पेट्रोल-डीजल के दामों में हो सकता है उछाल, क्रूड ऑयल की कीमत 146 डॉलर तक पहुंची

Sandeep Kumar | Mar 19, 2026, 21:48 IST
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कतर के रास लफ्फान प्लांट के बंद होने और ईरान के हमले के बाद क्रूड तेल और गैस की कीमतें 30% तक बढ़ी हैं। इसका असर भारत में पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों पर पड़ा है।

News in Short

  • ईरान के हमले के कारण क्रूड ऑयल और गैस की कीमतें 30% बढ़ी।
  • पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 10-15 रुपए की बढ़ोतरी का खतरा।
  • क्रूड ऑयल की बढ़ी हुई कीमतों का असर खाद्य वस्तुओं पर भी पड़ेगा।
  • भारतीय तेल टैंकरों के लिए 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' खतरे में है।

News in Detail

ईरान के हमले के बाद 19 मार्च को क्रूड ऑयल और गैस की कीमतें 30% बढ़ी हैं। यह वृद्धि कतर के रास लफ्फान प्लांट के बंद होने और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' की सुरक्षा में कमी के कारण हुई है। कच्चे तेल की कीमत अब 146 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। इससे भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 10-15 रुपए तक बढ़ सकती हैं।



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गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का खतरा

इंडियन बास्केट के साथ इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 73 डॉलर से बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। अगर यह स्थिति बनी रहती है तो सरकारी तेल कंपनियों के लिए पेट्रोल-डीजल और गैस को वर्तमान कीमतों पर बेचना मुश्किल होगा। इसके परिणामस्वरूप आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 10-15 रुपए की बढ़ोतरी हो सकती है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में बताया कि भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन अगर क्रूड की कीमतें इसी स्तर पर बनी रहती हैं, तो दाम बढ़ाना जरूरी हो सकता है।



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खाने-पीने की वस्तुओं पर असर

क्रूड ऑयल की कीमत बढ़ने से पेट्रोल-डीजल के साथ खाद्य वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं। कच्चे तेल से पेंट, प्लास्टिक, फर्टिलाइजर और दवाइयों के कच्चे माल बनते हैं। डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी। इससे फल, सब्जी और अनाज की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है।



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यूरोप में गैस की कीमतों में उछाल

ईरान के कतर पर किए गए हमले का सबसे ज्यादा असर यूरोप में गैस की कीमतों पर पड़ा है। डच TTF बेंचमार्क गैस की कीमत 30% तक बढ़ी, जिससे गैस का मूल्य 70 यूरो प्रति मेगावॉट घंटा तक पहुंच गया। हालांकि, अब यह कीमत 16% की वृद्धि के साथ 63 यूरो के आसपास ट्रेड कर रही है। ब्रिटेन में भी गैस की कीमतें 140% तक बढ़ी हैं, जो जनवरी 2023 के बाद सबसे उच्चतम स्तर पर हैं।



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कतर का रास लफ्फान प्लांट बंद

ईरान के ड्रोन हमलों में कतर के रास लफ्फान प्लांट को गंभीर नुकसान हुआ है। यह प्लांट दुनिया का सबसे बड़ा LNG हब है और ग्लोबल सप्लाई का 20% हिस्सा यहां से आता है। इस प्लांट के बंद होने से वैश्विक गैस आपूर्ति में भारी कमी आई है। इसके परिणामस्वरूप गैस की कीमतों में तेजी आई है।



स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खतरा

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का बंद होना है। यह जलमार्ग फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया का 20% पेट्रोलियम इसी मार्ग से गुजरता है। युद्ध के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। भारतीय तेल टैंकरों के लिए यह मार्ग जोखिमपूर्ण हो गया है। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी मार्ग से मंगाता है।



कच्चे तेल के तीन बड़े बेंचमार्क

कच्चा तेल तीन बड़े बेंचमार्क पर बेचा जाता है। ये हैं ब्रेंट क्रूड, WTI और OPEC बास्केट। ब्रेंट क्रूड यूरोप के उत्तरी सागर से आता है। WTI अमेरिका के जमीनी इलाकों से निकलता है। OPEC बास्केट में खाड़ी देशों का तेल मिश्रित होता है।



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