PWD के सचिव थे। इसी दौरान प्रोजेक्ट के एक मलेशियाई सिविल इंजीनियर ने आत्महत्या कर ली थी।



ज्ञानेश कुमार पर लगे थे रिश्वत के आरोप

खुदकुशी करने वाले इंजीनियर ली सी बीन ने ज्ञानेश कुमार को कथित घूसखोर बताया था। यानी सड़क के काम का भुगतान जारी करने के बदले ज्ञानेश कुमार ने रिश्वत मांगी थी। हालांकि ये सब आरोप हैं। इनकी पुष्टि आधिकारिक जांच से ही होगी।



अधूरी रह गई थी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जांच

रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय केरलम के विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुरुआती जांच की थी। यह जांच पूरी नहीं हो पाई थी।



चेन्निथला ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि 2006 में हुई विजिलेंस जांच बाहरी दबाव के कारण प्रभावित हुई थी। इसके बाद उन्होंने मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि विजिलेंस पूरे मामले की जांच करेगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी करेगी।



ज्ञानेश कुमार का करियर जर्नी

साल/अवधिपद और जिम्मेदारी
1988भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयन, केरलम् कैडर
2005-2007सचिव, केरलम् लोक निर्माण विभाग और प्रोजेक्ट डायरेक्टर, KSTP
2007-2012संयुक्त सचिव स्तर के पद, रक्षा मंत्रालय और केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति
2012-2016केरलम् सरकार में विभिन्न विभागों के सचिव और नई दिल्ली में रेजिडेंट कमिश्नर
2016-2021संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव, गृह मंत्रालय
2021-2022सचिव, संसदीय कार्य मंत्रालय
2022-2024सचिव, केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय
मार्च 2024चुनाव आयुक्त, भारत निर्वाचन आयोग
फरवरी 2025मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC)

SIR विवाद में CEC पर क्या सवाल उठे

CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग SIR को लेकर भी सवालों के घेरे में हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर रिकॉर्ड में कम से कम 14 बार आपत्तियां जताई थी।



दावा है कि कई फैसले और आदेश संधू और जोशी की जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए हैं। इसके बाद से विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए देशभर में प्रदर्शन कर रहा है।



दोनों आयुक्तों के चार बड़े सवाल

  • फॉर्म-6 में बदलाव: नए वोटरों से पिछली SIR लिस्ट में खुद या परिवार के नाम की जानकारी मांगने पर दोनों ने सवाल उठाया था।
  • वोटर डेटा का कंट्रोल: दोनों ने पूछा कि वोटर डेटाबेस का कंट्रोल दिल्ली में क्यों बढ़ रहा है और राज्यों की पहुंच क्यों सीमित हो रही है।
  • बंगाल में 16 लाख अपीलें: संधू ने पूछा कि हटाए गए नामों को लेकर करीब 16 लाख अपीलें किसने और किसकी अनुमति से दायर कीं।
  • गोवा के 97 वोटर: जांच में योग्य पाए गए 97 वोटरों को सॉफ्टवेयर की समस्या के कारण अंतिम लिस्ट में नहीं जोड़ा जा सका।

राहुल गांधी ने वोट चोरी का आरोप लगाया

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग, SIR और वोटर लिस्ट से जुड़े विवादों पर गुरुवार को 55 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने वोट चोरी की है। उन्होंने उन्हें देशद्रोही भी कहा है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उन्होंने नियुक्ति का विरोध किया था, लेकिन सरकार ने उनकी बात नहीं मानी।



कॉकरोच जनता पार्टी का 10 अक्टूबर का ऐलान

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर को कहा कि ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया, तो 10 अक्टूबर को पूरे देश से कॉकरोच दिल्ली पहुंचेंगे। साथ ही दीपके ने लिखा कि अगर दिल्ली पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश करती है, तो जहां रोकेगी वही उनका जंतर-मंतर होगा। उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण रखने और महात्मा गांधी के दिखाए रास्ते पर चलने की बात कही है।



FAQs

  1. क्या है 2006 का मामला और इसका प्रभाव क्या है?
    2006 का मामला केरलम् राज्य में एमसी रोड के पुनर्निर्माण कार्य से संबंधित है, जिसमें एक मलेशियाई सिविल इंजीनियर की आत्महत्या हुई थी। यह मामला अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जांच के आदेश से चर्चा में है, जो निर्माण कार्य के दौरान कथित रूप से रिश्वत मांगने का आरोप लगा है।
  2. ज्ञानेश कुमार पर लगे आरोपों की जांच कौन करेगा?
    जांच केरलम् के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला द्वारा आदेशित विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) द्वारा की जाएगी। उन पर आरोप है कि उन्होंने सड़क के काम का भुगतान जारी करने के बदले रिश्वत मांगी थी।
  3. सभा में सीईसी ज्ञानेश कुमार पर राजनीतिक विरोध क्यों हो रहा है?
    ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है क्योंकि उन पर आरोप है कि उन्होंने मतदान प्रक्रिया में अनियमितता की है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें वोट चोरी का आरोपी बताया है, जिससे राजनीतिक प्रदर्शन और विवाद बढ़ गया है।
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