TheSootr Explainer- भारत के मुख्य राज्यों में कितनी हैं न्यूनतम मजदूरी

thesootr Desk | Apr 14, 2026, 16:25 IST
minimum wage
नोएडा में वर्कर्स प्रोटेस्ट के उग्र रूप धारण करने के बाद से मजदूरों के वेतन और वर्किंग कंडीशन्स के बारे में चर्चा शुरू हो गई है। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और बंगाल जैसे राज्यों में इस साल वेतन बढ़ोतरी के बाद न्यूनतम वेतन भी 11 हजार से 15 हजार के बीच है।

समझें क्या हैं पूरा मामला



  • बेहतर वेतन की मांग से शुरू हुए नोएडा वर्कर्स प्रोटेस्ट ने उग्र आंदोलन का रूप ले लिया है।
  • हरियाणा सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन बढ़ाए जाने के बाद ही मजदूरों के असंतोष ने आक्रोश का रूप ले लिया।
  • हरियाणा में न्यूनतम वेतन 19 हजार कर दिया गया है, वहीं उत्तर प्रदेश में 11 से 13 हजार है।
  • 2026 में कई राज्यों में भी न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई गई है।

आइए जाने विस्तार में

नोएडा में वेतनवृद्धि और बेहतर वर्किंग कंडीशन्स के लिए चल रहे वर्कर्स प्रोटेस्ट का आज 5वां दिन है। कम वेतन, खराब वर्किंग कंडीशन्स से परेशान श्रमिकों ने पत्थरबाजी और हिंसक प्रदर्शन का रास्ता चुना। हालात को काबू में करने के लिए यहां पुलिस तैनात की गई है। प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया जा रहा है।



प्रशासन ने श्रमिकों की राहत के लिए महीने में एक दिन अनिवार्य छुट्टी और 10 तारीख से पहले वेतन देने के आदेश दिए हैं। सीएम योगी द्वारा गठित हाई पावर कमेटी ने भी जांच के बाद न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की सिफारिश की है।



इस पूरे मामले ने भारत के श्रमिकों के वेतन और कामकाज की परिस्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। आज जानते हैं क्या हैं देश के प्रमुख शहरों में श्रमिकों का असली हाल ...



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देश में श्रमिकों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है

  • 1. अनस्किल्ड (अकुशल कर्मी) - चपरासी, क्लीनर, स्वीपर, सुरक्षा गार्ड, मैसेंजर आदि
  • 2. सेमी स्किल्ड (अर्धकुशल कर्मी) - असिस्टेंट अकाउंटेंट, अर्दली आदि
  • 3. स्किल्ड लेबर (कुशल कर्मी) - क्लर्क, टाइपिस्ट, ऑफिस असिस्टेंट, इन्वेंट्री मैनेजमेंट स्टाफ, डाटा एंट्री ऑपरेटर, अकाउंटेंट आदि
  • 4. हाईली स्किल्ड (उच्च कौशल कर्मी) - हेड असिस्टेंट, सीनियर एकाउंटेंट, कंप्यूटर ऑपरेटर, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) स्टाफ, ऑफिस सुपरवाइजर, गोदाम-प्रभारी आदि।

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र नोएडा में वर्कर्स के बीच वेतन और काम को लेकर असंतोष हैं। उत्तर प्रदेश में न्यूनतम वेतन 11 हजार अकुशल कर्मी और 13 हजार कुशल कर्मी को दिए जाते हैं। जब 10 अप्रैल को हरियाणा सरकार ने मजदूरों के वेतन में 35 प्रतिशत की वृद्धि का ऐलान किया तो उत्तर प्रदेश के मजदूरों के बीच वेतन वृद्धि की मांग उठी।



बता दें कि हरियाणा में न्यूनतम वेतन 15 हजार से 19 हजार तक कर दिया गया है, जिससे उनका दैनिक वेतन 545 से 785 तक हो गया है। उत्तर प्रदेश में 435 से 536 के दैनिक वेतन पर काम करने वाले मजदूरों के मुताबिक इतने कम वेतन में गुजारा करना बहुत मुश्किल है।



हफ्ते में एक भी दिन छुट्टी न मिलना और वेतन मिलने में देरी जैसे कारणों ने भी इस असंतोष को बढ़ाने का काम किया।



मध्यप्रदेश

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मध्यप्रदेश के इंदौर श्रम विभाग की ओर से 31 मार्च को वेतन वृद्धि से जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया गया था। इसमें अनस्किल्ड श्रेणी में 12 हजार, सेमी स्किल्ड में 13 हजार और स्किल्ड में 15 हजार तक के मासिक वेतन का ऐलान हुआ। एमपी में दैनिक वेतन 478 से 842 तक है।



छत्तीसगढ़

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1 अप्रैल को जारी किए गए नोटिफिकेशन के बाद छत्तीसगढ़ में अनस्किल्ड लेबर का मासिक वेतन 11 हजार से 12 हजार के बीच कर दिया गया है। वहीं सेमी स्किल्ड का 12 हजार और स्किल्ड का 12 से 13 हजार कर दिया गया (श्रमिकों का वेतन बढ़ा)।



बंगाल

पश्चिम बंगाल में श्रमिक विभाग के लिए मुख्य रूप से दुकानों और कमर्शियल एस्टेबलिशमेंट्स के बीच बांटे गए हैं। इसमें ही अकुशल से लेकर कुशल तक की सभी कैटेगरीज का जिक्र है।


बंगाल के क्षेत्रफल को 2 जोन में बांटा गया है:



जोन ए: नगर निगम, नगर पालिका, अधिसूचित क्षेत्र, डेवलपमेंट ऑथोरिटी और टाउनशिप क्षेत्रों सहित थर्मल पावर प्लांट क्षेत्र।


जोन बी: पश्चिम बंगाल के बाकी हिस्से।



9 जनवरी को पश्चिम बंगाल में नई न्यूनतम वेतन दरों की घोषणा की गई। ये दरें 1 जनवरी, 2026 से 30 जून, 2026 तक लागू रहेंगी।



कौशल श्रेणीजोन ए (महीना)जोन ए (प्रतिदिन)जोन बी (महीना)जोन बी (प्रतिदिन)
अकुशल10,3863999,760375
अर्धकुशल11,42643910,377413
कुशल12,56948311,807454
उच्च कुशल13,82553212,990500


महाराष्ट्र

महाराष्ट्र सरकार द्वारा 4 फरवरी 2026 को जारी की गई न्यूनतम दरें 1 जनवरी से लागू की गई हैं। यहां न्यूनतम वेतन को तीन जोन और कौशल श्रेणी के आधार पर बांटा गया हैं। ये तीन जोन हैं:



  • जोन I: नगर निगम, छावनी क्षेत्र और नगर निगमों के 20 किमी के भीतर के औद्योगिक क्षेत्र।
  • जोन II: ए और बी ग्रेड नगर परिषदों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र।
  • जोन III: राज्य के वे सभी क्षेत्र जो जोन I और जोन II में शामिल नहीं हैं।
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इनके अलावा इन राज्यों ने भी बढ़ाया न्यूनतम वेतन

अन्य प्रमुख राज्यों में गुजरात 13 हजार 39 और कर्नाटका 14 हजार 559 हैं। केरल 12 हजार 874, तमिलनाडु 13 हजार 823, और तेलंगाना 12 हजार 778 के साथ अच्छी स्थिति में हैं। आंध्र प्रदेश 12 हजार 317 और बिहार में 11 हजार 331 वेतन दिया जा रहा है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल ₹9,760 के साथ सबसे कम वेतन देने वाला राज्य है।



महंगाई और दुर्व्यवहार से पीड़ित वर्ग

नोएडा में शांति से धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने कुछ ही दिनों में हिंसा का सहारा ले लिया। इस पूरे घटनाक्रम ने देश में श्रमिक वर्ग की वास्तविक स्थिति को उजागर किया है। हफ्ते में एक भी दिन छुट्टी न मिलना, बिना पैसे ओवरटाइम करना और आए दिन मैनेजर या एचआर का दुर्व्यवहार सहना, ये सब कई मजदूरों के लिए रोज़ की सच्चाई बन चुकी हैं।


नोएडा से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब दूसरे राज्यों के श्रमिकों को भी अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने का साहस दे रहा है। राजस्थान में भी श्रमिक यूनियन द्वारा मैनेजर और एचआर के दुर्व्यवहार और कम वेतन की शिकायतें (नहीं मिलती न्यूनतम मजदूरी)सामने आ रही हैं।



हालांकि भारत सरकार ने कई राज्यों में न्यूनतम वेतन दरें बढ़ा दी हैं, फिर भी राजस्थान और बंगाल जैसे राज्यों में लोग 8-9 हजार रुपये में ही अपना गुज़ारा करने को मजबूर हैं।


सरकार को श्रमिक वर्ग के हितों के संरक्षण के लिए केंद्रीय स्तर पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। सभी राज्यों में मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए।



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