जनता पर महंगाई की मार: एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम
शॉट में समझें क्या है पूरा मामला...
- सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार को पेट्रोल-डीजल करीब 90 पैसे प्रति लीटर महंगा किया।
- पिछले शुक्रवार यानी 15 मई को भी 3 रुपए प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी हो चुकी थी।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है।
- अमेरिका-ईरान तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर आपूर्ति बाधित होने का खतरा मुख्य कारण है।
- डीजल महंगा होने से सब्जी, फल और जरूरी सामान की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
जनता पर दोहरी मार
PETROL DIESEL PRICE HIKE: देश की सरकारी तेल कंपनियों ने आज यानी मंगलवार की सुबह एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। यह बढ़ोतरी करीब 90 पैसे प्रति लीटर है।
खास बात यह है कि इससे पहले शुक्रवार, 15 मई को ही करीब तीन रुपए प्रति लीटर की बड़ी वृद्धि हो चुकी थी। यानी एक ही हफ्ते के भीतर यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। आम जनता की जेब पर एक के बाद एक दो झटके लगे हैं।
कच्चे तेल का संकट क्यों बना?
बाजार विशेषज्ञों और उद्योग सूत्रों के मुताबिक, यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर वैश्विक राजनीतिक तनाव से जुड़ी हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज स्ट्रैट से होने वाली तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई है।
भारतीय रिफाइनिंग कंपनियां इस महंगे कच्चे तेल को खरीद रही हैं, लेकिन उसी दाम पर घरेलू बाजार में नहीं बेच पा रही थीं। इससे उन्हें हर दिन भारी घाटा हो रहा था। पिछले शुक्रवार की तीन रुपए की बढ़ोतरी से कंपनियों के घाटे में करीब 25 फीसदी की कमी आई है। साथ ही, अंडर-रिकवरी (Under-Recovery) यानी लागत और बिक्री कीमत के बीच का फासला अभी भी बड़ा बना हुआ था। इसीलिए यह ताजा बढ़ोतरी की गई है।
चारों महानगरों में नए रेट
दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे बढ़कर 98.64 रुपए प्रति लीटर हो गया है। डीजल 91 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 91.58 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है। राजधानी में पेट्रोल का भाव 97.77 रुपए से बढ़कर 98.64 रुपए हो गया।
मुंबई में पेट्रोल 91 पैसे महंगा होकर 107.59 रुपए और डीजल 94 पैसे बढ़कर 94.08 रुपए प्रति लीटर पर आ गया है।
कोलकाता में इस बार सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज हुई। यहां पेट्रोल 96 पैसे बढ़कर 109.70 रुपए और डीजल 94 पैसे की वृद्धि के साथ 96.07 रुपए प्रति लीटर हो गया है।
चेन्नई में पेट्रोल 82 पैसे महंगा होकर 104.49 रुपए और डीजल 86 पैसे बढ़कर 96.11 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया।
आगे और बढ़ोतरी का खतरा
विशेषज्ञों की राय है कि अगर वैश्विक तनाव जल्दी नहीं थमा, तो आने वाले दिनों में किश्तों में और बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात अनिश्चित बने हुए हैं।
महंगाई पर सीधी चोट
एक हफ्ते में कुल मिलाकर करीब चार रुपए की संचयी बढ़ोतरी (Cumulative Hike) का सबसे ज्यादा असर माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स (Logistics) क्षेत्र पर पड़ेगा। डीजल के दाम बढ़ने से ट्रकों और गाड़ियों का किराया बढ़ जाता है।
इसकी वजह से देश भर में सब्जियों, फलों और रोजमर्रा के सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की लागत ऊपर चली जाएगी। इसका सीधा नतीजा होगा कि दुकानों और बाजारों में इन चीजों के दाम बढ़ेंगे। अगले कुछ हफ्तों में खुदरा महंगाई में एक बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
आम आदमी के बजट पर यह दोहरा बोझ है। एक तरफ गाड़ी में डलवाने का खर्च बढ़ा, दूसरी तरफ रसोई का सामान भी महंगा होने की तैयारी में है।
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