दीदी का साथ छोड़ बीजेपी की ओर मुड़ी महिलाएं, बंगाल इलेक्शन में भाजपा की जीत का ये है कारण
Manya Jain | May 05, 2026, 14:03 IST
West Bengal Elections 2026: BJP vs TMC
बंगाल चुनाव 2026 में महिलाओं ने 93.2% मतदान कर रिकॉर्ड बनाया। टीएमसी का महिला वोट बैंक इस बार बीजेपी की ओर खिसक गया। इससे पश्चिम बंगाल की सत्ता में बड़ा ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। साल 2011 से महिला वोटर टीएमसी की सबसे बड़ी ताकत थीं। ममता बनर्जी की छवि हमेशा एक 'महिला हितैषी' नेता की रही है। लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव के परिणामों ने सबको हैरान कर दिया। इस बार महिलाओं ने पुरुषों से कहीं ज्यादा बढ़कर मतदान किया।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल पुरुषों (91.7%) की तुलना में महिलाओं (93.2%) ने अधिक मतदान किया है। हैरानी की बात यह है कि यह वोट टीएमसी को नहीं मिले। इस बार महिलाओं का भारी समर्थन बीजेपी की तरफ मुड़ गया। बीजेपी की रणनीतियों ने ममता के इस मजबूत किले को तोड़ दिया। महिलाओं के इस बदले रुख ने बंगाल की सत्ता बदल दी।
बीजेपी ने इस चुनाव में अपनी रणनीति में एक बड़ा बदलाव किया। 'कैश ट्रांसफर' (नकद हस्तांतरण) राजनीति की पार्टी पहले आलोचना करती थी, इस बार उसी को हथियार बनाकर टीएमसी को पछाड़ दिया।
ममता बनर्जी की 'लक्ष्मी भंडार' (Lakshmir Bhandar) योजना के तहत महिलाओं को 1हजार 500 प्रति माह दिए जा रहे थे। बीजेपी ने इसे चुनौती देते हुए 3 हजार प्रति माह देने का वादा किया। इस "डबल धमाका" ऑफर ने ग्रामीण और मध्यम वर्गीय महिलाओं को आकर्षित किया।
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सिर्फ महिलाएं ही नहीं, बीजेपी ने बेरोजगार युवाओं के लिए 3 हजार और किसानों के लिए 9 हजार की मासिक सहायता का वादा करके कल्याणकारी योजनाओं (public welfare schemes) की जंग में टीएमसी को काफी पीछे छोड़ दिया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आरजी कर की घटना ने बड़ा असर डाला। कोलकाता के मेडिकल कॉलेज की घटना से महिला वोटर्स डरी हुई थीं। उनके मन में ममता सरकार के प्रति असुरक्षा का भाव भर गया। साबर इंस्टीट्यूट के निदेशक साबिर अहमद ने इस पर बड़ी बात कही। उनके अनुसार इस चुनाव में महिला सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बनी।
आरजी कर मामले के बाद महिलाओं में भारी गुस्सा देखने को मिला। महिलाओं के इस रोष का सीधा फायदा बीजेपी को मिलता दिख रहा है। महिलाओं को लगा कि सिर्फ आर्थिक मदद ही जीवन के लिए काफी नहीं। उनके लिए सुरक्षा और न्याय मिलना सबसे ज्यादा जरूरी बात है। सुरक्षा के बिना सरकारी योजनाओं की मदद का कोई अर्थ नहीं रहता। महिलाएं अब अपने अधिकारों और सुरक्षा को लेकर बहुत ज्यादा जागरूक हैं।
टीएमसी सरकार के दौरान हुए स्कूल सेवा आयोग (SSC) भर्ती घोटाले ने भी सरकार की छवि को भारी नुकसान पहुंचाया। अप्रैल 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 'कैश-फॉर-जॉब्स' (Cash-for-jobs scam) मामले में 25,753 नियुक्तियों को रद्द किए जाने से बंगाल के शिक्षित परिवारों में गुस्सा था।
रवींद्र भारती विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति सव्यसाची बसु राय चौधरी के अनुसार, "महिला मतदाता अब केवल खैरात या वित्तीय सहायता नहीं देख रही थीं। वे रोजगार के अवसर (Employment Opportunities) और अपने बच्चों के भविष्य के लिए एक विश्वसनीय दृष्टिकोण चाहती थीं।"
बीजेपी ने लोकसभा में महिला आरक्षण (Women Reservation) के मुद्दे को भी जोर-शोर से उठाया, जिससे शहरी और शिक्षित महिला मतदाताओं के बीच उसकी पकड़ मजबूत हुई। स्वास्थ्य सेवा और बेहतर बुनियादी ढांचे के वादे ने बीजेपी की जीत की राह आसान कर दी।
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चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल पुरुषों (91.7%) की तुलना में महिलाओं (93.2%) ने अधिक मतदान किया है। हैरानी की बात यह है कि यह वोट टीएमसी को नहीं मिले। इस बार महिलाओं का भारी समर्थन बीजेपी की तरफ मुड़ गया। बीजेपी की रणनीतियों ने ममता के इस मजबूत किले को तोड़ दिया। महिलाओं के इस बदले रुख ने बंगाल की सत्ता बदल दी।
बीजेपी की कैश ट्रांसफर रणनीति
लक्ष्मी भंडार बनाम बीजेपी का वादा
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युवाओं और किसानों के लिए बड़े वादे
आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामला
आरजी कर मामले के बाद महिलाओं में भारी गुस्सा देखने को मिला। महिलाओं के इस रोष का सीधा फायदा बीजेपी को मिलता दिख रहा है। महिलाओं को लगा कि सिर्फ आर्थिक मदद ही जीवन के लिए काफी नहीं। उनके लिए सुरक्षा और न्याय मिलना सबसे ज्यादा जरूरी बात है। सुरक्षा के बिना सरकारी योजनाओं की मदद का कोई अर्थ नहीं रहता। महिलाएं अब अपने अधिकारों और सुरक्षा को लेकर बहुत ज्यादा जागरूक हैं।
भर्ती घोटाला और रोजगार की कमी
महिला आरक्षण ने पलटी बाजी
बीजेपी ने लोकसभा में महिला आरक्षण (Women Reservation) के मुद्दे को भी जोर-शोर से उठाया, जिससे शहरी और शिक्षित महिला मतदाताओं के बीच उसकी पकड़ मजबूत हुई। स्वास्थ्य सेवा और बेहतर बुनियादी ढांचे के वादे ने बीजेपी की जीत की राह आसान कर दी।
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