राहुल गांधी पांच घंटे धरने पर बैठे रहे, तब जाकर पेलेट गन मामले में FIR दर्ज

Pawan Modiya | Aug 21, 2026, 20:14 IST
राहुल गांधी का धरना
राहुल गांधी के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन मामले में एफआईआर दर्ज की। जंतर-मंतर पर CJP आंदोलन में पेलेट गन चली थी। कांग्रेस-बीजेपी में सियासी बयानबाजी तेज हुई।

    समझें क्या है पूरा मामला

    • राहुल गांधी दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचकर धरने पर बैठे।
    • जंतर-मंतर पर CJP आंदोलन के दौरान पेलेट गन चली थी।
    • कई घंटे के इंतजार के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
    • मामला BNS की धारा 118 और 125 में दर्ज हुआ है।
    • कांग्रेस और बीजेपी नेताओं में इस पर तीखी बयानबाजी हुई।

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। वह पेलेट गन मामले में एफआईआर (First Information Report) दर्ज कराने पहुंचे थे। यही उनकी मुख्य मांग थी। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के दौरान पेलेट गन चली थी। इसी को लेकर राहुल गांधी डीसीपी कार्यालय पहुंचे थे। वहां उन्होंने धरना शुरू कर दिया।



    राहुल गांधी ने साफ कहा था कि वह नहीं उठेंगे। उनका कहना था कि जब तक मामला दर्ज नहीं होता, वह डटे रहेंगे। कई घंटे के इंतजार के बाद आखिरकार दिल्ली पुलिस झुकी। पुलिस ने पेलेट गन मामले में एफआईआर दर्ज कर ली। यह मामला साहिल लोचब की शिकायत पर दर्ज हुआ है। एफआईआर अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है।



    एफआईआर किस धारा में

    दिल्ली पुलिस ने यह मामला बीएनएस (Bharatiya Nyaya Sanhita) की दो धाराओं में दर्ज किया है। ये धाराएं 118 और 125 हैं। धारा 118 खतरनाक हथियार से जानबूझकर चोट पहुंचाने से जुड़ी है। धारा 125 दूसरों की जान या सुरक्षा को खतरे में डालने से जुड़ी है। अभी यह मामला शुरुआती जांच के स्तर पर है। किसी भी व्यक्ति को आरोपी नहीं बनाया गया है। दोष साबित होना अभी बाकी है।



    राहुल गांधी का धरना


    राहुल गांधी ने एफआईआर दर्ज होने को अहम कदम बताया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह न्याय की दिशा में पहला कदम है। उनके मुताबिक घायल युवक को गोली लगे एक महीना हो चुका है। युवक के शरीर में अब भी पेलेट फंसे हुए हैं। राहुल के अनुसार युवक की आंख में तीन पेलेट हैं। इस वजह से वह देख नहीं पा रहा है। तीन-चार पेलेट उसके दिल के पास भी हैं। राहुल गांधी ने कहा कि युवक के साथ गंभीर अन्याय हुआ है।



    राहुल गांधी ने यह भी बताया कि एफआईआर दर्ज कराने में देरी हुई। उनके मुताबिक वे सुबह साढ़े ग्यारह बजे थाने पहुंचे थे। लेकिन एफआईआर शाम करीब पौने सात बजे दर्ज हुई। राहुल गांधी ने पूछा कि पुलिस को इतना समय क्यों लगा। उन्होंने इस देरी पर सवाल उठाए।



    कांग्रेस के कई सवाल

    कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में कई सवाल उठाए हैं। पार्टी ने पूछा कि छात्रों पर पेलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया। कांग्रेस के मुताबिक इसका जवाब गृहमंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस को देना चाहिए। पार्टी का आरोप है कि साहिल और उसकी मां एफआईआर मांग रहे थे। उनके मुताबिक यह मांग लगातार की जा रही थी। लेकिन पुलिस उनकी बात पर ध्यान नहीं दे रही थी। ये आरोप अभी तक साबित नहीं हुए हैं, यह कांग्रेस पार्टी का पक्ष है।



    बाद में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली। पुलिस के अनुसार मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट की एक हाई पावर्ड कमेटी भी बन चुकी है। इस कमेटी की रिपोर्ट का अभी इंतजार किया जा रहा है। यह कमेटी पूरे मामले की जांच कर रही है।



    बीजेपी ने भी किया पलटवार

    बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी के धरने पर पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे नौटंकी बताया। उनके मुताबिक यह सिर्फ दिखावे के लिए किया गया धरना है। भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस धरने के नाम पर स्वांग रच रही है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी तीखी टिप्पणी की। नड्डा के मुताबिक यह कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला ड्रामा है। इस तरह दोनों पार्टियों में इस मुद्दे पर तीखी बयानबाजी चल रही है।



    पहले भी धरना दे चुके राहुल

    यह पहला मौका नहीं है, जब राहुल गांधी धरने पर बैठे। इससे पहले भी वह कई बार धरने पर बैठ चुके हैं। इससे पहले वह प्रधानमंत्री आवास के बाहर भी धरने पर बैठे थे। उस समय पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। इसके बाद उन्हें छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया था। इस बार के धरने में भी कई नेता मौके पर पहुंचे। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला मौके पर पहुंचे थे। कुमारी शैलजा भी धरने में शामिल हुई थीं।



    पेलेट गन का इस्तेमाल हमेशा से विवादों में रहा है। यह हथियार गंभीर चोट पहुंचा सकता है। कई बार आंखों को स्थायी नुकसान भी हो सकता है। इसी वजह से पेलेट गन के इस्तेमाल पर सवाल उठते रहे हैं। जंतर-मंतर जैसी जगह पर इसका इस्तेमाल और भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब मामला दर्ज होने के बाद जांच पर सबकी नजर है।



    आने वाले दिनों में क्राइम ब्रांच की जांच अहम होगी। सुप्रीम कोर्ट की कमेटी की रिपोर्ट भी अहम मानी जा रही है। इन दोनों जांच से ही साफ होगा कि पेलेट गन किसने चलाई। तब तक इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी जारी रहने की संभावना है। पीड़ित युवक और उसके परिवार को न्याय का इंतजार है।



    जरूरी FAQ

    राहुल गांधी के धरने के बाद क्या हुआ?


    दिल्ली के संसद मार्ग थाने पर घंटों धरने के बाद पुलिस ने पेलेट गन मामले में एफआईआर दर्ज कर ली। यह एफआईआर साहिल लोचब की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज हुई है। राहुल गांधी ने इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया।



    पेलेट गन मामले में एफआईआर किन धाराओं में दर्ज हुई?


    यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118 और 125 के तहत दर्ज किया गया है। धारा 118 खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाने से जुड़ी है, जबकि धारा 125 जीवन या सुरक्षा को खतरे में डालने से संबंधित है।



    इस मामले पर कांग्रेस और बीजेपी की क्या प्रतिक्रिया रही?


    कांग्रेस ने सवाल उठाया कि छात्रों पर पेलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया और अमित शाह से जवाब मांगा। वहीं बीजेपी नेताओं गिरिराज सिंह, स्मृति ईरानी और जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के धरने को दिखावा और ड्रामा बताया।



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