नेटफ्लिक्स पर लगा जासूसी और डेटा चोरी का आरोप, जानें क्या है पूरा विवाद
Netflix Data Privacy: वीडियो स्ट्रीमिंग का मजा देने वाला नेटफ्लिक्स इस समय बड़ी कानूनी मुश्किल में फंस गया है। अमेरिका के टेक्सास राज्य में कंपनी पर एक बहुत बड़ा मुकदमा दायर किया गया है। इस केस ने पूरी दुनिया के इंटरनेट यूजर्स को चौंका दिया है।
टेक्सास के अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन ने नेटफ्लिक्स पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कंपनी अपने यूजर्स की जासूसी कर रही है। वह लोगों के स्क्रीन बिहेवियर को लगातार रिकॉर्ड कर रही है।
नेटफ्लिक्स आपको देखता है
अदालत में दायर की गई शिकायत में एक बेहद हैरान करने वाली बात कही गई है। शिकायत के मुताबिक, जब आप स्क्रीन पर नेटफ्लिक्स देखते हैं, तब कंपनी आपको देख रही होती है। यूजर ऐप पर कहां क्लिक कर रहा है, इस पर नजर रखी जाती है। वह किस वीडियो थंबनेल पर कितनी देर रुकता है, सब नोट होता है। कंपनी इस डेटा से अरबों डॉलर का फायदा कमा रही है।
प्राइवेसी का वादा करके धोखा देने का आरोप
मुकदमे के मुताबिक, Netflix ने खुद को दूसरी टेक कंपनियों से अलग बताया था। कंपनी ने पहले दावा किया था कि वह यूजर्स का डेटा कभी नहीं बेचेगी। लोग ट्रैकिंग से बचने के लिए इसकी मंथली फीस देते थे।
लेकिन आरोप है कि कंपनी ने इस भरोसे को पूरी तरह तोड़ दिया है। साल 2022 से कंपनी ने बच्चों और परिवारों के डेटा का कमर्शियल यूज शुरू कर दिया। इस डेटा को बड़े डेटा ब्रोकर्स के साथ शेयर किया गया।
इनफिनिट स्क्रॉलिंग पर उठ रहे सवाल
इस केस में नेटफ्लिक्स के एडिक्टिव डिजाइन फीचर्स को भी निशाना बनाया गया है। इसमें वीडियो खत्म होते ही अगला वीडियो खुद शुरू होने वाला ऑटो-प्ले सिस्टम शामिल है।
ये फीचर बच्चों और युवाओं को स्क्रीन से दूर नहीं जाने देता। इसी वजह से अब दुनियाभर में ऑटो-प्ले जैसी सुविधाओं को बंद करने की मांग उठ रही है। ये डिजाइन यूजर्स को कंटेंट के जाल में फंसाए रखता है।
नेटफ्लिक्स ने आरोपों को नकारा
इस पूरे विवाद पर नेटफ्लिक्स का बयान भी सामने आ चुका है। कंपनी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी के प्रवक्ता ने इस केस को बेबुनियाद बताया है।
प्रोटागोनिस्ट के मुताबिक, ये मुकदमा पूरी तरह से गलत और अधूरी जानकारी पर बेस्ड है। कंपनी अपने मेंबर्स की प्राइवेसी और डेटा प्रोटेक्शन का पूरा सम्मान करती है। वे इस केस को कोर्ट में मजबूती से चुनौती देंगे।
डेटा डिलीट करने और विज्ञापन रोकने की उठी मांग
टेक्सास के अटॉर्नी जनरल का मानना है कि कंपनी ने कंज्यूमर प्रोटेक्शन कानूनों का उल्लंघन किया है। उन्होंने कोर्ट से नेटफ्लिक्स पर भारी जुर्माना लगाने की मांग की है।
इसके साथ ही वे चाहते हैं कि कंपनी भ्रामक तरीके से जुटाया गया डेटा तुरंत डिलीट करे। बच्चों की प्रोफाइल पर ऑटो-प्ले फीचर को हमेशा के लिए बंद किया जाए। इस मामले की अगली सुनवाई पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।
नेटफ्लिक्स के बारे में
नेटफ्लिक्स दुनिया का सबसे पॉपुलर वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और एक ओटीटी सर्विस है। सरल शब्दों में कहें, तो ये एक डिजिटल टीवी की तरह है जो इंटरनेट की मदद से चलता है। इसमें आपको फिल्में, वेब सीरीज, डाक्यूमेंट्रीज और बच्चों के कार्टून देखने को मिलते हैं।
ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix India)की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमें टीवी चैनलों की तरह फिक्स टाइमिंग नहीं होती और कोई विज्ञापन नहीं आते। आप अपनी पसंद का कोई भी शो कभी भी, कहीं भी और कितनी भी बार देख सकते हैं।
इसे आप अपने स्मार्टफोन, लैपटॉप, टैबलेट या स्मार्ट टीवी पर ऐप डाउनलोड करके चला सकते हैं। हालांकि, इसे देखने के लिए आपको नेटफ्लिक्स का मंथली या इयरली सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है यानी पैसे देकर रिचार्ज कराना पड़ता है। इसके पास नेटफ्लिक्स ओरिजिनल्स नाम से खुद का बेहतरीन कंटेंट भी होता है।
रेफरेंस लिंक
- टेक्सास अटॉर्नी जनरल कार्यालय द्वारा जारी की गई आधिकारिक प्रेस रिलीज।
- बीबीसी टेक्नोलॉजी रिपोर्ट और कोर्ट फाइलिंग डाक्यूमेंट्स।
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