दूर गगन से भी जगमग दिखते हैं यूपी-बिहार, नासा ने किया खुलासा
News In Short
- यूपी-बिहार में रात की रोशनी का स्तर दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ा है।
- वैज्ञानिकों ने 9 सालों की 16 लाख सैटेलाइट तस्वीरों का अध्ययन कर यह मैप तैयार किया।
- सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे बिहार-यूपी में बिजली के बुनियादी ढांचे में हुए सुधार का परिणाम बताया है।
- नासा ने इसके लिए VIIRS सेंसर और नए एल्गोरिदम का प्रयोग किया है।
News In Detail
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) द्वारा जारी की गई एक हालिया तस्वीर ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। अंतरिक्ष से लिए गए वर्ल्ड नाइट लाइट मैप में उत्तर प्रदेश और खासकर बिहार का इलाका पृथ्वी के सबसे चमकीले हिस्सों में से एक बनकर उभरा है।
इस तस्वीर ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि बिहार और यूपी को आर्थिक रूप से पिछड़ा माना जाता रहा है, लेकिन रोशनी के मामले में इन्होंने विकसित देशों को भी पीछे छोड़ दिया है।
16 लाख सैटेलाइट तस्वीरों का एनालिसिस
दरअसल, नासा ने 13 अप्रैल 2026 को सैटेलाइट डेटा पर आधारित एक नया ग्लोबल मैप जारी किया। इस शोध में वैज्ञानिकों ने 2014 से 2022 के बीच यानी 9 सालों के दौरान पृथ्वी पर रात की रोशनी में आए बदलावों की स्टडी किया।
इसके लिए 16 लाख सैटेलाइट तस्वीरों का गहन विश्लेषण किया गया। नतीजों से पता चला कि शहरीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास के कारण उत्तर भारत, विशेष रूप से यूपी-बिहार में रोशनी का स्तर अभूतपूर्व तरीके से बढ़ा है।
विकसित देशों से ज्यादा चमक रहा है भारत का यह कोना
कनेक्टिकट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों, टियान ली और झे झू के नेतृत्व में इस रिसर्च के लिए एक खास एल्गोरिदम का इस्तेमाल किया गया। इसमें Visible Infrared Imaging Radiometer Suite (VIIRS) सेंसर की मदद ली गई। इस मैप में सुनहरा रंग उन क्षेत्रों को दर्शाता है जहां रात की रोशनी बहुत तेज है, जबकि बैंगनी रंग उन इलाकों को दिखाता है जहां रोशनी कम हुई है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
जैसे ही नासा अर्थ ने इस तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया, यूजर्स के कमेंट्स की बाढ़ आ गई। एक यूजर ने लिखा, ज्ञान की धरती बिहार अब सबसे ज्यादा चमक रही है।
वहीं अन्य लोगों ने इसे भारत की पिछले 10-15 सालों की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। लोगों का कहना है कि जहां पहले बिहार में 6-8 घंटे बिजली आती थी, अब वह 21-23 घंटे तक पहुंच गई है। इसी चौबीस घंटे की बिजली ने अंतरिक्ष से भारत की तस्वीर बदल दी है।
नासा का विजन
नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के डिप्टी डायरेक्टर मिगुएल रोमन का कहना है कि यह डेटा सिर्फ रोशनी नहीं, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र की अहम जानकारियां देता है। उन्होंने कहा कि रात के समय पृथ्वी हमें बहुत कुछ सिखा सकती है। वैज्ञानिकों की यह तकनीक इतनी सटीक है कि वे हाईवे पर बने छोटे से टोल बूथ की लाइट को भी अंतरिक्ष से देख सकते हैं।
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