अजीत डोभाल का एजेंट बताता था खुद को फर्जी आईएएस, छापे में मिली 100 करोड़ की संपत्ति

Sandeep Kumar | Aug 09, 2026, 16:34 IST
फर्जी IAS बनकर 10 साल तक करता रहा ठगी
खगड़िया पुलिस ने खुद को अजीत डोभाल का एजेंट बताने वाले फर्जी IAS मनीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। छापेमारी में टेस्ला कार, 100 करोड़ की संपत्ति, हिरण के सींग और शराब की बोतलें बरामद हुईं ।

समझें क्या है पूरा मामला

खगड़िया पुलिस ने फर्जी IAS अधिकारी गिरफ्तार किया।


आरोपी मनीष गुप्ता खुद को एजेंट बताता था।


उसने अजीत डोभाल का कवर एजेंट होने का दावा किया।


पुलिस ने टेस्ला कार और संपत्ति जब्त की।


आरोपी पर 10 साल से ठगी का आरोप है।



कैसे हुई गिरफ्तारी

बिहार के खगड़िया में पुलिस ने एक फर्जी IAS अधिकारी (fake IAS arrested)को गिरफ्तार किया है। आरोपी मनीष कुमार गुप्ता खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कवर एजेंट बताता था। पुलिस के अनुसार वह करीब 10 साल से लोगों को प्रभाव और पहचान का झांसा देकर ठगी कर रहा था। छापेमारी में टेस्ला कार, करोड़ों की संपत्ति और कई संदिग्ध सामान बरामद हुए हैं।



खगड़िया जिला अपराध इकाई (DIU – District Investigation Unit) और गोगरी पुलिस ने मिलकर छापेमारी की। यह कार्रवाई गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर बाजार में हुई। टीम करीब साढ़े सात घंटे तक आरोपी के ठिकाने पर रही। छापेमारी शनिवार दोपहर 1 बजे शुरू हुई और रात करीब 8:30 बजे तक चली।



पुलिस के मुताबिक आरोपी के पास 100 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति है। उसके पास एक आलीशान बंगला और कई महंगी गाड़ियां मिलीं। छापेमारी में दो लग्जरी गाड़ियां जब्त की गईं। इनमें टेस्ला मॉडल वाई और डाइकोर सफारी शामिल हैं।



घर से क्या-क्या मिला

दोनों गाड़ियों पर 'भारत सरकार' लिखा हुआ था। पूरे भारत में सिर्फ 250 ड्राइवरलेस कारें हैं। इन्हें सरकार की अनुमति के बाद ही खरीदा जा सकता है। पुलिस अब गाड़ियों के दस्तावेज और पहचान की जांच कर रही है।



आरोपी के घर से विदेशी शराब की बोतलें भी मिलीं। कुल 31 लीटर शराब बरामद हुई। इनमें से एक बोतल की कीमत एक लाख रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। इसके अलावा हिरण और बारहसिंगा के सींग भी मिले।



पुलिस को घर से 5 एप्पल मोबाइल फोन मिले। साथ ही 20 क्रेडिट कार्ड और 8 डेबिट कार्ड भी बरामद हुए। पुलिस को 4 चेकबुक और कई अन्य दस्तावेज भी मिले।



कैसे करता था ठगी

खगड़िया के पुलिस अधीक्षक (SP – Superintendent of Police) भानु प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी खुद को अजीत डोभाल का कवर एजेंट बताता था। वो लंबे समय से खुद को IAS (IAS – Indian Administrative Service) अधिकारी बताकर ठगी करता था। वो अपनी निजी गाड़ियों पर IAS और भारत सरकार के बोर्ड लगाता था। इस तरह वो लोगों को आसानी से चकमा दे देता था।



SP के मुताबिक यह मामला सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है। आरोपी लोगों को गुमराह करता था और उनमें डर पैदा करता था। वो अवैध तरीके से अपना प्रभाव भी जमाता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।



आरोपी पिछले 10 साल से यह ठगी कर रहा था। उसकी संपत्ति बिहार के अलावा दूसरे राज्यों में भी होने की सूचना है। कुछ संपत्ति विदेश में भी हो सकती है। पुलिस अब इसकी भी जांच कर रही है।



कौन है मनीष कुमार गुप्ता

फर्जी आईएएस अधिकारीमनीष कुमार गुप्ता उर्फ चिक्कू ने शादी नहीं की है। वो अपने घर में अकेला रहता था। उसने घर के बाहर सुरक्षा के लिए 100 कैमरे लगवा रखे थे। वो हर गतिविधि पर नजर रखता था।



आसपास के लोगों के मुताबिक वो घर से कम ही बाहर निकलता था। वो करीब एक महीने पहले दिल्ली से खगड़िया आया था। उसके पिता स्व. परमेश्वर गुप्ता खगड़िया के केडीएस कॉलेज में हिन्दी के प्रोफेसर थे।



मनीष अपने 6 भाइयों में सबसे छोटा है। उसका बड़ा भाई संजय कुमार गुप्ता दिल्ली में प्रोफेसर हैं। एक भाई डंपी कुमार कनाडा में रहता है। बाकी तीन भाइयों के बारे में पुलिस अभी जानकारी जुटा रही है।



आम लोगों के लिए सतर्कता जरूरी

ऐसे मामलों से आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। सरकारी अधिकारी होने का दावा करने वाले किसी भी व्यक्ति की पहचान जरूर जांचें। असली अधिकारी अपनी पहचान का प्रमाण दिखाने में कभी हिचकिचाते नहीं हैं। शक होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचना दें। पुलिस की जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।



कितनी है टेस्ला कार की कीमत

टेस्ला ने भारत में अभी सिर्फ मॉडल वाई लॉन्च किया है। यह दो वेरिएंट में आती है, रियर व्हील ड्राइव और लॉन्ग रेंज। रियर व्हील ड्राइव की कीमत करीब 59.89 लाख रुपए है। यह एक बार चार्ज करने पर 500 किलोमीटर (WLTP – Worldwide Harmonised Light Vehicle Test Procedure) तक चल सकती है।



लॉन्ग रेंज वेरिएंट की कीमत करीब 67.89 लाख रुपए है। यह 622 किलोमीटर तक की रेंज देती है। दोनों गाड़ियों की टॉप स्पीड 201 किलोमीटर प्रति घंटा है। रियर व्हील ड्राइव सिर्फ 5.9 सेकेंड में 100 की स्पीड पकड़ लेती है, वहीं लॉन्ग रेंज को इसके लिए 5.6 सेकेंड लगते हैं।



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