नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग पर बवाल, उग्र हुआ कर्मचारियों प्रदर्शन, फूंकी कई गाड़ियां
फरीदाबाद के सेक्टर 37 और फेज 2 इलाके में आज, 13 अप्रैल की सुबह से ही तनाव बढ़ा हुआ है। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज हो गया है, जिसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची है।
कर्मचारियों में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ गुस्सा है, और मदरसन समेत कई कंपनियों के मजदूर काम छोड़कर सड़कों पर आ गए हैं। पुलिस अब कर्मचारियों को शांत करने और बातचीत का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है।
संपत्ति को भारी नुकसान
नोएडा के सेक्टर 2 में भी गाड़ियों और संपत्ति का नुकसान (हिंसक प्रदर्शन) पहुंचाया गया। हालात को काबू करने के लिए भारी पुलिस बल की तैनात किया गया है। इस दौरान आंसु गैस के गोले फेंककर भीड़ को काबू किया गया। जिला प्रशासन, पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारियों ने एक बैठक कर आश्वासन दिया था, लेकिन कर्मचारी इससे संतुष्ट नहीं हैं।
दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर जाम लगने के कारण कई गाड़ियां घंटों से रास्ते में फंसी रही। कई रास्तों पर किलोमीटर लंबी लाइन भी लगी हुई दिखी।
क्या है प्रोटेस्ट की मुख्य वजह
नोएडा में चल रहे इस प्रदर्शन के पीछे की मुख्य वजह मजदूरों और श्रमिकों की कम वेतन है। हाल ही में हरियाणा सरकार ने मिनिमम वेज को 14 हजार से बढ़ाकर 19 हजार कर दिया है। वहीं उत्तर प्रदेश में Minimum Wage अभी भी 13 हजार है। इस वजह से भी वर्कर्स के बीच असंतोष बढ़ गया था।
कई प्रदर्शनकारियों (workers protest) का कहना है कि पूरे महीने काम करने के बाद सैलरी के नाम पर सिर्फ 10 हजार दिए जाते हैं। बढ़ती महंगाई के बीच इतने कम वेतन में गुजारा करना बहुत मुश्किल है।
प्रशासन की ओर से थोड़ी राहत
इसी बीच रविवार को बढ़ते असंतोष को कम करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेषकर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कर्मचारियों और श्रमिकों को राहत दी है।
नए नियम के तहत कर्मचारियों को निर्धारित समय से अधिक काम करने पर नियमित मजदूरी की तुलना में दोगुना भुगतान मिलेगा। कंपनी को ओवरटाइम के पैसों में किसी भी प्रकार की कटौती करने से मना किया गया है।
इसके अलावा हर कंपनी को सप्ताह में एक दिन अनिवार्य रूप से छुट्टी देनी होगी। यदि किसी वजह से छुट्टी के दिन भी किसी कर्मचारी को बुलाया जाता है तो उसे दोगुनी दर से मजदूरी दी जाएगी।
वेतन और बोनस भुगतान
कई जगहों पर कंपनियां वेतन में देरी होने पर उन्हें किस्तों में देती थीं। प्रशासन ने इस पर भी रोक लगाते हुए महीने की 10 तारीख से पहले पूरा वेतन देने का आदेश जारी किया है। इसके अलावा हर कर्मचारी को सैलरी स्लिप देना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
दिवाली और अन्य त्योहारों पर मिलने वाले (diwali bonus) बोनस की अंतिम तारीख 30 नवंबर तय की गई है। हालांकि सरकार की ओर से मिनिमम वेज को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है।
औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस तैनात
आज के घटनाक्रम को देखते हुए उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी सभी श्रमिकों को संयम बरतने के लिए समझा रहे हैं। न्यूनतम बल प्रयोग के साथ शांति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। सभी से अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया गया है।
FAQ
- नोएडा में वर्कर्स प्रोटेस्ट क्यों हो रहा है?
नोएडा में श्रमिकों द्वारा वेतन विसंगतियों, कंपनी मालिकों की मनमानी और शोषण के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में न्यूनतम वेतन 13 हजार है जिसे बढ़ाने की मांग की जा रही है। - नोएडा प्रशासन ने श्रमिकों के हित के लिए क्या नए नियम बनाए हैं
प्रशासन द्वारा कंपनी को ओवरटाइम करवाने पर दोगुनी मजदूरी देने का आदेश दिया है। इसके अलावा हर हफ्ते छुट्टी और महीने की 10 तारीख से पहले पूरा वेतन दिए जाने का भी आदेश दिया गया है।
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