दुनिया के सबसे अमीर क्लब में शामिल हुई मुंबई यूनिवर्सिटी, देश को दिए 31 अमीर बिलियनर्स
Mumbai University Billionaires List: भारत के एजुकेशन सेक्टर के लिए एक बहुत बड़ी और गर्व की खबर आई है। हमारे देश का एक मशहूर संस्थान अब दुनिया के सबसे अमीर क्लब में शामिल हो गया है। मुंबई यूनिवर्सिटी ने पूरी दुनिया में भारत का नाम बहुत ऊंचा कर दिया है।
एक इंटरनेशनल स्टडी में इस बात का बड़ा खुलासा हुआ है। यह स्टडी दुनियाभर के 3 हजार 184 सुपर रिच अरबपतियों के ऊपर की गई थी। इस रिसर्च का मकसद उनके एजुकेशन बैकग्राउंड को जानना था।
डेटा के मुताबिक मुंबई यूनिवर्सिटी सबसे ज्यादा बिलियनर्स देने वाली टॉप 10 लिस्ट में आ चुकी है। इसे ग्लोबल रैंकिंग में 10वां स्थान मिला है।
यहां से पढ़कर निकले 31 स्टूडेंट्स आज दुनिया के बड़े अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हैं। यह बात हर भारतीय को गौरवान्वित करती है।
मुंबई यूनिवर्सिटी के पास कुल कितनी वेल्थ हैं
डेटा के मुताबिक, इस प्रतिष्ठित संस्थान से डिग्री लेने वाले अमीरों की कुल वेल्थ बहुत ज्यादा है। इन 31 अरबपतियों की कुल नेट वर्थ 232.6 अरब डॉलर आंकी गई है।
अगर हम इन रईस पूर्व छात्रों के नामों पर नजर डालें तो चौंक जाएंगे। भारत के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी इसी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट रहे हैं।
आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने भी यहीं से शिक्षा पाई है। डी-मार्ट के मालिक राधाकिशन दमानी भी इसी लिस्ट का हिस्सा हैं।
इन सभी दिग्गजों ने मुंबई यूनिवर्सिटी से पढ़कर अपने करियर की शुरुआत की थी। आज ये लोग देश की इकोनॉमी को आगे बढ़ा रहे हैं। इनकी वेल्थ का मुख्य सोर्स एनर्जी, टेलीकॉम, रिटेल और बड़े फैमिली बिजनेस से जुड़ा है। इन सेक्टर्स में इनका पूरा दबदबा है।
वैश्विक स्तर पर कौन सी यूनिवर्सिटीज हैं नंबर वन
अगर हम पूरी दुनिया की बात करें तो अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी टॉप पर है। हार्वर्ड ने दुनिया को सबसे ज्यादा 134 अरबपति दिए हैं। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर अमेरिका की ही स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी का नाम आता है।
स्टैनफोर्ड से पढ़कर कुल 86 छात्र अरबपति बने हैं। तीसरे नंबर पर यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया है जिसने 63 बिलियनर्स दुनिया को दिए हैं।
मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) भी इस लिस्ट में ऊपर है। इस लिस्ट में चीन की झेजियांग यूनिवर्सिटी और रूस की मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं।
इनके अलावा येल यूनिवर्सिटी भी टॉप टेन में है। यह बहुत दिलचस्प है कि दुनिया के लगभग आधे अरबपति सिर्फ 100 चुनिंदा यूनिवर्सिटीज से पढ़े हैं। इनमें से ज्यादातर अमेरिका और चीन में हैं।
भारत का बिजनेस मॉडल कितना अलग है
इस स्टडी में अलग-अलग देशों के बिजनेस मॉडल के अंतर को भी समझाया गया है। अमेरिका की कमाई का मुख्य जरिया वेंचर कैपिटल और स्टार्टअप्स हैं।
वहां के लोग वित्तीय बाजार और नई टेक्नोलॉजी से बहुत ज्यादा पैसा कमाते हैं। चीन का पूरा फोकस डिजिटल इकोनॉमी और ई-कॉमर्स बिजनेस पर टिका हुआ है।
चीन की फिनटेक कंपनियां बहुत तेजी से नए अरबपति तैयार कर रही हैं। लेकिन भारत का पूरा बिजनेस मॉडल इन दोनों देशों से काफी अलग है।
भारत में ज्यादातर अरबपति ट्रेडिशनल कोर सेक्टर्स से अपनी वेल्थ बनाते हैं। इनमें इंडस्ट्रियल बिजनेस, टेलीकॉम और पारिवारिक स्वामित्व वाले बड़े उद्यम शामिल हैं।
इसी वजह से भारत के पुराने और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों का महत्व बहुत बढ़ जाता है। मुंबई यूनिवर्सिटी इसका सबसे बड़ा और बेहतरीन उदाहरण है।
किस विषय की पढ़ाई करने वाले छात्र बनते हैं सबसे ज्यादा अमीर
इस रिसर्च रिपोर्ट में एक और बहुत ही मजेदार डेटा सामने आया है। इसमें बताया गया है कि किस सब्जेक्ट के छात्र सबसे अमीर बनते हैं। दुनियाभर में बिजनेस और इकोनॉमिक्स (Indian Billionaires)की पढ़ाई करने वाले सबसे ज्यादा रईस बने हैं।
इस सब्जेक्ट से कुल एक हजार 118 छात्र अरबपति बने हैं। दूसरे नंबर पर इंजीनियरिंग के छात्रों का जलवा पूरी दुनिया में दिखाई देता है। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से कुल 434 लोग बिलियनर्स की लिस्ट में पहुंचे हैं।
नेचुरल साइंस पढ़ने वाले 194 और ह्यूमेनिटीज पढ़ने वाले 192 लोग अमीर बने हैं। लॉ यानी कानून की पढ़ाई करने वाले 153 लोग अरबपति हैं।
कंप्यूटर साइंस से 137 और सोशल साइंस पढ़कर 134 लोग इस मुकाम पर पहुंचे हैं। आर्ट्स, एजुकेशन और एग्रीकल्चर से सबसे कम अरबपति बने हैं।
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