गर्मी-उमस से गर्भवती महिलाओं को खतरा: हर 100 में से 27वी महिला बन रही शिकार
Manya Jain | Jun 10, 2026, 15:40 IST
mp pollution heat women high risk pregnancy
मध्यप्रदेश में छह माह में 1.75 लाख गर्भवती हाई-रिस्क श्रेणी में मिलीं। वायु प्रदूषण के कण प्लेसेंटा तक पहुंच रहे हैं। गर्मी-उमस से 2050 तक 37 लाख बच्चे स्टंटिंग के शिकार हो सकते हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत एक बड़ा सर्वे हुआ है।
- बीते छह महीनों में करीब 6.5 लाख गर्भवती महिलाओं की सेहत जांची गई।
- इनमें से 1.75 लाख महिलाओं को हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी श्रेणी में रखा गया है।
- प्रदेश में कुल 26.9% और भोपाल में 31.1% गर्भवती महिलाएं जोखिम में हैं।
- बढ़ती गर्मी, उमस और वायु प्रदूषण इस खतरे को और ज्यादा बढ़ा रहे हैं।
MP में हर चार में से एक गर्भवती खतरे में
प्रदेश में हाई-रिस्क की दर 26.9 प्रतिशत रही। यानी हर 100 गर्भवती महिलाओं में लगभग 27 महिलाएं इस खतरनाक श्रेणी में पाई गईं। भोपाल में स्थिति और गंभीर रही। यहां 31.1 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं हाई-रिस्क श्रेणी में मिलीं।
कौन-सी बीमारियां बना रही हैं खतरनाक
HIGH RISK PREAGNANCY
मोटापा, जुड़वा गर्भावस्था और पहले की प्रेग्नेंसी में जटिलताएं भी स्थिति को बिगाड़ती हैं। थायराइड जैसी बीमारियां भी इस श्रेणी में आने का कारण बन रही हैं। देर से शादी का चलन भी इस समस्या को बढ़ा रहा है।
प्लेसेंटा तक पहुंच रहे प्रदूषण के जहरीले कण
नतीजा यह होता है कि गर्भ में पल रहे बच्चे तक ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व कम पहुंचते हैं। बच्चे के विकास पर सीधा असर पड़ता है।
गर्मी और उमस से ठिगनेपन का खतरा
रिसर्च के अनुसार अगर जलवायु परिवर्तन इसी रफ्तार से जारी रहा तो 2050 तक दक्षिण एशिया में 30 से 37 लाख अतिरिक्त बच्चे स्टंटिंग के शिकार हो सकते हैं।
स्टंटिंग क्या होती है
c0513b87-1512-43c1-b51d-a6c682be25d7
उमस वाली गर्मी ज्यादा खतरनाक
बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में उमस वाली गर्मी पड़ती है। इसलिए यहां खतरा ज्यादा है।
गर्भावस्था की आखिरी तिमाही में सबसे ज्यादा जोखिम
गर्मी और उमस में मां का शरीर खुद को ठंडा रखने में ऊर्जा लगाता है। इससे प्लेसेंटा में ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है और बच्चे तक पोषण कम पहुंचता है।
क्या करें गर्भवती महिलाएं
जलवायु परिवर्तन पर ध्यान देने की जरूरत है। वैज्ञानिकों ने चेताया है कि अभी नहीं चेते तो आने वाली पीढ़ी को बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।
एक्सपर्ट कोट्स
डॉ. हिमांशु भदानी, पीडियाट्रिक विभाग, एम्स दिल्ली: "स्टंटिंग में बच्चे की लंबाई उम्र के हिसाब से कम रह जाती है। इससे सिर्फ कद नहीं रुकता — बच्चे की इम्यूनिटी और सीखने की क्षमता भी कमजोर होती है। इसका मुख्य कारण कुपोषण है।" (स्रोत: आजतक, 09 जून 2026)
FAQ
- हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी क्या होती है और इसके क्या कारण हैं?
हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वह स्थिति है जिसमें मां या बच्चे को सामान्य से अधिक खतरा होता है। इसके मुख्य कारण हैं — खून की कमी, हाई ब्लड प्रेशर, गर्भकालीन मधुमेह, 35 वर्ष से अधिक उम्र में गर्भधारण और वायु प्रदूषण। - वायु प्रदूषण गर्भावस्था को कैसे नुकसान पहुंचाता है?
वायु प्रदूषण के सूक्ष्म कण यानी पीएम 2.5 और पीएम 10 सांस के जरिए शरीर में जाते हैं और प्लेसेंटा तक पहुंच सकते हैं। इससे सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है। नतीजतन बच्चे को जरूरी ऑक्सीजन और पोषण कम मिलता है। - गर्मी और उमस से बच्चे का विकास क्यों रुकता है?
उमस भरी गर्मी में गर्भवती मां का शरीर खुद को ठंडा रखने में ऊर्जा लगाता है, जिससे प्लेसेंटा में ब्लड सर्कुलेशन घटता है। इससे बच्चे तक पोषण और ऑक्सीजन कम पहुंचती है।
एमपी में बढ़ रहे बाल विवाह के मामले, लड़कियों से ज्यादा लड़कों की हो रही शादी
NFHS Survey: तेजी से गिर रहे हैं MP में ब्रेस्टफीडिंग के आंकड़े
SRS Report 2024: भारत में बिना इलाज 45.5% मरीजों की मौत, इसमें आधे गांव के
क्या बूढ़ा हो रहा है भारत? देश में प्रजनन दर में गिरावट पर बोले एलन मस्क
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari