संसद में उठेगा केन-बेतवा प्रोजेक्ट का मुद्दा, पीड़ितों से मिले राहुल गांधी
Sanjay Dhiman | Aug 19, 2026, 16:50 IST
ken-betwa-project-rahul-gandhi-support
राहुल गांधी छतरपुर में केन-बेतवा प्रोजेक्ट से प्रभावित आदिवासी परिवारों से मिले। आंदोलनकारियों ने विस्थापन और पुनर्वास के मुद्दे उठाए। राहुल ने संसद में आवाज उठाने का वादा किया और पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। आंदोलन में शामिल होने की बात भी कही।
छतरपुर में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट से प्रभावित आदिवासी परिवार लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के प्रमुख कार्यकर्ता अमित भटनागर ने राहुल गांधी से मुलाकात की। उन्होंने विस्थापन, पुनर्वास और अधिकारों से जुड़े मुद्दे राहुल के सामने रखे। राहुल गांधी ने बुधवार को इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने आंदोलनकारियों को हर मंच पर साथ देने का भरोसा दिलाया।
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद यह मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। बुंदेलखंड के हजारों आदिवासी परिवार इस प्रोजेक्ट से सीधे प्रभावित हो रहे हैं। उनकी मांग है कि उन्हें उचित पुनर्वास और मुआवजा मिले।
मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि बुंदेलखंड के निवासी अपने जायज हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। वे सम्मान और समर्थन के हकदार हैं।
राहुल ने भरोसा दिलाया कि वे और कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई में परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने आंदोलनकारियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। मुद्दों को आगे उठाने का वादा भी किया।
आंदोलनकारियों ने बताया कि पन्ना और छतरपुर जिले के बड़ी संख्या में परिवार इस प्रोजेक्ट से प्रभावित हो रहे हैं। इससे आदिवासी समुदाय को विस्थापन और आजीविका से जुड़ी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
प्रभावित परिवारों ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उनका दावा है कि कई परिवारों को कानून के तहत मिलने वाला पुनर्वास अधिकार पूरी तरह नहीं मिला है। भूमि के बदले भूमि की मांग भी अब तक अधूरी है।
आंदोलनकारियों ने पन्ना टाइगर रिजर्व पर पड़ने वाले असर का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि प्रोजेक्ट से बड़े पैमाने पर वन क्षेत्र प्रभावित होगा। पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।
उन्होंने ग्राम सभा की सहमति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। साथ ही विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का सामना करने का आरोप लगाया।
केन-बेतवा प्रोजेक्ट को लेकर बुंदेलखंड में विरोध काफी पुराना है। अमित भटनागर सहित कई कार्यकर्ता अलग-अलग चरणों में सत्याग्रह कर चुके हैं। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद आंदोलनकारियों को उम्मीद है कि उनकी आवाज अब बड़े मंच तक पहुंचेगी।
राहुल गांधी ने प्रतिनिधि मंडल को भरोसा दिलाया कि पुनर्वास और भूमि अधिकार का मुद्दा संसद में प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वे खुद आंदोलन में शामिल होंगे।
उन्होंने साफ किया कि बिना गरिमापूर्ण पुनर्वास और वन अधिकार अधिनियम (FRA – Forest Rights Act, 2006) के पालन के किसी को बेघर नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही वैकल्पिक आजीविका की व्यवस्था भी जरूरी बताई।
राहुल गांधी ने शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे आदिवासियों पर पुलिस बल और बुलडोजर कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने इसे दमनकारी नीति बताया। इसके बाद उन्होंने केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार से विस्थापितों की मांगों पर तुरंत ध्यान देने को कहा है।
यह मुलाकात आंदोलनकारियों के लिए एक बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर सामने आई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सड़क, दोनों जगह और तेज हो सकता है।
यह खबरें भी पढ़ें...
सितंबर में एमपी आएंगे राहुल गांधी, संभागीय सम्मेलन से संगठन की नब्ज टटोलेंगे
GIS 2027 से पहले एमपी सरकार का दांव, 4 लाख करोड़ के निवेश के लिए 5 नीतियां तैयार
आंगनबाड़ी भर्ती में रिश्वतखोरी! छतरपुर के महिला बाल विकास अधिकारी सस्पेंड
छतरपुर में पुलिस कस्टडी में चार की मौत, हाई कोर्ट ने सरकार और DGP से मांगा जवाब
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद यह मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। बुंदेलखंड के हजारों आदिवासी परिवार इस प्रोजेक्ट से सीधे प्रभावित हो रहे हैं। उनकी मांग है कि उन्हें उचित पुनर्वास और मुआवजा मिले।
राहुल गांधी ने दिया समर्थन
राहुल ने भरोसा दिलाया कि वे और कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई में परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने आंदोलनकारियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। मुद्दों को आगे उठाने का वादा भी किया।
विस्थापन और पुनर्वास का संकट
प्रभावित परिवारों ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उनका दावा है कि कई परिवारों को कानून के तहत मिलने वाला पुनर्वास अधिकार पूरी तरह नहीं मिला है। भूमि के बदले भूमि की मांग भी अब तक अधूरी है।
पर्यावरण को लेकर चिंता
उन्होंने ग्राम सभा की सहमति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। साथ ही विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का सामना करने का आरोप लगाया।
लंबे समय से जारी है आंदोलन
संसद से सड़क तक वादा
उन्होंने साफ किया कि बिना गरिमापूर्ण पुनर्वास और वन अधिकार अधिनियम (FRA – Forest Rights Act, 2006) के पालन के किसी को बेघर नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही वैकल्पिक आजीविका की व्यवस्था भी जरूरी बताई।
बल प्रयोग की निंदा
यह मुलाकात आंदोलनकारियों के लिए एक बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर सामने आई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सड़क, दोनों जगह और तेज हो सकता है।
यह खबरें भी पढ़ें...
सितंबर में एमपी आएंगे राहुल गांधी, संभागीय सम्मेलन से संगठन की नब्ज टटोलेंगे
GIS 2027 से पहले एमपी सरकार का दांव, 4 लाख करोड़ के निवेश के लिए 5 नीतियां तैयार
आंगनबाड़ी भर्ती में रिश्वतखोरी! छतरपुर के महिला बाल विकास अधिकारी सस्पेंड
छतरपुर में पुलिस कस्टडी में चार की मौत, हाई कोर्ट ने सरकार और DGP से मांगा जवाब
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA