मुंबई की करोड़ों की हेरिटेज प्रॉपर्टी बेचेगी MP सरकार, एक सौ सत्रह साल पुरानी इमारत भी शामिल
मुंबई में है मध्य प्रदेश सरकार की प्रॉपर्टी
मध्यप्रदेश सरकार (MP Government) दूसरे राज्यों में स्थित अपनी संपत्तियों को बेचकर पैसा जुटाने की योजना बना रही है। इसी के तहत मुंबई की एक पुरानी इमारत को बेचने की तैयारी शुरू हो गई है।
इस प्रॉपर्टी की खास बात यह है कि इसे हेरिटेज बिल्डिंग (Heritage Conservation) का दर्जा मिला हुआ है। ऐसे में इसकी बिक्री के दौरान विरासत संरक्षण से जुड़े नियमों का भी ध्यान रखना होगा।
ब्रिटिश दौर में बनी थी मुंबई की एडवर्ड विला इमारत
मुंबई की एडवर्ड विला (Edward Villa) इमारत करीब एक सौ सत्रह साल साल पुरानी है। इसका निर्माण 1909 में हुआ था। बाद में इसे हेरिटेज बिल्डिंग घोषित किया गया। इमारत में पुरानी वास्तुकला (Architecture) की झलक दिखाई देती है। इसमें मोटी दीवारें और लकड़ी के पुराने दरवाजे हैं। भवन में लकड़ी की बीम और पत्थर का इस्तेमाल भी किया गया है।
इस प्रॉपर्टी का कुल निर्माण का क्षेत्र करीब 1,246 वर्ग मीटर बताया गया है। इमारत में दो ऊपरी मंजिलें भी हैं। ये सीढ़ियों के जरिए मुख्य भवन से जुड़ी हुई हैं।
प्रॉपर्टी की कीमत तय करने की तैयारी
सरकार ने इस संपत्ति की बिक्री से जुड़ी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर की सेवाएं ली जा रही हैं। एडवाइजर प्रॉपर्टी की कीमत और बिक्री की संभावनाओं का आकलन करेगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी।
अभी प्रॉपर्टी की अंतिम कीमत सामने नहीं आई है। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि प्रॉपर्टी को किस तरह बेचा जा सकता है। इसलिए इसकी बिक्री से सरकार को कितनी रकम मिलेगी, यह कहना जल्दबाजी होगी।
दूसरे राज्यों में भी सरकार की करोड़ों की संपत्ति
मध्य प्रदेश सरकार की संपत्तियां सिर्फ मुंबई में ही नहीं हैं। बल्कि केरल, नागपुर और उत्तर प्रदेश में भी राज्य सरकार की जमीन और इमारतें हैं। इनमें कुछ संपत्तियां काफी कीमती हैं। वहीं कुछ जमीनों को लेकर विवाद भी चल रहे हैं।
सरकार ऐसी संपत्तियों की स्थिति का आकलन कर रही है, जिनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। उन्हें बेचने या किसी दूसरे काम में इस्तेमाल करने पर विचार किया जा सकता है।
पहले भी जमीन बेचकर जुटाए करोड़ों रुपए
मध्य प्रदेश सरकार पहले भी दूसरे राज्यों में मौजूद अपनी संपत्तियां बेच चुकी है। जानकारी के मुताबिक साल 2016 में सरकार ने केरल के वायनाड स्थित एक प्रॉपर्टी बेची थी। यह जमीन पुराने बीटी एस्टेट से जुड़ी बताई गई है। इस जमीन पर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था।
बाद में सरकार ने इस संपत्ति को बेचने का फैसला किया। इस सौदे से सरकार को करीब ग्यारह सौ दस करोड़ रुपए मिलने का दावा किया गया है। अब सरकार की नजर मुंबई की एडवर्ड विला और दूसरी पुरानी और कीमती संपत्तियों पर भी है।
नागपुर में भी करोड़ों की जमीन
मुंबई के अलावा नागपुर में भी मध्य प्रदेश सरकार की जमीन मौजूद है। यहां सड़क परिवहन निगम से जुड़ी करीब उन्नीस सौ छप्पन में खरीदी गई एक प्रॉपर्टी है। यह जमीन बाद में महाराष्ट्र सरकार के नाम दर्ज होने की बात सामने आई थी। इसी वजह से लंबे समय तक विवाद बना रहा।
अब इस जमीन को लेकर भी नए सिरे से चर्चा हो रही है। इसकी कीमत करोड़ों रुपए बताई जाती है।
उत्तर प्रदेश में भी जमीन को लेकर विवाद
उत्तर प्रदेश के झांसी में भी मध्य प्रदेश सरकार की जमीन है। यह संपत्ति करीब 19 एकड़ में फैली बताई गई है। जानकारी के मुताबिक इस जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। मध्य प्रदेश सरकार इसे वापस लेने की कोशिश कर रही है।
सरकार को उम्मीद है कि विवाद खत्म होने पर इस जमीन का भी बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।
प्रॉपर्टी बेचने से क्या होगा फायदा?
पुरानी संपत्तियों के रखरखाव पर सरकार को पैसा खर्च करना पड़ता है। कई संपत्तियां लंबे समय से इस्तेमाल में भी नहीं आ रही हैं। ऐसे में सरकार इनकी बिक्री से राजस्व जुटा सकती है। इस रकम का उपयोग राज्य की दूसरी जरूरतों में किया जा सकता है।
फिलहाल मुंबई की एडवर्ड विला प्रॉपर्टी (Edward villa property) की बिक्री प्रक्रिया पर नजर है। हालांकि संपत्तियां बेचने का अंतिम फैसला उनकी कीमत, कानूनी स्थिति और सरकारी मंजूरी पर निर्भर करेगा।
FAQ:
- मध्य प्रदेश सरकार एडवर्ड विला को क्यों बेचने जा रही है?
मध्य प्रदेश सरकार दूसरी राज्यों में मौजूद अपनी संपत्तियों से पैसा जुटाने की तैयारी में है, जिसमें मुंबई का एडवर्ड विला भी शामिल है। - एडवर्ड विला की बिक्री के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी?
सरकार ने एडवर्ड विला की बिक्री के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर की सेवाएं ली हैं, जो प्रॉपर्टी की कीमत और बिक्री की संभावनाओं का आकलन करेगा। - क्या मध्य प्रदेश सरकार की संपत्तियाँ सिर्फ मुंबई में ही हैं?
नहीं, मध्य प्रदेश सरकार की संपत्तियाँ केवल मुंबई में नहीं हैं, बल्कि केरल, नागपुर और उत्तर प्रदेश में भी कई संपत्तियाँ हैं, जिनमें कुछ कीमती संपत्तियाँ और विवादित जमीने भी शामिल हैं।