पीएनबी ब्रांच में करोड़ों का फर्जीवाड़ा: बिना बताए बंद हुई एफडी, खातों से उड़े करोड़ों रुपए, मैनेजर समेत 5 कर्मियों पर कार्रवाई
उन्होंने सुरक्षा के लिए ये पैसा पीएनबी बैंक में रखा था। लेकिन बैंक से 35 करोड़ रुपए गायब हो गए। एक ग्राहक को खाते में कम रकम दिखी। इसके बाद घोटाले का सच सामने आया। खबर फैलते ही लोग बैंक पहुंचने लगे। कई खातों से पैसे गायब मिले। बिना बताए फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़ दी गई। लोगों के पासबुक में कोई एंट्री नहीं थी।
बिना बताए तोड़ी गई एफडी
बैंक पहुंचने पर लोगों को बड़ा झटका लगा। कई खातों में जमा रकम गायब मिली। ग्राहकों की फिक्स्ड डिपॉजिट समय से पहले बंद कर दी गई। इसके बाद पैसे दूसरे खातों में भेज दिए गए। इस पूरे फर्जीवाड़े की किसी को भनक नहीं लगी। लोगों को न तो मोबाइल पर मैसेज मिला। न ही किसी दस्तावेज पर दस्तखत लिए गए। धोखे से पैसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए गए।
ऑडिट के नाम पर ग्राहकों से धोखा
लोग जब पासबुक अपडेट कराने बैंक आते थे। तब कर्मचारी आरबीआई ऑडिट का बहाना बना देते थे। इस वजह से एंट्री समय पर नहीं हो पाती थी। इसी वजह से लोग फर्जीवाड़े को समय पर नहीं पकड़ पाए। जब खाते की सच्चाई सामने आई तो सबके होश उड़ा गए। लोग अब पाई-पाई का हिसाब मांग रहे हैं।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की। पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। लिस के मुताबिक, अब तक 18 से 25 खातों से यही शिकायतें मिली हैं। कुछ शिकायतें एफडी तोड़ने से जुड़ी हैं। कुछ में बिना रकम निकाले ही बैलेंस घट गया। इसको देखते हुए बैंक प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है।
ब्रांच मैनेजर समेत पांच कर्मचारी निलंबित कर दिए गए। शाखा का पूरा स्टाफ हटा दिया गया है। वहां अब नए कर्मचारी तैनात किए गए हैं। गुस्से में आए किसानों ने धरना दिया। बता दें कि बैंक ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
मैनेजर समेत पांच कर्मचारी निलंबित
मामला तूल पकड़ते ही पुलिस ने कार्रवाई की। 18 ग्राहकों की शिकायत पर केस दर्ज हुआ। पुलिस मामले की गहन छानबीन कर रही है। पीएनबी के क्षेत्रीय कार्यालय ने तुरंत बड़ा कदम उठाया। शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया।
ब्रांच में नए कर्मचारियों को तैनात किया गया है। बता दें कि बैंक के बाहर सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात किए गए हैं। साथ ही बैंक की टीम भी जांच में लगी है। आर्थिक अपराध शाखा को केस सौंपने की तैयारी है। पुलिस अधिकारी फर्जीवाड़े के तार तलाश रहे हैं। बैंक प्रबंधन ने पैसे लौटाने का आश्वासन दिया है। हालांकि ग्राहकों का आक्रोश अभी शांत नहीं हुआ है।
पीड़ितों का छलका दर्द
सबसे भारी कहानी एक पिता की है। वे 40 साल के हैं। उनकी 12 साल की बेटी दिव्यांग है। वे बेटी के इलाज के लिए बैंक पहुंचे थे। उनका कहना है कि उनके पास 10 लाख रुपए की एफडी थी। इलाज के लिए पैसे चाहिए थे।
एफडी तुड़वाने आए तो पता चला कि एफडी है ही नहीं। दूसरी ओर धर्मवीर नाम के व्यक्ति के खाते में 17.50 लाख रुपए थे। अब खाते में केवल 61 हजार रुपए बचे हैं। बैंक कर्मचारी कोई सही जवाब नहीं दे रहे हैं। इसे बुजुर्ग किसान निराश हैं।
बैंक फ्रॉड से बचने की सावधानियां
बैंक धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहें। अपने मोबाइल मैसेज पर लगातार नजर रखें। खाता या पासबुक से जुड़ी गड़बड़ी तुरंत पहचानें। कोई भी गड़बड़ी दिखे तो बैंक से संपर्क करें। अपनी शिकायत की कॉपी हमेशा संभाल कर रखें।
साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराएं। बैंक समाधान न करे तो आरबीआई (RBI - Reserve Bank of India) लोकपाल से संपर्क करें। सजग रहकर ही आप अपना पैसा सुरक्षित रख सकते हैं।
FAQs:
- पीएनबी बैंक में पैसे गायब होने का मामला क्या है?
पीएनबी बैंक में सुरक्षा के लिए रखा गया 35 करोड़ रुपए का कुछ हिस्सा गायब हो गया, जिससे ग्राहकों के खातों से पैसे बिना बताए ट्रांसफर किए गए और फिक्स्ड डिपॉजिट समय से पहले तोड़ दिए गए। - इस घोटाले की वजह से ग्राहकों को क्या परेशानियां हुईं?
ग्राहकों को पासबुक में गलत बैलेंस दिखा, समय से पहले फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़ने पर वे पैसे नहीं निकाल पाए, और बैंक के कर्मचारी उनकी शिकायतों का सही जवाब नहीं दे पाए। - बैंक ने इस मामले पर क्या कार्रवाई की है?
बैंक ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और नए कर्मचारियों को तैनात किया है। पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।