G7 समिट से पहले मोदी पहुंचे फ्रांस, मैक्रों से की मुलाकात, 12 डील संभव
समझें क्या है पूरा मामला...
- मोदी की 7वीं फ्रांस यात्रा, ट्रम्प से भी मुलाकात होगी।
- मोदी-मैक्रों मिले, भारत-फ्रांस की दोस्ती और गहरी।
- फ्रांस बोला: दुनिया भारत संग इनोवेशन करना चाहती है।
- नीस में खुला 'भारत इनोवेट्स', 100+ स्टार्टअप्स की धूम।
- 114 राफेल डील पर आज बड़ी चर्चा संभव।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 दिनों के फ्रांस-स्लोवाकिया दौरे पर हैं। रविवार को उन्होंने फ्रांस के नीस शहर में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने मिलकर 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
इस दौरान टेक्नोलॉजी, एआई और रक्षा क्षेत्र में 12 बड़े समझौते होने की संभावना है। 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद पर भी अहम चर्चा हुई।
नीस में मिले दो देशों के नेता
प्रधानमंत्री मोदी शनिवार रात फ्रांस पहुंचे थे। होटल में बड़ी तादाद में भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। रविवार को नीस में मैक्रों के साथ 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम में शिरकत की।
यह कार्यक्रम भारतीय स्टार्टअप्स और यूरोपीय निवेशकों को एक मंच पर लाने की कोशिश है। इसमें 100 से ज्यादा भारतीय स्टार्टअप्स शामिल हुए।
मोदी ने कहा: दोनों देशों की एक सोच
पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कहा कि दुनिया में कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो सिर्फ कूटनीति या व्यापार से नहीं बनते। भारत और फ्रांस का रिश्ता साझा मूल्यों, भरोसे और एक जैसी सोच पर टिका है।
उन्होंने कहा कि भारत में अभी 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं। देश के युवा हर चुनौती का जवाब नई तकनीक से दे रहे हैं। एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष तकनीक आने वाले कल को आकार देंगी।
मैक्रों बोले: भारत इनोवेट करता है
फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत की तारीफ में कहा कि अब सवाल यह नहीं है कि भारत इनोवेशन करता है या नहीं। सवाल यह है कि दुनिया में कौन भारत के साथ मिलकर इनोवेशन करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत हर साल अमेरिका और यूरोप को मिलाकर जितने इंजीनियर तैयार होते हैं, उतने अकेले तैयार करता है। फ्रांस 'मेक इन इंडिया' का सच्चा भागीदार रहा है।
मैक्रों ने एआई पर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि कुछ देश एआई मॉडल्स को बंद और सीमित रखना चाहते हैं। लेकिन भारत और फ्रांस खुले, बहुभाषी और सहयोगी एआई के पक्षधर हैं।
परमाणु ऊर्जा पर भी बड़ी बात
मैक्रों ने नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की बात कही। उन्होंने इंटरनेशनल सोलर अलायंस और जैतापुर परमाणु परियोजना का जिक्र किया।
स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर – Small Modular Reactor) जैसी नई तकनीकों में दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं। यह ऊर्जा आत्मनिर्भरता और जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में बड़ा कदम होगा।
114 राफेल डील पर नजरें
द्विपक्षीय बैठक में 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद पर चर्चा हुई। भारत चाहता है कि इन विमानों में अपने देसी हथियार जोड़ने की सुविधा मिले। इसके लिए सोर्स कोड का मुद्दा भी उठाया गया।
हालांकि अभी कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति (सीसीएस – Cabinet Committee on Security) की मंजूरी बाकी है। पीएम की यात्रा के बाद ही इस डील पर अंतिम फैसला होगा।
6 दिन, 3 देश, कई अहम मुलाकातें
मोदी का यह दौरा 13 से 18 जून तक चलेगा। वे नीस, एवियान और पेरिस के अलावा स्लोवाकिया भी जाएंगे। 1993 में आजाद हुए स्लोवाकिया में किसी भारतीय पीएम का यह पहला दौरा होगा।
16 से 17 जून को एवियान में जी7 समिट (G7 summit) में हिस्सा लेंगे। 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से भी द्विपक्षीय मुलाकात होगी। दोनों नेता करीब 16 महीने बाद मिलेंगे। 18 जून को पेरिस में विवाटेक सम्मेलन में मैक्रों के साथ जाएंगे।
होर्मुज गठबंधन पर भी फैसला संभव
इस दौरे में होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर भी बड़ा फैसला हो सकता है। ईरान युद्ध के कारण इस समुद्री रास्ते पर दबाव बना हुआ है। भारत संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुकूल बहुपक्षीय सुरक्षा व्यवस्था का समर्थन करता है। फ्रांस और ब्रिटेन की पहल के साथ भारत होर्मुज रक्षा गठबंधन में शामिल हो सकता है।
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