क्रिकेटर मनोज तिवारी ने TMC से इस्तीफा दिया, ममता पर टिकट के बदले 5 करोड़ मांगने का आरोप
क्रिकेटर से नेता बने मनोज तिवारी ने 5 मई 2026 को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) से इस्तीफा देते हुए यह आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने उन्हें पार्टी टिकट के लिए 5 करोड़ रुपए की रिश्वत की मांग की थी। इस सनसनीखेज आरोप के बाद राजनीति में हलचल मच गई है। तिवारी का इस्तीफा और उनके आरोप पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गए हैं।
कौन हैं मनोज तिवारी?
मनोज तिवारी एक प्रसिद्ध क्रिकेटर हैं, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेला है। वे पश्चिम बंगाल के लोकप्रिय चेहरों में से एक हैं और कई वर्षों तक TMC से जुड़े रहे हैं। तिवारी ने 2019 में TMC जॉइन किया था और उन्हें पार्टी ने लोकसभा चुनाव में टिकट भी दिया था। लेकिन अब, पार्टी से इस्तीफा देने के बाद, तिवारी ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जो राज्य के राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर रहे हैं।
मनोज तिवारी के आरोप
तिवारी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने उन्हें पार्टी में बने रहने के लिए 5 करोड़ रुपए की रिश्वत की मांग की थी। उनका कहना है कि यह रिश्वत केवल एक लोकसभा टिकट के लिए मांगी गई थी। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने इस मांग का विरोध किया, तो उन्हें पार्टी से बाहर निकालने की धमकी दी गई। इस आरोप के बाद तिवारी के इस्तीफे ने तृणमूल कांग्रेस को आलोचनाओं के घेरे में ला दिया है।
ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया
ममता बनर्जी ने तिवारी के आरोपों का तुरंत खंडन किया है। उन्होंने कहा कि यह आरोप पूरी तरह से निराधार हैं और तिवारी के खिलाफ कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है। ममता ने कहा कि राजनीति में कभी-कभी ऐसे आरोप लगाए जाते हैं, जो सिर्फ पार्टी की छवि को धूमिल करने के लिए होते हैं। उन्होंने कहा, "हमारा पार्टी हमेशा अपने आदर्शों पर चलती है और किसी भी तरह की भ्रष्टाचार के खिलाफ है।"
टीएमसी की अंदरूनी राजनीति
मनोज तिवारी के इस्तीफे ने TMC की अंदरूनी राजनीति को उजागर किया है। पार्टी में इस तरह के आरोपों के सामने आने से कई सवाल उठ रहे हैं। यह घटना उन आरोपों की पुष्टि करती है कि टीएमसी के भीतर गहरे मतभेद हो सकते हैं। तिवारी के इस्तीफे ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या TMC में राजनीतिक स्वार्थ और भ्रष्टाचार की परतें हैं, जिन्हें अब सामने लाया गया है।
राजनीतिक परिदृश्य पर प्रभाव
मनोज तिवारी के इस्तीफे और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों का असर आगामी विधानसभा चुनावों पर पड़ सकता है। पश्चिम बंगाल में भाजपा और TMC के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा है और तिवारी का इस्तीफा भाजपा के लिए एक राजनीतिक अवसर हो सकता है। भाजपा के नेता पहले ही तिवारी के आरोपों का समर्थन कर चुके हैं और इसे राज्य की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा मान रहे हैं।
5 करोड़ रुपए का रिश्वत मामला
तिवारी के आरोप के अनुसार, ममता बनर्जी ने उन्हें पार्टी टिकट के लिए 5 करोड़ रुपए की रिश्वत देने का दबाव डाला। इस आरोप के साथ-साथ यह भी सामने आया है कि TMC पार्टी के भीतर कई अन्य नेताओं को भी इस प्रकार की मांगों का सामना करना पड़ा है। हालांकि इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
भाजपा (BJP) ने मनोज तिवारी के आरोपों का समर्थन किया है और इसे ममता बनर्जी की सरकार की भ्रष्टाचारपूर्ण नीतियों का उदाहरण बताया है। भाजपा के नेताओं ने कहा कि तिवारी के इस्तीफे से यह साबित हो गया है कि TMC में खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है। वहीं, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर ममता सरकार की आलोचना की है।
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