UK Tobacco Ban: अब नई पीढ़ी कभी नहीं खरीद पाएगी सिगरेट, सरकार ने उठाया ये ऐतिहासिक कदम
Kaushiki | Apr 22, 2026, 15:48 IST
UK Tobacco Ban
ब्रिटेन सरकार ने टोबैको एंड वेप्स बिल पास किया है। इसके तहत 2008 के बाद पैदा हुए लोग कभी भी कानूनी तौर पर तंबाकू नहीं खरीद पाएंगे। जानें क्या है टोबैको एंड वेप्स बिल और इसके कड़े नियम।
UK Tobacco Ban: ब्रिटेन ने अपनी आने वाली पीढ़ी को तंबाकू की लत से बचाने का जिम्मा उठाया है। वहां की संसद ने टोबैको एंड वेप्स बिल को भारी बहुमत से पास कर दिया है। इस कानून का मकसद दुनिया की पहली स्मोक-फ्री जनरेशन तैयार करना है।
अब बस किंग चार्ल्स III की फॉर्मल अप्रूवल का इंतजार है। इसके बाद ये पूरे ब्रिटेन में पूरी तरह लागू हो जाएगा। ये कानून इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में प्रभावी होगा। सरकार ने इस बिल को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में रखा था।
नए नियमों के मुताबिक, ये कानून एक जनवरी 2027 से लागू होगा। सरकार का मानना है कि इससे भविष्य में लाखों जिंदगियां बचेंगी। तंबाकू से होने वाली बीमारियों पर लगाम लगाना ही इसका मेन ऑब्जेक्टिव है।
![TOBACCO]()
ब्रिटेन का ये नया कानून बहुत ही अनोखे तरीके से काम करेगा। इसमें 1 जनवरी 2027 से तंबाकू खरीदने की न्यूनतम उम्र हर साल बढ़ेगी। यानी जो लोग 2008 के बाद पैदा हुए हैं, वे सिगरेट कभी नहीं खरीद पाएंगे।
अगर 2027 में कानूनी उम्र 18 साल है, तो 2028 में 19 हो जाएगी। इस तरह समय के साथ सिगरेट खरीदने वालों की संख्या खत्म हो जाएगी। दुकानदारों को हर ग्राहक की उम्र की कड़ाई से जांच करनी होगी।
कम उम्र के लोगों को सिगरेट बेचने पर भारी जुर्माना लगेगा। तंबाकू विक्रेताओं के लिए अब रजिस्ट्रेशन कराना भी बहुत जरूरी कर दिया गया है। तंबाकू के एडवरटाइजमेंट (tobacco ad) और प्रमोशन पर भी अब पूरी तरह रोक रहेगी।
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सिर्फ सिगरेट ही नहीं, वेपिंग को लेकर भी सरकार बहुत सख्त है। स्कूल, अस्पताल और बच्चों के मैदानों पर स्मोकिंग पूरी तरह बंद होगी। कई इनडोर सार्वजनिक जगहों पर अब वेपिंग (E-Cigarette) करना भी जुर्म होगा।
अगर कोई 18 साल से कम के बच्चे के साथ वेपिंग करेगा, तो दंड मिलेगा। हेल्थ सेक्रेटरी वेस स्ट्रीटिंग ने कहा कि ये कदम बीमारी रोकने के लिए है। इलाज कराने से बेहतर है कि हम पहले ही सावधानी बरतें।
वेपिंग में तंबाकू जलाया नहीं जाता, बल्कि लिक्विड (Tobacco company) को गर्म किया जाता है। इसकी स्टीम को लोग सांस के जरिए अपने शरीर के अंदर लेते हैं। सरकार इसे भी सेहत के लिए बहुत बड़ा खतरा मानती है।
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ब्रिटेन में हर साल तंबाकू से करीब 76 हजार लोगों की मौत होती है। ये मौतें कैंसर, दिल की बीमारी और फेफड़ों की समस्याओं से होती हैं। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, ज्यादातर लोग छोटी उम्र में स्मोकिंग शुरू करते हैं।
बाद में इस आदत को छोड़ना उनके लिए बहुत मुश्किल हो जाता है। धूम्रपान की वजह से नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) पर बहुत दबाव रहता है। इलाज पर होने वाला भारी खर्च देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है।
ब्रिटेन में करीब 75% स्मोकर्स चाहते हैं कि उन्होंने कभी सिगरेट न पी होती। इसलिए सरकार ने अब शिक्षा के साथ-साथ कड़े कानून का रास्ता चुना है।
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न्यूजीलैंड ऐसा कानून बनाने वाला दुनिया का सबसे पहला देश बना था। वहां 2022 में स्मोक फ्री एनवायरनमेंट कानून पास किया गया था। हालांकि 2024 में सरकार बदलने पर इसे वहां वापस ले लिया गया।
ब्रिटेन अब उसी दिशा में मजबूती से अपने कदम बढ़ा रहा है। WHO के मुताबिक, दुनिया की 71% आबादी किसी न किसी स्मोक-फ्री नीति में है।
आयरलैंड ने 2004 में पहली बार कार्यस्थलों पर स्मोकिंग बैन किया था। अब ब्रिटेन (Tobacco Control)का यह फैसला अन्य देशों के लिए भी मिसाल बनेगा। हालांकि कुछ कारोबारी इसे बहुत सख्त बताकर इसका विरोध भी कर रहे हैं।
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अब बस किंग चार्ल्स III की फॉर्मल अप्रूवल का इंतजार है। इसके बाद ये पूरे ब्रिटेन में पूरी तरह लागू हो जाएगा। ये कानून इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में प्रभावी होगा। सरकार ने इस बिल को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में रखा था।
नए नियमों के मुताबिक, ये कानून एक जनवरी 2027 से लागू होगा। सरकार का मानना है कि इससे भविष्य में लाखों जिंदगियां बचेंगी। तंबाकू से होने वाली बीमारियों पर लगाम लगाना ही इसका मेन ऑब्जेक्टिव है।
TOBACCO
जानिए कैसे लागू होगा ये नियम
अगर 2027 में कानूनी उम्र 18 साल है, तो 2028 में 19 हो जाएगी। इस तरह समय के साथ सिगरेट खरीदने वालों की संख्या खत्म हो जाएगी। दुकानदारों को हर ग्राहक की उम्र की कड़ाई से जांच करनी होगी।
कम उम्र के लोगों को सिगरेट बेचने पर भारी जुर्माना लगेगा। तंबाकू विक्रेताओं के लिए अब रजिस्ट्रेशन कराना भी बहुत जरूरी कर दिया गया है। तंबाकू के एडवरटाइजमेंट (tobacco ad) और प्रमोशन पर भी अब पूरी तरह रोक रहेगी।
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वेपिंग पर भी कसी गई नकेल
अगर कोई 18 साल से कम के बच्चे के साथ वेपिंग करेगा, तो दंड मिलेगा। हेल्थ सेक्रेटरी वेस स्ट्रीटिंग ने कहा कि ये कदम बीमारी रोकने के लिए है। इलाज कराने से बेहतर है कि हम पहले ही सावधानी बरतें।
वेपिंग में तंबाकू जलाया नहीं जाता, बल्कि लिक्विड (Tobacco company) को गर्म किया जाता है। इसकी स्टीम को लोग सांस के जरिए अपने शरीर के अंदर लेते हैं। सरकार इसे भी सेहत के लिए बहुत बड़ा खतरा मानती है।
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सख्त कानून की जरूरत क्यों पड़ी
बाद में इस आदत को छोड़ना उनके लिए बहुत मुश्किल हो जाता है। धूम्रपान की वजह से नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) पर बहुत दबाव रहता है। इलाज पर होने वाला भारी खर्च देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है।
ब्रिटेन में करीब 75% स्मोकर्स चाहते हैं कि उन्होंने कभी सिगरेट न पी होती। इसलिए सरकार ने अब शिक्षा के साथ-साथ कड़े कानून का रास्ता चुना है।
स्मोकिंग करने वालों के लिए बुरी खबर : खुली सिगरेट की बिक्री पर लग सकता है बैन, जल्द ही नहीं खरीद पाएंगे
दुनियाभर में स्मोक-फ्री पॉलिसी का असर
ब्रिटेन अब उसी दिशा में मजबूती से अपने कदम बढ़ा रहा है। WHO के मुताबिक, दुनिया की 71% आबादी किसी न किसी स्मोक-फ्री नीति में है।
आयरलैंड ने 2004 में पहली बार कार्यस्थलों पर स्मोकिंग बैन किया था। अब ब्रिटेन (Tobacco Control)का यह फैसला अन्य देशों के लिए भी मिसाल बनेगा। हालांकि कुछ कारोबारी इसे बहुत सख्त बताकर इसका विरोध भी कर रहे हैं।
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