राहुल गांधी दोहरी नागरिकता केस: हाईकोर्ट जज ने खुद को अलग किया
Sandeep Kumar | Apr 20, 2026, 19:56 IST
rahul gandhi
राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता केस से इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज सुभाष विद्यार्थी ने खुद को अलग कर लिया। याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर की सोशल मीडिया पोस्ट में रिश्वत का जिक्र था। जज ने कहा, कोर्ट को राजनीतिक अखाड़ा नहीं बनाना चाहिए।
News in short
- भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर ने राहुल गांधी पर दोहरी नागरिकता का आरोप लगाया।
- शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दाखिल की थी।
- 17 अप्रैल को जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने FIR और CBI जांच का आदेश दिया।
- अगले ही दिन जस्टिस ने अपना यह आदेश वापस ले लिया।
- आदेश पलटने के बाद याचिकाकर्ता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं, जिससे जस्टिस नाराज हो गए।
News in detail
राहुल गांधी नागरिकता विवाद
17 अप्रैल को क्या हुआ था?
याचिकाकर्ता ने क्या पोस्ट किया?
दूसरी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अगर किसी ने धनराशि ली है तो उसे वापस करे। उन्होंने यह भी लिखा कि वरना वे इंटरसेप्ट की गई कॉल सीधे ट्विटर पर अपलोड कर देंगे। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया।
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने जनता से अपील की कि CJI (Chief Justice of India) को पत्र लिखें। मांग थी कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को हाईकोर्ट का आदेश खुली अदालत में पढ़वाने को कहा जाए।
कोर्टरूम में क्या हुआ?
जस्टिस ने कहा कि आवेदक ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए कोर्ट का इस्तेमाल किया। उनका यह भी कहना था कि याचिकाकर्ता मीडिया में भी ऐसे बयान दे रहे हैं जो कोर्ट को राजनीतिक अखाड़ा बना रहे हैं।
विग्नेश ने सफाई देते हुए कहा कि वह पोस्ट कोर्ट के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए थी जो उन पर दबाव डाल रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पहले के आदेश की तारीफ में भी पोस्ट की थी।
लेकिन जस्टिस नहीं माने। सरकारी वकील और DSG ऑफ इंडिया ने भी कहा कि याचिकाकर्ता की पोस्ट का बचाव नहीं किया जा सकता। अंत में जस्टिस विद्यार्थी ने मामले से खुद को अलग कर लिया।
विग्नेश ने ये पोस्ट किए
दूसरी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अगर किसी ने धनराशि ली है तो उसे वापस करे। उन्होंने यह भी लिखा कि वरना वे इंटरसेप्ट की गई कॉल सीधे ट्विटर पर अपलोड कर देंगे। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया।
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने जनता से अपील की कि CJI (Chief Justice of India) को पत्र लिखें। मांग थी कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को हाईकोर्ट का आदेश खुली अदालत में पढ़वाने को कहा जाए।
screenshot-2026-04-20-161357_1776682986-311072
screenshot-2026-04-20-161419_1776682994-986611
जानिए विग्नेश शिशिर कौन हैं?
2019 में सुप्रीम कोर्ट पहले खारिज कर चुका है
ये खबरें भी पढ़ें...
ब्रिटिश नागरिकता विवाद: राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज, CBI करेगी जांच, जानें पूरा मामला
पसीना बहाकर पैदा की फसल, अब MSP के लिए 6 सालों से कोर्ट का चक्कर काट रहे किसान
जापान में 7.5 तीव्रता का भूकंप, सुनामी का अलर्ट: बुलेट ट्रेन रोकी, तटीय इलाके खाली कराए
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari