नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुंग ने दिया इस्तीफा, मनी लॉन्ड्रिंग विवाद के बाद छोड़ा पद

Jitendra Shrivastava | Apr 22, 2026, 15:56 IST
Photograph: (thesootr)
INTERNATIONAL DESK. नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुंग ने मनी लॉन्ड्रिंग विवाद के बीच इस्तीफा दिया। बालेन शाह सरकार को यह दूसरा बड़ा झटका है। जांच में सहयोग का आश्वासन दिया।

News In Short

  • गृहमंत्री गुरुंग ने सोशल मीडिया से दिया इस्तीफा।
  • मनी लॉन्ड्रिंग विवाद बना इस्तीफे की वजह।
  • दीपक भट्ट से व्यावसायिक संबंध पर उठे सवाल।
  • बालेन शाह सरकार में यह दूसरा इस्तीफा।
  • गुरुंग ने जांच में सहयोग का वादा किया।

News In Detail

नेपाल की राजनीति में उस समय बड़ा भूचाल आया जब गृहमंत्री सुदन गुरुंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के आरोपी व्यापारी दीपक भट्ट से कथित व्यावसायिक संबंधों के कारण उन पर दबाव बढ़ता जा रहा था।



प्रधानमंत्री बालेन शाह (PM Balen Shah) की सरकार के लिए यह दूसरा बड़ा झटका है। गुरुंग ने फेसबुक के जरिए इस्तीफे की घोषणा की और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।



गृहमंत्री गुरुंग का इस्तीफा

नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुंग ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा (Resignation) दे दिया। यह इस्तीफा ऐसे समय में आया जब उन पर कई गंभीर आरोप लग रहे थे। विवादित व्यापारी दीपक भट्ट से उनके कथित व्यावसायिक संबंध सार्वजनिक हो चुके थे।



दीपक भट्ट पर मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के मामले में जांच चल रही है। ऐसे में गुरुंग का पद पर बने रहना सरकार के लिए मुश्किल बनता जा रहा था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए इस्तीफे की घोषणा की। यह कदम राजनीतिक पारदर्शिता (Political Transparency) की दिशा में उठाया गया बताया जा रहा है।



गुरुंग ने सोशल मीडिया पर की पोस्ट

गुरुंग ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि वे निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पद पर रहते हुए हितों का टकराव (Conflict of Interest) उचित नहीं होगा। इसलिए उन्होंने गृहमंत्री के पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।



गुरुंग ने कहा कि सार्वजनिक रूप से उनके निवेशों पर जो सवाल उठाए गए हैं, उन्हें उन्होंने गंभीरता से लिया है। शेयरों में निवेश (Share Investment) को लेकर उन पर संदेह जताया गया था। यह इस्तीफा प्रधानमंत्री बालेन शाह को सौंपा गया और सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक किया गया।



मनी लॉन्ड्रिंग विवाद की जड़

गुरुंग पर आरोप था कि उन्होंने दीपक भट्ट और सुलभ अग्रवाल जैसे विवादित व्यापारियों से व्यावसायिक साझेदारी (Business Partnership) की। ये दोनों व्यापारी आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों के घेरे में रहे हैं।



इसके अलावा गुरुंग ने अपनी आधिकारिक संपत्ति घोषणा में कुछ कंपनियों में निवेश की जानकारी नहीं दी थी। 'स्टार माइक्रो इंश्योरेंस' और 'लिबर्टी माइक्रो लाइफ' में किए गए निवेश को छुपाने के आरोप लगे। यह वित्तीय अनियमितता (Financial Irregularity) का गंभीर मामला बनता जा रहा था।



बैंक खाते पर उठे सवाल

दावा किया गया कि गुरुंग के बैंक खाते में कुछ व्यक्तियों ने 60 लाख रुपए जमा कराए थे। इस राशि का उपयोग कथित रूप से शेयर खरीदने के लिए किया गया था। इससे उनके धन के स्रोत (Source of Wealth) पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।



विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार (Corruption) का स्पष्ट प्रमाण बताया। गृहमंत्री के रूप में वे उसी पुलिस विभाग के प्रमुख थे जो दीपक भट्ट के खिलाफ जांच कर रही थी। इस हितों के टकराव को लेकर विपक्ष ने कड़ा रुख अपनाया।



विपक्ष का कड़ा रुख

विपक्ष ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार विरोधी (Anti-Corruption) सरकार का हिस्सा होकर भी गुरुंग वित्तीय अनियमितताओं में शामिल थे। सोमवार को एक पोस्ट में गुरुंग ने कहा था कि बहुत सारी अफवाहें फैल रही हैं। उन्होंने आरोपों और सच्चाई को अलग-अलग बताने की जरूरत जताई। उन्होंने कहा कि फैसले सबूतों पर आधारित होने चाहिए, भावनाओं पर नहीं। साथ ही उन्होंने पार्टी के हर फैसले का पालन करने का वादा किया।



बालेन शाह सरकार को दूसरा झटका

यह बालेन शाह (Balen Shah) सरकार में दूसरे मंत्री ने इस्तीफा दिया है। इससे पहले 9 अप्रैल को प्रधानमंत्री शाह ने श्रम मंत्री दीपक कुमार शाह को पद से हटाया था।



राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने पार्टी की आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में उन्हें बर्खास्त करने की सिफारिश की थी। पार्टी अध्यक्ष रवि लामिछाने के औपचारिक पत्र के बाद यह कार्रवाई हुई थी। दीपक कुमार शाह पर आरोप था कि उन्होंने पद का दुरुपयोग कर अपनी पत्नी को स्वास्थ्य बीमा बोर्ड में नियुक्त करवाया।



सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल

इन घटनाक्रमों ने नेपाल सरकार (Nepal Government) की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बालेन शाह की सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का वादा किया था। लेकिन अपने ही मंत्रियों के विवादों ने सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाया है। नेपाल की राजनीतिक स्थिरता (Political Stability) अब नई परीक्षा से गुजर रही है। गुरुंग का इस्तीफा जहां एक ओर पारदर्शिता का प्रतीक माना जा रहा है वहीं दूसरी ओर यह सरकार की कमजोरी भी उजागर करता है।



FAQ

  1. नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुंग ने इस्तीफा क्यों दिया?
    सुदन गुरुंग ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी व्यापारी दीपक भट्ट से कथित व्यावसायिक संबंधों और अपनी आधिकारिक संपत्ति घोषणा में निवेश छुपाने के आरोपों के बीच इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि पद पर रहते हुए निष्पक्ष जांच संभव नहीं है और हितों के टकराव से बचने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया। उन्होंने फेसबुक के जरिए इस्तीफे की घोषणा करते हुए जांच में पूरा सहयोग देने का भी आश्वासन दिया।
  2. बालेन शाह सरकार में इसके पहले किसने इस्तीफा दिया है?
    यह बालेन शाह की सरकार में दूसरा मंत्री इस्तीफा है। इससे पहले 9 अप्रैल को श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार शाह को पद से हटाया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी पत्नी जूनू श्रेष्ठ को स्वास्थ्य बीमा बोर्ड का सदस्य बनाए रखा। पार्टी की आचार संहिता के उल्लंघन के चलते राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने उन्हें बर्खास्त करने की सिफारिश की थी।
  3. नेपाल में गृहमंत्री गुरुंग पर क्या-क्या आरोप थे?
    गुरुंग पर मुख्य रूप से पाँच प्रकार के आरोप थे। पहला, मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी दीपक भट्ट और सुलभ अग्रवाल से व्यावसायिक साझेदारी। दूसरा, संपत्ति घोषणा में कंपनियों में निवेश न बताना। तीसरा, बैंक खाते में 60 लाख रुपये की संदिग्ध जमा राशि से शेयर खरीदना। चौथा, जिन व्यापारियों की जांच पुलिस कर रही थी उन्हीं से उनके कारोबारी रिश्ते होना। और पाँचवाँ, भ्रष्टाचार विरोधी सरकार का हिस्सा होते हुए भी वित्तीय अनियमितताओं में कथित संलिप्तता।

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