संत प्रेमानंद के आश्रम के बाहर हंगामा, शिष्य की मौत के बाद अपनों की तलाश में पहुंचे लोगों का प्रदर्शन, तीन हिरासत में

Aman Vaishnav | Oct 05, 2026, 10:36 IST
संत प्रेमानंद के श्रीराधा केलिकुंज आश्रम बाहर लापता परिजनों का प्रदर्शन।
संत प्रेमानंद के शिष्य की मौत के बाद वृंदावन स्थित श्रीराधा केलिकुंज आश्रम के बाहर तनाव का माहौल बन गया है। कई राज्यों से पहुंचे परिवार लापता लोगों की तलाश के लिए आश्रम के बाहर जुटे हैं। आश्रम प्रबंधन से जानकारी न मिलने पर परिजनों ने वहां विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कथित अभद्रता के मामले में पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लिया है।

प्रेमानंद महाराज आश्रम विवाद

बता दें कि शनिवार को कासगंज और महाराष्ट्र से भी कई लोग आश्रम पहुंचे। लापता परिजनों के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विवाद बढ़ा। इसके बाद लोगों ने आश्रम के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने आश्रम प्रबंधन पर जानकारी न देने का आरोप लगाया है।



बच्चों की तलाश में पहुंचे परिजनों के नाम

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर की उज्जवला ताकपिरे अपने 20 वर्षीय बेटे ओम परमेश्वरी को ढूंढ रही हैं। कासगंज निवासी चंद्रपाल चौहान अपने 16 वर्षीय बेटे मयंक सिंह चौहान की तलाश में आए।



दिल्ली नजफगढ़ की अनीता सिंह अपने दस वर्षीय बेटे अंश को खोज रही हैं। वहीं वृंदावन निवासी किशोरीलाल अपने 14 वर्षीय बेटे नवनीत की तलाश में पहुंचे। परिजनों को आश्रम के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। आक्रोशित होकर स्वजन बच्चों के फोटो लेकर बाहर ही प्रदर्शन करने लगे।



समर्थकों पर अभद्रता का आरोप, तीन हिरासत में

प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग खुद को संत का शिष्य बताकर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शनकारी परिवारों के साथ अभद्रता की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीन युवकों को तत्काल हिरासत में लिया।



पकड़े गए युवकों के नाम दिग्विजय, सचिन और अशोक कुमार बताए जा रहे हैं। चौकी प्रभारी सुधांशु यादव ने बताया कि तीनों युवक आश्रम समर्थक हैं। पुलिस के अनुसार सीधे तौर पर आश्रम से उनका कोई संबंध नहीं है।



बरसाना में मिला हाथरस का लापता युवक

वहीं हाथरस निवासी दीक्षित शिष्य अनुज चौधरी शनिवार को बरसाना में सकुशल मिल गया। स्वजन ने शुक्रवार को आश्रम के बाहर धरना प्रदर्शन किया था। पूछताछ में अनुज ने बताया कि वह पहले घर से वाराणसी गया था। इसके बाद वह चार दिन पहले बरसाना पहुंचा था।



हाईकोर्ट में जनहित याचिका, एसआईटी जांच की मांग

शिष्य आत्महत्या प्रकरण में इलाहाबाद हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। सामाजिक कार्यकर्ता अधिवक्ता प्रह्लाद कृष्ण शुक्ला ने यह याचिका लगाई है। याचिका में पूरे मामले की एसआइटी जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही याचिका में साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई गई है।



प्रेमानंद महाराज के आश्रम में हुए बदलाव

बता दें कि शिष्य की मौत के बाद वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज (Sant Premanand) के आश्रम में बड़े बदलाव हुए हैं। शिष्य की संदिग्ध मौत के बाद दीक्षा प्रक्रिया पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लग गई है। शिष्यों का ड्रेस कोड भी बदल दिया गया है।



वृंदावन की गलियों में संत प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन के लिए रोज हजारों लोग आते हैं। ऐसी मान्यता है कि उनके मुख से निकले शब्द लोगों के जीवन को बदल देते हैं।



जानकारी के अनुसार आश्रम में श्रद्धालुओं के दर्शन और दीक्षा प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। साथ ही साधक-साधिकाओं के लिए वर्षों से चले आ रहे पारंपरिक ड्रेस कोड को भी समाप्त कर दिया गया है।



हालांकि इन बदलावों की आधिकारिक तौर पर पुष्टि होना बाकी है। वहीं माना जा रहा है कि यह कदम आश्रम से जुड़े साधक रसिक दुलारी शरण (दीपक लोधी) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उठाया गया है।



25 सितंबर को गुरु कृपा कुंज अपार्टमेंट से गिरकर हुई इस घटना और फॉरेंसिक जांच के बीच आश्रम प्रशासन का यह फैसला चर्चा का विषय बना हुआ है।



क्या है यह पूरी घटना

बता दें कि दीपक लोधी मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। आश्रम में उन्हें रसिक दुलारी शरण के नाम से जाना जाता था। दो साल पहले वे वृंदावन आए थे। यहां उन्होंने प्रेमानंद जी महाराज से दीक्षा ली थी। बिजली का काम जानने के कारण उन्हें आश्रम में यही सेवा सौंपी गई थी। एक साल पहले उनकी मां भी उनसे मिलने वृंदावन आई थीं।



25 सितंबर को दीपक लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 25 सितंबर की सुबह वे गुरु कृपा कुंज अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर थे। अचानक वे छत से नीचे गिर गए। उनकी मौके पर ही उनकी मौत हो गई।



FAQ



  1. प्रेमानंंद महाराज के आश्रम विवाद का कारण क्या है?
    आश्रम विवाद का कारण लापता परिजनों के बारे में संतोषजनक जवाब न मिलना है, जिसके चलते परिजनों ने आश्रम के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
  2. प्रेमानंंद महाराज के आश्रम प्रबंधन पर क्या आरोप लग रहे है?
    परिजनों ने आश्रम प्रबंधन पर जानकारी न देने का आरोप लगाया है, जिससे उनकी लापता बच्चों की तलाश में कठिनाई हुई है।
  3. प्रेमानंंद महाराज के आश्रम के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस का क्या एक्शन हुआ?
    प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लिया, जो आश्रम समर्थक बताये जा रहे हैं और प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्रता करने का आरोप उन पर है।
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