पटना HC के आदेश पर SC सख्त: CJI सूर्यकांत ने जताई नाराजगी, कहा-अदालत का काम कानून के अनुसार फैसला देना है
Arohi Raj | Sootr Creatives | Sept 24, 2026, 15:26 IST
पटना HC के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की नसीहत
सुप्रीम कोर्ट ने पटना HC के एक आदेश पर नाराजगी जताई है। मामला महिला से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ा है। SC ने हाईकोर्ट की उस टिप्पणी पर सवाल उठाए हैं, जिसमें कहा गया था कि कमरा बंद कर पीड़िता की सलवार उतारने की कोशिश और उसके साथ शारीरिक छेड़छाड़ रेप की कोशिश के दायरे में नहीं आती। इसे महिला की गरिमा भंग करने वाला अपराध माना गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने जताई आपत्ति
पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले में कुछ बातें आपत्तिजनक हैं। CJI सूर्यकांत ने बिहार के एडवोकेट जनरल से आरोपी का पक्ष सुनने की व्यवस्था करने को कहा।
कोर्ट ने कहा कि मामले में निष्पक्ष सुनवाई जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि वह इस मामले में विस्तृत आदेश जारी कर सकता है। इसमें यौन अपराधों से जुड़े मामलों में न्यायिक दृष्टिकोण पर भी चर्चा हो सकती है।
क्या है पूरा मामला
पीड़िता के मुताबिक, वह अपने पिता के साथ फोटो खिंचवाने गई थी। फोटो लेने के बाद आरोपी ने कंप्यूटर पर तस्वीर दिखाने के बहाने उसके पिता को बाहर इंतजार करने को कहा।
इसके बाद आरोपी ने स्टूडियो का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके साथ छेड़छाड़ की और सलवार उतारने की कोशिश की।
पीड़िता के अनुसार, उसके शोर मचाने पर पिता ने दरवाजा तोड़ दिया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
निचली अदालत ने आरोपी को ठहराया था दोषी
हाईकोर्ट की इसी टिप्पणी और फैसले को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। अब शीर्ष अदालत ने इस पर आपत्ति जताई है।
CJI सूर्यकांत ने क्या कहा
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को केवल तकनीकी नजरिए से नहीं देखा जा सकता। अदालतों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि उनकी टिप्पणी का समाज पर क्या असर पड़ता है।
CJI ने कहा कि न्यायिक आदेशों में इस्तेमाल होने वाली भाषा का महत्व होता है। ऐसे मामलों में पीड़िता की गरिमा और आरोपी के अधिकारों के बीच संतुलन जरूरी है। वहीं आरोपी को भी निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार मिलता है।
CJI ने अदालतों को दी सलाह
मामले की आगे की प्रक्रिया
- बिहार में महिला द्वारा लगाए गए आरोपों का क्या मामला है?
बिहार में एक महिला ने आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उसने अपने साथ गलत व्यवहार होने की शिकायत की है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। - पटना हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ क्या टिप्पणी की थी?
पटना हाईकोर्ट ने आरोपी को राहत देते हुए कुछ टिप्पणियां की थीं, जिन पर याचिकाकर्ता पक्ष ने आपत्ति जताई है, यह कहते हुए कि इससे पीड़ित महिला की स्थिति प्रभावित हो सकती है। - सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या सुझाव दिए हैं?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि न्यायपालिका को संतुलन बनाए रखने और संवेदनशीलता दर्शाने की जरूरत है। अदालतों को अपनी टिप्पणियों में सावधानी रखनी चाहिए ताकि किसी पक्ष की छवि प्रभावित न हो, और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पीड़िता की गरिमा और आरोपी के निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का सम्मान किया जाए।
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