दूसरों को हंसाते-हंसाते खुद ड्रामा बन गया, सुप्रीम कोर्ट में भावुक हुए राजपाल यादव
राजपाल यादव का चेक बाउंस केस
सुनवाई के दौरान अदालत का माहौल थोड़ा हल्का भी हुआ और गंभीर भी। जज ने एक्टर राजपाल यादव से कहा कि आपकी फिल्मों की तरह ही आपका पैसा भी अता पता लापता और गायब हो गया है। इस पर मुख्य CJI ने उनसे पूछा कि क्या वे आजकल कोई फिल्म बना रहे हैं या फिर बस ऐसे ही घूम रहे हैं?
जज की बात सुनकर राजपाल यादव काफी मायूस हो गए और उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई।
राजपाल ने कहा कि वे सालों से लोगों को हंसाते और उनका मनोरंजन करते आ रहे हैं। इसके बाद भी आज खुद एक ड्रामा बनकर रह गए हैं। उन्होंने बताया कि फिल्म अता पता लापता में उनका बहुत सारा पैसा डूब गया था। उन्हें करीब 17 करोड़ रुपए का भारी नुकसान झेलना पड़ा था।
5 करोड़ के चक्कर में 22 करोड़ का नुकसान
इसके अलावा राजपाल ने आरोप लगाया कि सामने वाले पक्ष ने स्टे ऑर्डर लेकर पिछले 13 साल से उनकी फिल्म अटका रखी। उन्होंने कहा कि अपने 5 करोड़ रुपए के चक्कर में बदले की भावना से सामने वालों ने उन्हें करीब 22 करोड़ रुपए का नुकसान करा दिया।
एक्टर ने बताया कि पहले उनसे कहा गया था कि वे 100 करोड़ रुपए के आदमी हैं। वहीं बाद में अदालतों में घसीटने की धमकी दी गई। राजपाल ने कहा कि उन्होंने 200 फिल्में की हैं। इस पूरे विवाद ने उनकी जिंदगी बर्बाद कर दी है। अब उन्हें दोबारा काम मिलने लगा है और वे पाई-पाई चुका देंगे।
इस पर CJI ने उन्हें सलाह दी कि वे कुछ अच्छी फिल्में बनाएं। साथ ही पहले की तरह लोगों का मनोरंजन करते रहें।
सुप्रीम कोर्ट का रुख और मामले का ब्योरा
सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की तीन जजों की बेंच इस याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने राजपाल यादव की बात सुनने के बाद उन्हें बाकी पैसे का इंतजाम करने के लिए दो हफ्ते का समय दे दिया है।
केस से जुड़े अहम पहलू इस प्रकार हैं।
- यह मामला सीधे तौर पर मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (Murli Projects Pvt Ltd) कंपनी से जुड़ा हुआ है।
- इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को हर मामले में 3 महीने की सजा सुनाई थी।
- सुप्रीम कोर्ट में राजपाल ने 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करा दिया है।
- बकाया 85 लाख रुपये चुकाने के लिए उन्होंने 13 अक्टूबर तक की मोहलत मांगी है।
- कोर्ट ने उन्हें बाकी रकम का बंदोबस्त करने के लिए 2 हफ्ते की राहत दी है।
कोर्ट की पिछली सख्ती और आखिरी मौका
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि बार-बार आदेश देने के बावजूद पैसा जमा नहीं कराया जा रहा है। CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि वे अब तक राजपाल को सिर्फ इसलिए राहत दे रहे थे, ताकि शिकायतकर्ता को उसका पैसा वापस मिल सके।
कोर्ट ने कहा कहा कि राजपाल की सजा के खिलाफ अपील पहले ही खारिज कर दी जाती। कोर्ट ने उन्हें 2 करोड़ रुपए जमा करने के लिए सिर्फ एक दिन का समय दिया था। कोर्ट ने साफ कहा था कि यह उनके पास आखिरी मौका है। इसके बाद राजपाल यादव 1.15 करोड़ रुपए का ड्राफ्ट लेकर कोर्ट में पहुंचे।