इंडियन स्टेट से लड़ाई वाले बयान पर राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली राहत
News in Short
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की याचिका खारिज की।
- याचिका सिमरन गुप्ता द्वारा दायर की गई थी, जिसमें राहुल गांधी के बयान पर FIR की मांग की गई थी।
- राहुल गांधी ने 15 जनवरी 2025 को भारतीय राज्य से लड़ने की बात की थी।
- कोर्ट ने याचिका को साक्ष्यहीन और मेरिट के बिना बताया, और इसे खारिज कर दिया।
- निचली अदालत ने भी राहुल गांधी की टिप्पणियों को आपराधिक मुकदमे के लिए अपर्याप्त माना था।
News in Detail
राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court ) से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका सिमरन गुप्ता ने दायर की थी। याचिका राहुल गांधी के बयान के कारण दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने भारतीय राज्य से लड़ने की बात कही थी। हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया, जिससे एफआईआर दर्ज नहीं होगी और कोई कानूनी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ेगी।
क्या था पूरा मामला ?
यह मामला तब सामने आया जब राहुल गांधी ने 15 जनवरी 2025 को दिल्ली में कांग्रेस के नए मुख्यालय इंदिरा भवन के उद्घाटन पर एक बयान दिया था। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भारतीय राज्य से है। इसे लेकर विवाद हुआ और सिमरन गुप्ता ने एफआईआर दर्ज करने की याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने शुक्रवार 1 मई 2026 को यह याचिका नकार दी जिससे एफआईआर दर्ज नहीं होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्णय
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में याचिका खारिज कर दी, यह मानते हुए कि इसमें कोई साक्ष्य या मेरिट नहीं है। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि याचिका में कोई ठोस आधार नहीं था, और इसे खारिज कर दिया। यह फैसला चंदौसी कोर्ट के फैसले के बाद आया, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ दायर याचिका को पहले ही कमजोर करार दिया गया था।
क्या था याचिका में आरोप?
सिमरन गुप्ता ने याचिका में आरोप लगाया था कि राहुल गांधी का बयान देश की संप्रभुता और राज्य के खिलाफ है। उनका यह बयान भारतीय राज्य के खिलाफ था, जो कि राष्ट्रीय सुरक्षा और संविधान की गरिमा को नुकसान पहुंचा सकता था। हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस आरोप को नकारते हुए याचिका खारिज कर दी।
क्या था राहुल गांधी का बयान ?
राहुल गांधी (Rahul Gandhi ) ने कहा था कि अगर आप समझते हैं कि हम बीजेपी और आरएसएस (BJP and RSS) से लड़ रहे हैं, तो आप गलत हैं। हम सिर्फ इन संगठनों से नहीं, बल्कि भारतीय राज्य से लड़ रहे हैं। इस बयान के बाद हिंदू शक्ति दल की एक पदाधिकारी ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने राहुल गांधी की टिप्पणियों को राष्ट्र-विरोधी बताया।
क्या था निचली अदालत का फैसला?
निचली अदालत (lower court ) ने इस मामले को कमजोर मानते हुए कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणियां आपराधिक मुकदमा चलाने के लिए जरूरी शर्तों को पूरा नहीं करतीं। इसके बाद शिकायतकर्ता ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया।
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