जामताड़ा-नूंह के बाद MP में साइबर ठगी का नेटवर्क, इंदौर-जबलपुर-ग्वालियर से अमेरिका तक हो रही ठगी
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्यप्रदेश साइबर सेल की रिपोर्ट में प्रदेश में बैठे ठगों की सक्रियता का खुलासा हुआ है।
- जनवरी से सितंबर 2026 के बीच 8 हजार फोन कॉल कर फ्रॉड किए गए।
- अंतरराष्ट्रीय गिरोह ने इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में नेटवर्क तैयार किया है।
- ग्वालियर में फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा गया, जो अमेरिका में ठगी करता था।
- दिल्ली पुलिस ने इंदौर में अगस्त में अवैध कॉल सेंटर पकड़ा था।
जामताड़ा से अब एमपी तक कैसे पहुंचे ठग
अब तक लोगों की सोच थी कि ठगी करने वाला बंगाल, बिहार, यूपी या झारखंड जैसे राज्यों से होता है, लेकिन स्टेट साइबर सेल मध्यप्रदेश की रिपोर्ट ने इस धारणा को बदल दिया है। इसके मुताबिक, अन्य राज्यों के ठगों के साथ-साथ प्रदेश में बैठे ठग भी बड़ी मात्रा में लोगों को चूना लगा रहे हैं। यानी मध्यप्रदेश साइबर क्राइम का दायरा अब सिर्फ बाहर से आने वाले कॉल तक सीमित नहीं बताया जा रहा है।
गिरोहों का लोकल नेटवर्क
साइबर ठगी के फोन कॉल बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय गिरोह ने इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में अपना नेटवर्क तैयार किया है। इस नेटवर्क में फ्रॉडस्टर्स को सैलरी और कमीशन पर रखा जाता है। उन्हें ठगी का टारगेट दिया जाता है।
खबरों के मुताबिक, इसमें पढ़े-लिखे लोग काम करते हैं। वे विदेशों में कॉल कर ठगी करते हैं। यानी ठगी अब संगठित रोजगार जैसी शक्ल ले रही है। राज्य साइबर सेल ने ठगी वाले फोन कॉल की डिटेल जिलों को सौंपी है।
किन जिलों से हुए सबसे ज्यादा फ्रॉड कॉल
| जिला | फ्रॉड कॉल |
|---|---|
| इंदौर | 2,500 |
| शिवपुरी | 1,900 |
| ग्वालियर | 1,000 |
| मुरैना | 550 |
| जबलपुर | 550 |
| उज्जैन | 330 |
| सागर | 330 |
| रीवा | 319 |
| सतना | 280 |
आंकड़ों से क्या दिखता है
बता दें इंदौर, शिवपुरी और ग्वालियर से कुल 5 हजार 400 फ्रॉड कॉल किए गए हैं। इन तीन जिलों की कॉल मिलाकर लिस्ट में दिए कुल 7 हजार 759 कॉल का बड़ा हिस्सा बनती हैं। यह आंकड़ा ऊपर दी गई सूची को जोड़कर निकाला गया है। इसे रिपोर्ट का ऑफिशियल कंक्लूजन नहीं माना गया है।
ग्वालियर से अमेरिका तक फैला जाल
मध्यप्रदेश पुलिस ने ग्वालियर में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी करने वाला एक फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा है। वहां से अमेरिकी सिटिजन्स को लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी की जाती थी। आरोपी खुद को अमेरिका की एक फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन का एजेंट बताता था। यह रैकेट आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर स्थित होटल में चल रहा था।
दिल्ली पुलिस ने इंदौर में पकड़ा कॉल सेंटर
अगस्त महीने में दिल्ली पुलिस ने इंदौर में एक अवैध कॉल सेंटर पकड़ा था। रिपोर्ट के मुताबिक, ये लोग अवैध स्रोतों से उन लोगों का डेटा खरीदते थे, जो पहले से शेयर बाजार में निवेश कर रहे थे। फिर उन्हें शेयर बाजार का भरोसा देकर एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग का लालच दिया जाता था।
यह फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग का ही मामला बताया गया है। फॉरेक्स यानी अलग-अलग देशों की मुद्राओं की खरीद-बिक्री। पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया था।
खुद को ठगी से कैसे बचाएं
रिपोर्ट के मुताबिक, ठग डेटा खरीदकर उन लोगों को निशाना बनाते हैं, जो पहले से इंवेस्टमेंट कर रखे होते हैं। इसलिए कुछ सावधानियां जरूरी हैं।
अनजान कॉल पर इंवेस्टमेंट या ट्रेडिंग का भरोसा न करें। किसी फॉरेक्स या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता जांच लें। लोन या ज्यादा मुनाफे का झांसा देने वाले कॉल पर अपनी बैंक जानकारी शेयर न करें। ठगी का शक होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
आगे क्या देखना होगा
राज्य साइबर सेल ने फोन कॉल की डिटेल जिलों को सौंपी है। अब देखना होगा कि जिलों में कितने गिरोह पकड़े जाते हैं। सवाल यह भी है कि सैलरी और कमीशन पर चल रहे नेटवर्क कितने बड़े हैं।
जिन जिलों से सबसे ज्यादा कॉल हुए, वहां जांच और कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी। इंदौर, शिवपुरी और ग्वालियर के पुलिस प्रशासन से इस पर जवाब की उम्मीद की जा सकती है।
यह खबर क्यों जरूरी है
साइबर ठगी आम आदमी की मेहनत की कमाई पर सीधा हमला है। जब ठगी के ठिकाने अपने ही प्रदेश में बनें, तो खतरा ज्यादा करीब आता है। सैलरी और कमीशन पर भर्ती का मतलब है कि पढ़े-लिखे युवाओं को भी इस जाल में खींचा जा रहा है। इससे ठगी का नेटवर्क बड़ा हो सकता है। पाठक समय रहते सावधान हों, तो खुद को और परिवार को बचा सकते हैं।
FAQs
- मध्यप्रदेश में साइबर ठगी के किस प्रकार के मामले सामने आए हैं?
मध्यप्रदेश में साइबर ठगी के मामलों में ठगों ने अंतरराष्ट्रीय गिरोह बनाकर इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में फर्जी कॉल सेंटर स्थापित किए हैं, जहां अमेरिकी नागरिकों को लोन देने का झांसा देकर ठगी की जा रही थी। - ठगों द्वारा की गई फ्रॉड कॉल्स के आंकड़े क्या हैं?
जनवरी से सितंबर 2026 के बीच मध्यप्रदेश में लगभग 8 हजार फ्रॉड फोन कॉल की गईं, जिनमें इंदौर, शिवपुरी और ग्वालियर जैसे जिलों से सबसे ज्यादा कॉल की गईं। इंदौर से 2,500, शिवपुरी से 1,900 और ग्वालियर से 1,000 कॉल दर्ज की गईं। - लोग खुद को साइबर ठगी से कैसे बचा सकते हैं?
लोग अनजान कॉल पर निवेश या ट्रेडिंग का भरोसा न करें, किसी फॉरेक्स या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता जांच लें और लोन या ज्यादा मुनाफे का झांसा देने वाले कॉल पर अपनी बैंक जानकारी साझा न करें।