राहुल गांधी का बड़ा दावा: हर छठा BJP सांसद वोट चोरी से जीता
समझें क्या है पूरा मामला
राहुल गांधी ने दावा किया है कि लोकसभा के 240 BJP सांसदों में से हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। उन्होंने असम और पश्चिम बंगाल को चुनाव आयोग की मदद से चुनाव चोरी के साफ उदाहरण बताया। पश्चिम बंगाल में BJP ने 206 सीटें जीतीं और TMC (तृणमूल कांग्रेस) सिर्फ 81 सीटों पर सिमट गई।
चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में SIR (Special Intensive Revision) के तहत करीब 91 लाख नाम हटाए गए थे। राहुल गांधी ने कहा कि यह वही प्लेबुक है जो मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और 2024 के लोकसभा चुनाव में भी देखी गई थी।
राहुल का नया तीखा वार
4 मई 2026 को पश्चिम बंगाल और असम के विधानसभा चुनाव नतीजे आए। BJP ने दोनों राज्यों में शानदार जीत हासिल की, लेकिन विपक्ष इस जीत को मानने को तैयार नहीं है।
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि असम और पश्चिम बंगाल में BJP ने चुनाव आयोग की मदद से चुनाव चोरी की। उन्होंने X पर एक के बाद एक तीखे पोस्ट किए। इनमें उन्होंने घुसपैठिया शब्द का इस्तेमाल ऐसे अंदाज में किया जो सीधे BJP पर व्यंग्य की तरह है।
राहुल गांधी ने लिखा कि वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसे BJP सांसदों को BJP की भाषा में घुसपैठिये कहा जाए? और हरियाणा के बारे में उन्होंने कहा कि वहां तो पूरी सरकार ही घुसपैठिया है।
बंगाल में क्या हुआ?
पश्चिम बंगाल में BJP ने 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। इसके साथ ही TMC का 15 साल पुराना शासन खत्म हो गया। यह नतीजा कई लोगों के लिए हैरान करने वाला है।
सबसे बड़ा नाटकीय मोड़ तब आया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी खुद की भवानीपुर सीट से हार गईं। BJP नेता शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें करीब 15 हजार वोटों के अंतर से हराया।
ममता बनर्जी रुकी नहीं। हार के बाद उन्होंने चुनाव आयोग को BJP का आयोग बताया और आरोप लगाया कि BJP ने चुनाव जीता नहीं, बल्कि चुराया है।
SIR और 91 लाख हटाए गए वोटर
चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने एसआईआर (Special Intensive Revision) यानी मतदाता सूची की विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया चलाई थी। इसमें पश्चिम बंगाल से करीब 91 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। यह मुद्दा चुनाव प्रचार के दौरान खूब गरमाया।
दिसंबर में जारी मसौदा सूची में 58 लाख 20 हजार नाम हटाए गए थे। 28 फरवरी को अंतिम सूची आई तो यह आंकड़ा बढ़कर 63 लाख 66 हजार हो गया। इसके अलावा 60 लाख से ज्यादा संदिग्ध मामलों को न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेजा गया।
विपक्ष का कहना था कि इन हटाए गए मतदाताओं में TMC के समर्थक बड़ी संख्या में थे। BJP ने इसका जवाब देते हुए कहा कि SIR से सिर्फ अवैध मतदाता हटाए गए।
राहुल ने उठाया घुसपैठ का मुद्दा
राहुल गांधी का यह बयान इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि उन्होंने BJP के अपने घुसपैठिया शब्द को उसी पर पलट दिया। उन्होंने लिखा कि लोकसभा के 240 BJP सांसदों में से मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है। इसका मतलब यह है कि अगर यह आंकड़ा सही माना जाए तो करीब 40 BJP सांसदों की जीत संदेह के घेरे में है।
यह वही शब्द है जिसे BJP नेता अक्सर बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों के लिए इस्तेमाल करते हैं। BJP सांसद संजय जायसवाल ने भी संसद में कहा था कि बिहार SIR में 35 लाख लोग ऐसे मिले जिन्होंने Form 6 नहीं भरा था और ये बांग्लादेशी या रोहिंग्या हो सकते हैं। अब राहुल गांधी ने उसी भाषा में BJP को जवाब दिया।
असम में भी BJP की बड़ी जीत
असम में BJP लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच गई। BJP के नेतृत्व वाले NDA (National Democratic Alliance) ने 126 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीतीं, जिनमें अकेले BJP को 82 सीटें मिलीं।
राहुल गांधी ने इसे भी उसी प्लेबुक का हिस्सा बताया जो पहले अन्य राज्यों में आजमाई जा चुकी थी।
विपक्ष एकजुट, Congress में भी तनाव
राहुल गांधी ने अपनी ही पार्टी के उन नेताओं को नसीहत दी जो TMC की हार पर खुश हो रहे थे। उन्होंने इसे छोटी-मोटी राजनीति बताया और कहा कि यह देश की बात है, किसी एक पार्टी की नहीं।
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी ममता बनर्जी का साथ दिया। उन्होंने कहा कि TMC को BJP ने नहीं बल्कि चुनाव आयोग, केंद्रीय बलों और वोटरों को वोट से वंचित करने की साजिश ने हराया है।
BJP का जवाब
BJP ने इन सभी आरोपों को राजनीतिक हताशा बताया। BJP सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि विपक्ष अपनी हार के असली कारण मानने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि 99.8 प्रतिशत घरों में बूथ स्तर के अधिकारियों ने जाकर फॉर्म भरवाए।
BJP का कहना रहा है कि SIR पारदर्शी और कानूनी प्रक्रिया है। इसका मकसद सिर्फ फर्जी और मृत मतदाताओं के नाम हटाना था। पार्टी ने आरोपों को बेबुनियाद करार दिया।
क्या यह लोकतंत्र का सवाल है?
राहुल गांधी ने लिखा कि चुनाव चोरी, संस्था चोरी... अब और चारा ही क्या है। यह पंक्ति विपक्ष की उस निराशा को दर्शाती है जो लगातार चुनावी हार के बाद उनके अंदर जमा होती जा रही है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि राहुल गांधी ने नतीजों के बाद ममता बनर्जी से फोन पर बात की। विपक्षी एकता की कोशिशें जारी हैं लेकिन नतीजे क्या रहेंगे यह आने वाला वक्त बताएगा।
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