ब्रिटिश नागरिकता विवाद: राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज, CBI करेगी जांच, जानें पूरा मामला

Jitendra Shrivastava | Apr 17, 2026, 18:24 IST
Photograph: (thesootr)
ALLAHABAD. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ बैंच ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। दोहरी नागरिकता (Dual Citizenship) मामले में अब CBI जांच होगी।

News In Short

  • हाईकोर्ट ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया।
  • मामला CBI को ट्रांसफर किया जाएगा।
  • UK वोटर रिकॉर्ड को साक्ष्य बताया गया।
  • गृह मंत्रालय ने 'टॉप सीक्रेट' फाइलें पेश कीं।
  • निचली अदालत का फैसला हाईकोर्ट ने पलटा।

News In Detail

क्या राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के पास ब्रिटिश नागरिकता (British Citizenship) है? यह सवाल अब सिर्फ सोशल मीडिया पर नहीं, बल्कि इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में भी गूंज रहा है। लखनऊ बेंच ने उनके खिलाफ FIR दर्ज करने और CBI जांच का आदेश दिया है। आइए, इस पूरे मामले को आसान भाषा में समझते हैं।



मामला है क्या? पहले समझें

यह मामला राहुल गांधी की नागरिकता (Citizenship) से जुड़ा है। याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर का आरोप है कि राहुल गांधी यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) के मतदाता रहे हैं।



शिशिर का दावा है कि UK के चुनावों में राहुल की भागीदारी के रिकॉर्ड मौजूद हैं। यह सवाल इसलिए गंभीर है क्योंकि भारतीय संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक साथ दो देशों की नागरिकता नहीं रख सकता।



कोर्ट में कैसे पहुंचा मामला?

पहले याचिकाकर्ता ने रायबरेली की निचली अदालत में एफआईआर दर्ज करवाने की माँग की थी। 28 जनवरी 2026 को स्पेशल MP-MLA मजिस्ट्रेट ने यह मांग खारिज कर दी।



इसके बाद विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ बेंच में क्रिमिनल एप्लिकेशन दाखिल की। हाईकोर्ट ने अब निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए FIR के आदेश दिए हैं।



हाईकोर्ट में क्या-क्या हुआ?

न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने सुनवाई के दौरान गृह मंत्रालय (Home Ministry) के फॉरेनर्स डिवीजन को सभी जरूरी दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए। मंत्रालय ने मामले से जुड़ी 'टॉप सीक्रेट' फाइलें (Top Secret Files) कोर्ट के सामने रखीं।



यह पहली बार है जब केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने इस मामले में आधिकारिक रूप से अपना पक्ष रखा। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उनका हलफनामा आरोपों को साबित करने में अहम भूमिका निभाएगा।



देखें पूरे केस की टाइमलाइन...

rahul gandhi


CBI जांच का आदेश क्यों?

उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में मांग रखी कि इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए।



जज ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि पहले FIR दर्ज हो और फिर मामले को CBI को ट्रांसफर किया जाए। CBI जांच का आदेश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) और नागरिकता (Citizenship) से जुड़ा मामला है।



किन कानूनों में केस दर्ज होगा?

याचिका में राहुल गांधी के खिलाफ कई गंभीर कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज करने की मांग की गई है। इनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराएं, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923 (Official Secrets Act), पासपोर्ट एक्ट 1967 (Passport Act) और फॉरेनर्स एक्ट 1946 (Foreigners Act) शामिल हैं। ये सभी कानून राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी नागरिकता से जुड़े हैं। इनके तहत आरोप साबित होने पर गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं।



राहुल गांधी पर क्या असर पड़ेगा?

अभी FIR दर्ज होने के बाद CBI जांच शुरू होगी। जांच में साक्ष्यों की पड़ताल होगी। यह मामला राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है। राहुल गांधी वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) हैं।



विपक्ष इस मामले को राजनीतिक प्रतिशोध (Political Vendetta) बता रहा है, लेकिन कोर्ट का आदेश संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे कानूनी दायरे में समझना जरूरी है।



FAQ

  1. राहुल गांधी के खिलाफ FIR का मामला क्या है?
    याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी यूनाइटेड किंगडम के मतदाता रहे हैं और वहां के चुनावों में उनकी भागीदारी के रिकॉर्ड मौजूद हैं। भारतीय कानून के अनुसार कोई भी भारतीय नागरिक एक साथ किसी दूसरे देश की नागरिकता नहीं रख सकता। इस आरोप के आधार पर पहले निचली अदालत में FIR की मांग की गई, जिसे खारिज कर दिया गया था। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने FIR दर्ज करने और CBI जांच का आदेश दिया है।
  2. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CBI जांच का आदेश क्यों दिया?
    उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकता से जुड़ा है, इसलिए इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी सक्षम एजेंसी करे। जज ने इसे उचित माना और FIR दर्ज करके मामले को CBI को ट्रांसफर करने का निर्देश दिया। इस मामले में गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स डिवीजन ने 'टॉप सीक्रेट' फाइलें भी कोर्ट में पेश कीं, जिससे मामले की गंभीरता स्पष्ट होती है।
  3. राहुल गांधी के खिलाफ किन कानूनों के तहत FIR दर्ज होगी?
    याचिका में राहुल गांधी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923 (Official Secrets Act), पासपोर्ट एक्ट 1967 और फॉरेनर्स एक्ट 1946 के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। ये सभी कानून विदेशी नागरिकता, राष्ट्रीय सुरक्षा और पासपोर्ट से जुड़े गंभीर प्रावधानों से संबंधित हैं। यदि CBI जांच में आरोप साबित होते हैं तो इनके तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

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