1 अक्टूबर 2026 से बदलेंगे नियम: LPG, बैंक एफडी, जन्म-मृत्यु पंजीकरण सहित 9 बड़े बदलाव, पड़ सकता है आपकी जेब पर असर

Manya Jain | Sootr Creatives | Sept 30, 2026, 12:31 IST
1 अक्टूबर 2026 से बदलेंगे LPG, बैंक FD सहित कई नियम
1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर के लिए बायोमेट्रिक आधार वेरीफिकेशन अनिवार्य हो गया है। बैंक एफडी और जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नए नियम भी इसी दिन से लागू होंगे। 15 अक्टूबर से UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR लगेगा और व्हाट्सएप बिजनेस मैसेज पर शुल्क शुरू होगा। त्योहारों में कार, इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे हो सकते हैं। 80 साल से ऊपर के पेंशनभोगी आज से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकेंगे।

    समझें क्या है पूरा मामला

    महीने की पहली तारीख से देश में अक्सर वित्तीय और प्रशासनिक नियम बदलते हैं। अक्टूबर 2026 में भी ऐसा ही हो रहा है। LPG, बैंक FD और जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नियम बदल रहे हैं। साथ ही UPI, व्हाट्सएप बिजनेस और NRI प्रॉपर्टी के नियम भी बदल रहे हैं।



    इनमें से कुछ आज से लागू हो रहे हैं। कुछ नियम 15 और 31 अक्टूबर से लागू होंगे।



    LPG सिलेंडर पर सबसे बड़ा बदलाव

    सब्सिडी वाला घरेलू LPG रिफिल लेने के लिए अब बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा। यह नियम 1 अक्टूबर 2026 से हर हाल में लागू हो जाएगा।



    सरकार ने इसकी पहली डेडलाइन 30 जून 2026 रखी थी। राहत देने के लिए इसे कई बार बढ़ाया गया।



    वेरीफिकेशन नहीं कराया तो क्या होगा?

    जिन ग्राहकों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की, उनका सिलेंडर बंद नहीं होगा। लेकिन उन्हें सरकारी सब्सिडी नहीं मिलेगी। सिलेंडर बाजार कीमत पर खरीदना पड़ सकता है।



    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक 19 सितंबर तक स्थिति साफ थी। करीब 89.9 प्रतिशत ग्राहकों का वेरीफिकेशन पूरा हो चुका था।



    बैंक FD का भी बदलेगा नियम

    रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंक डिपॉजिट के ब्याज नियमों में बदलाव किया है। यह नियम भी 1 अक्टूबर से लागू होगा।



    अब एक ही बैंक की सभी ब्रांचों में ग्राहकों को एक समान FD दरें मिलेंगी। ज्यादातर नियम 3 करोड़ रुपए या उससे बड़े बल्क डिपॉजिट पर लागू होंगे। आम FD निवेशकों पर सीधा असर सीमित रहेगा।



    जन्म-मृत्यु पंजीकरण में अब बढ़ेगी सख्ती

    जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 भी 1 अक्टूबर से लागू होगा। भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण ने इसकी गजट नोटिफिकेशन जारी की है।



    नए कानून का मकसद समय पर पंजीकरण को बढ़ावा देना है। देरी से होने वाले पंजीकरण की जांच भी अब सख्त होगी।



    देरी से पंजीकरण पर क्या नियम लागू होगा?

    घटना के दो साल से ज्यादा देर होने पर अब सख्ती है। ऐसे मामलों में न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश जरूरी होगा।



    एक से दो साल के भीतर पंजीकरण के लिए भी मंजूरी चाहिए होगी। यह मंजूरी जिलाधिकारी या कार्यकारी मजिस्ट्रेट देंगे।



    पहले यह प्रक्रिया आसान थी। अब ज्यादा प्रशासनिक और न्यायिक जांच से गुजरना होगा।



    UPI पेमेंट पर 15 अक्टूबर से नया नियम

    15 अक्टूबर 2026 से UPI MDR (Merchant Discount Rate) के नए नियम लागू होंगे। दो हजार रुपए तक के UPI भुगतान और P2P ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे।



    फ्यूल और रेलवे टिकटपर दो हजार से ऊपर के UPI भुगतान पर MDR लगेगा। यह दर 0.5 प्रतिशत होगी। अन्य बड़े मर्चेंट पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत MDR लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपए होगी।



    किन व्यापारियों पर असर नहीं पड़ेगा?

    छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी। महीने में एक लाख रुपए तक QR कमाई पर MDR नहीं लगेगा। मध्यप्रदेश में कुछ पेट्रोल पंप संचालक इससे परेशान हैं। वे दो हजार से ज्यादा के UPI भुगतान पर रोक लगाने की तैयारी में हैं।



    इसलिए ग्राहकों को एक सलाह दी जा रही है। बड़े भुगतान के लिए कैश या कार्ड भी साथ रखें।



    व्हाट्सएप बिजनेस पर लगेगा शुल्क

    Meta ने व्हाट्सएप बिजनेस पर एक फैसला लिया है। कुछ खास मैसेज पर 1 अक्टूबर से चार्ज लगेगा। हर बिजनेस नंबर को हर महीने एक हजार सर्विस मैसेज मुफ्त मिलेंगे।



    इसके बाद अतिरिक्त मैसेज पर शुल्क लगेगा। आम ग्राहकों को किसी बिजनेस को मैसेज करने के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा।



    त्योहारों में कार-इलेक्ट्रॉनिक्स हो सकते हैं महंगे

    त्योहारी सीजन में खरीदारों की जेब पर असर पड़ सकता है। कार और इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगे हो सकते हैं। Maruti Suzuki, Tata Motors और Hyundai ने कुछ मॉडलों के दाम बढ़ाए हैं।



    AC की कीमत करीब 5 से 8 प्रतिशत बढ़ सकती है। LED TV, फ्रिज और वॉशिंग मशीन 3 से 4 प्रतिशत तक महंगे हो सकते हैं। कॉपर, स्टील, कच्चे तेल और माल ढुलाई की बढ़ी लागत इसकी वजह है।



    ITR डेडलाइन और ऑनलाइन शॉपिंग के नियम

    टैक्स ऑडिट के दायरे वाले करदाताओं के लिए जरूरी तारीख है। 31 अक्टूबर 2026 तक ITR भरना होगा। यह डेडलाइन हर टैक्सपेयर पर लागू नहीं होती।



    ऑनलाइन शॉपिंग में ग्राहकों को रिटर्न-रिफंड पॉलिसी और वारंटी की जानकारी मिलनी चाहिए। इंपोर्टेड सामान पर इंपोर्टर और देश की जानकारी भी देनी होगी।



    NRI से प्रॉपर्टी खरीदना हुआ आसान

    आयकर अधिनियम 2025 के तहत नया नियम लागू हो रहा है। अब NRI से प्रॉपर्टी खरीदते वक्त एक झंझट खत्म हुआ है। खरीदार को अलग से TAN (Tax Deduction Account Number) लेने की जरूरत नहीं होगी।



    खरीदार अपने सामान्य PAN (Permanent Account Number) से ही TDS काट और जमा कर सकेंगे। सरकार ने सिर्फ TAN की अनिवार्यता हटाई है। TDS काटने का नियम अब भी लागू रहेगा।



    निर्यातकों के लिए चार बड़े बदलाव

    भारत के एक्सपोर्ट सेक्टर के लिए भी 1 अक्टूबर अहम तारीख है। पूरा एक्सपोर्ट डिक्लेरेशन फ्रेमवर्क बदला जा रहा है। पुराने SOFTEX फॉर्म की जगह अब सिंगल Export Declaration Form आएगा।



    RoDTEP योजना की पुरानी दरों की मियाद खत्म हो रही है। RoDTEP का मतलब है निर्यात उत्पादों पर शुल्क-टैक्स छूट योजना। चीनी के निर्यात पर लगे प्रतिबंध की समय सीमा भी पूरी हो रही है।



    बुजुर्गों के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट

    80 साल या उससे ज्यादा उम्र के पेंशनभोगियों को राहत मिली है। वे 1 अक्टूबर 2026 से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकेंगे। आम पेंशनभोगियों के लिए यह विंडो नवंबर में खुलेगी।



    बुजुर्ग नागरिक इसे तीन तरीकों से जमा कर सकते हैं। Face RD ऐप, कॉमन सर्विस सेंटर या अपने बैंक के जरिए। इससे उनकी पेंशन बिना रुकावट आती रहेगी।



    किन बातों का रखें ध्यान

    सब्सिडी वाला LPG लेने वालों को सबसे पहले बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन पूरा कर लेना चाहिए। बड़ी FD कराने वाले निवेशक अब बैंक की वेबसाइट पर दरें आसानी से देख सकेंगे।



    जिन परिवारों में जन्म या मृत्यु का पंजीकरण अभी नहीं हुआ, उन्हें सतर्क रहना चाहिए। समय रहते यह काम पूरा कर लें। देरी होने पर अब ज्यादा कागजी कार्रवाई से गुजरना पड़ सकता है।



    1. 1 अक्टूबर 2026 से LPG नियमों में क्या बदलाव हो रहे हैं?
      1 अक्टूबर 2026 से घरेलू LPG सिलेंडर के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा।
    2. UPI पेमेंट पर नए नियम कब लागू होंगे और ये क्या हैं?
      UPI पेमेंट के नए नियम 15 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे, जिसमें दो हजार रुपए तक के भुगतान पर कोई चार्ज नहीं लगेगा, जबकि इससे ऊपर के भुगतान पर 0.5 प्रतिशत MDR लगेगा।
    3. जनम-मृत्यु पंजीकरण के लिए नए नियमों का क्या असर पड़ेगा?
      जनम-मृत्यु पंजीकरण में सख्ती बढ़ गई है, और देरी से पंजीकरण के लिए अब न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश आवश्यक होगा।
    Tags:
    • 1 अक्टूबर 2026 से बदलेंगे नियम
    • बैंक एफडी
    • एलपीजी आधार वेरीफिकेशन
    • UPI MDR
    • व्हाट्सएप बिजनेस चार्ज
    • NRI Property TAN
    • डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट
    • रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया
    • जन्म-मृत्यु पंजीकरण