बेटे की चाह में गर्भवती पत्नी पर क्रूरता, पति ने लगाया करंट, अजन्मी बच्ची की मौत

Pawan Modiya | Jun 10, 2026, 22:08 IST
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उत्तराखंड में एक गर्भवती महिला के साथ कथित तौर पर बेहद क्रूर व्यवहार किया गया। आरोप है कि पति ने अवैध लिंग परीक्षण के बाद उसे पीटा और करंट लगाया। आठ महीने की गर्भस्थ बच्ची की मौत हो गई। महिला अस्पताल में भर्ती है और पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

    समझें क्या है पूरा मामला

    • गर्भवती महिला पर पति ने गंभीर अत्याचार करने का आरोप है।
    • आरोप है कि अवैध लिंग परीक्षण कराया गया था।
    • जांच में गर्भ में बेटी होने की जानकारी मिली।
    • हमले के बाद आठ महीने की बच्ची की मौत हुई।
    • पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ केस दर्ज किया।

    कैसे सामने आया मामला

    उत्तराखंड के देहरादून जिले से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। आरोप है कि बेटे की चाह में एक गर्भवती महिला को प्रताड़ित किया गया। इस घटना में गर्भ में पल रही आठ महीने की बच्ची की मौत हो गई। महिला का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।



    यह मामला विकासनगर क्षेत्र के बालूवाला का बताया गया है। पीड़िता सीमा की शादी करीब सात साल पहले हरियाणा के पानीपत निवासी बबलू से हुई थी। परिवार में पहले से दो बेटियां हैं। आरोप है कि इसी वजह से पति का व्यवहार लंबे समय से ठीक नहीं था।



    लिंग परीक्षण का आरोप

    परिजनों के अनुसार सीमा तीसरी बार गर्भवती थी। आरोप है कि कुछ दिन पहले उसे जबरन पानीपत ले जाया गया। वहां एक अवैध केंद्र पर भ्रूण का लिंग परीक्षण कराया गया। जांच में गर्भ में बेटी होने की जानकारी मिली। इसके बाद आरोपी पति नाराज हो गया।



    भारत में भ्रूण का लिंग परीक्षण कानूनन प्रतिबंधित है। इसका उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या और लैंगिक भेदभाव रोकना है। ऐसे मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।



    गर्भवती महिला पर हमले का आरोप

    पीड़िता के परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पति ने महिला के साथ मारपीट की। आरोप है कि उसके पेट पर लात और घूंसे मारे गए। डंडे से भी हमला किया गया।



    परिजनों का यह भी आरोप है कि महिला को नुकसान पहुंचाने के लिए पानी से भरे टब में करंट लगाया गया। घटना के बाद उसकी हालत बिगड़ गई। गर्भ में पल रही बच्ची पर भी इसका असर पड़ा। यह पूरा मामला पुलिस जांच का विषय है। जांच एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।



    गर्भस्थ बच्ची की मौत

    घटना की जानकारी मिलने पर महिला के पिता मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्हें घर के अंदर नहीं जाने दिया गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन से संपर्क किया। पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की।



    महिला को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। बाद में उसे दून अस्पताल रेफर किया गया। चिकित्सकीय देखरेख में उसका उपचार शुरू हुआ। मंगलवार को ऑपरेशन किया गया। इस दौरान गर्भ में पल रही बच्ची मृत पाई गई। महिला की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।



    पुलिस ने क्या कहा

    इस मामले में सहसपुर कोतवाल प्रदीप रावत का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है।



    पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पानीपत में कथित लिंग परीक्षण कहां कराया गया था। यदि किसी अवैध केंद्र की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।



    बेटी और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल

    यह मामला केवल एक परिवार का विवाद नहीं है। यह समाज में मौजूद लैंगिक भेदभाव की गंभीर तस्वीर भी दिखाता है। देश में बेटियों को बराबरी का अधिकार देने के लिए कई कानून और अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके बावजूद ऐसे आरोप चिंता बढ़ाते हैं।



    विशेषज्ञ लंबे समय से कहते रहे हैं कि बेटा और बेटी में भेदभाव सामाजिक समस्या है। इसके कारण महिलाओं पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ता है। गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकती है।



    जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

    फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच और साक्ष्यों के आधार पर होगी। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित महिला का इलाज जारी है और परिवार न्याय की मांग कर रहा है।



    जरूरी FAQ

    इस मामले में मुख्य आरोप क्या हैं?



    आरोप है कि गर्भवती महिला के पति ने अवैध लिंग परीक्षण कराया। गर्भ में बेटी होने की जानकारी मिलने के बाद महिला के साथ मारपीट की गई। परिवार ने करंट लगाने का भी आरोप लगाया है। घटना में गर्भस्थ बच्ची की मौत हो गई।



    पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?



    पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है। साथ ही कथित अवैध लिंग परीक्षण केंद्र की भी जांच की जा रही है।



    भ्रूण का लिंग परीक्षण भारत में वैध है या नहीं?



    नहीं। भारत में भ्रूण लिंग परीक्षण प्रतिबंधित है। यह कानून के तहत दंडनीय अपराध है। इसका उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या और लैंगिक भेदभाव को रोकना है।



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