इंडिया गठबंधन की मीटिंग में राहुल गांधी का बड़ा बयान: प्रतिरोध ही भविष्य
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन की एक मीटिंग में लंबा भाषण दिया। उन्होंने कांग्रेस को प्रतिरोध आंदोलन बताया। उनका कहना है कि देश के सभी बड़े संस्थान BJP के कब्जे में हैं। उन्होंने सहयोगी दलों से चुनाव में धांधली को लेकर सतर्क रहने को कहा। साथ ही सबको एकजुट होकर प्रतिरोध करने की अपील की।
राहुल का शिव परंपरा वाला बयान
राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत एक पुराने अनुभव से की। उन्होंने बताया कि एक दोस्त ने उन्हें कहा था कि दुनिया अनफेयर है, इसकी आदत डाल लो।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पर होने वाली आलोचना का जवाब देना उनका काम नहीं है। उनका कहना था कि उनकी भूमिका शिव परंपरा अपनाने जैसी है, यानी सब कुछ सहन करना।
राहुल ने यह भी कहा कि उनकी भूमिका लोगों को प्यार और स्नेह से जोड़ने की है। उन्होंने इसे अहंकार से जोड़कर देखने से इनकार किया।
कांग्रेस को बताया "प्रतिरोध आंदोलन"
राहुल गांधी ने कहा कि वे 2004 से कांग्रेस सांसद हैं। उनका दावा है कि कांग्रेस पार्टी अन्य पार्टियों से बुनियादी तौर पर अलग है।
उनके मुताबिक, कांग्रेस की शुरुआत एक प्रतिरोध आंदोलन के रूप में हुई थी। उस समय आधुनिक भारत का अस्तित्व भी नहीं था। उनका कहना था कि पार्टी इस विचार की रक्षा करती है कि सभी भारतीय बराबर हैं।
राहुल ने RSS की विचारधारा का विरोध दोहराया। उनका कहना था कि कांग्रेस BJP या RSS से कभी समझौता नहीं करेगी, चाहे कुछ भी हो जाए।
सहयोगी दलों को सीधी सलाह
राहुल गांधी ने SP, TMC और RJD जैसे सहयोगी दलों का सीधा जिक्र किया। उनका कहना था कि पुराने राजनीतिक तरीके अब काम नहीं करेंगे। उनके मुताबिक, ऐसे तरीके तभी काम करते थे जब चुनावी मैदान निष्पक्ष होता था। उनका दावा है कि अब वह निष्पक्षता खत्म हो गई है।
राहुल ने कहा कि BJP देश की न्यायिक व्यवस्था, नौकरशाही, खुफिया एजेंसियों और चुनाव आयोग को नियंत्रित कर रही है। राहुल ने यह भी कहा कि उनके TMC में कई दोस्त बंगाल में जीत को लेकर आश्वस्त थे, लेकिन उन्होंने बार-बार आगाह किया था।
राहुल गांधी ने गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र के नतीजों का हवाला दिया। उनका इशारा था कि वहां भी ऐसी ही स्थिति बनी थी।
"Resistance Works" का नारा
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस को राज्य की तटस्थता की जरूरत नहीं है। उनका कहना था कि संस्थानों पर जितना दबाव बढ़ेगा, कांग्रेस उतनी ही मजबूती से संविधान की रक्षा के लिए लड़ेगी। उन्होंने पार्टी के मूल आदर्श गिनाए- सत्य, अहिंसा और करुणा। राहुल ने कहा कि उन्हें सहयोगियों से लड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है।
उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि गठबंधन ने वह चुनाव जीता था, हारा नहीं था। नीतीश कुमार के अलग होने पर उनका कहना था कि यह कांग्रेस की वजह से नहीं हुआ।
राहुल ने कहा कि पार्टी ने 1927 के आसपास ही प्रतिरोध आंदोलन बनने का फैसला लिया था, जब महात्मा गांधी ने स्वराज की मांग उठाई थी। उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक पार्टियां काम नहीं कर सकतीं, तो प्रतिरोध काम करता है।
उन्होंने अपनी भारत जोड़ो यात्रा का हवाला देकर कहा कि उन्होंने देश में 4000 किलोमीटर पैदल यात्रा की है। उन्होंने "Resistance works" का नारा कई बार दोहराया।
अगला चुनाव पहले ही जीत लिया गया है
राहुल गांधी ने दावा किया कि अगला चुनाव पहले ही जीता जा चुका है, क्योंकि जनता में गुस्सा बहुत ज्यादा है। उनका कहना था कि असली समस्या यह है कि निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद नहीं की जा सकती।
उन्होंने ममता बैनर्जी, उद्धव ठाकरे और तेजस्वी यादव का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें भी यह मानना होगा कि चुनाव में धांधली हो रही है। राहुल ने अपने सोशल मीडिया फॉलोअर्स का हवाला देते हुए कहा कि उनके 1 करोड़ YouTube फॉलोअर्स हैं, लेकिन उनका अकाउंट दबाया जा रहा है।
उनका दावा था कि मीडिया, सोशल मीडिया, न्यायिक व्यवस्था, नौकरशाही और खुफिया एजेंसियां सरकार के पक्ष में संरेखित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन में असमन्वय की खबरें BJP और उसके मीडिया साथी फैला रहे हैं, और यह सच नहीं है।
DMK और एकता पर बात
राहुल गांधी ने कहा कि भारत के विचार की रक्षा में DMK हमेशा साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सहयोगियों के बीच आपसी झगड़े हैं।
उन्होंने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री को गले लगाने से इनकार करते हुए कहा कि उनके साथ राजनीतिक लड़ाई जारी है। राहुल ने कहा कि गठबंधन को लचीला होना होगा, क्योंकि विपक्ष को कमजोर साबित करने की कोशिश हो रही है।
अपने भाषण के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि गठबंधन की चर्चाओं में अक्सर निराशा का माहौल रहता है। उनका कहना था कि अगर सब साथ खड़े होकर प्रतिरोध करें, तो BJP को हराना मुश्किल नहीं होगा।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ का सीधा जिक्र किया। उन्होंने इन राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों का उदाहरण देते हुए सहयोगी दलों को आगाह किया था कि चुनावी मैदान निष्पक्ष नहीं रह गया है।
FAQ
- राहुल गांधी ने यह भाषण कहां दिया?
राहुल गांधी ने यह भाषण इंडिया गठबंधन की एक मीटिंग में दिया। इसमें सहयोगी दलों के नेता मौजूद थे। उन्होंने गठबंधन को एकजुट रहने की अपील की। - राहुल गांधी ने चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
राहुल गांधी ने दावा किया कि चुनाव में धांधली हो रही है। उनका कहना था कि अगला चुनाव पहले ही जीता जा चुका है। उन्होंने सहयोगियों से इस पर पूरा यकीन करने को कहा। - राहुल गांधी ने "Resistance Works" का क्या मतलब बताया?
राहुल गांधी ने कहा कि प्रतिरोध ही असली राजनीतिक औजार है। उनके मुताबिक भारत जोड़ो यात्रा इसी का उदाहरण है। उन्होंने सहयोगियों को रोज प्रतिरोध करने की सलाह दी।
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