सुप्रीम कोर्ट से NALSAR छात्रों को बड़ी राहत: वकालत पंजीकरण पर लगी रोक रद्द
Manya Jain | Aug 14, 2026, 16:30 IST
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सुप्रीम कोर्ट से NALSAR छात्रों को बड़ी राहत मिली है। वकालत पंजीकरण पर लगी BCI की रोक रद्द। कोर्ट ने शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को सही ठहराते हुए BCI चेयरमैन को नोटिस भेजा।
समझें क्या है पूरा मामला
- सुप्रीम कोर्ट ने NALSAR यूनिवर्सिटी के छात्रों के वकालत पंजीकरण पर लगी रोक रद्द कर दी है।
- यह रोक बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने लगाई थी।
- मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने BCI के इस फैसले को गैर-जरूरी बताया।
- उन्होंने छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की पुष्टि की।
- कोर्ट ने BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को नोटिस भी जारी किया है।
छात्रों को मिली बड़ी राहत
समर्थन – भारतीय बौद्धिक संपदा कानून पत्रिका
सुप्रीम कोर्ट का यह रुख छात्रों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। कई हफ्तों से चल रही इस अनिश्चितता पर अब कोर्ट ने स्पष्ट रोक लगा दी है।
CJI ने BCI के रवैये को बताया अनुचित
cji suryakant
CJI ने कहा कि इसमें BCI का दखल देना बेतुका और अनावश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद अपने छात्र जीवन में आंदोलनों में सक्रिय रहे हैं। जब युवा शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाते हैं, तो उन्हें आजादी मिलनी चाहिए।
क्या था पूरा विवाद
इसके बाद BCI ने सभी राज्यों की बार काउंसिल को निर्देश दिया कि NALSAR के 2026 बैच का एनरोलमेंट रोक दिया जाए। हालांकि बढ़ते दबाव के बीच BCI को यह आदेश बाद में वापस लेना पड़ा।
सोशल मीडिया पर भी उठे सवाल
CJI के सख्त रुख के बाद CJP ने इसे छात्रों और कानून पढ़ने वालों की बड़ी जीत बताया है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का महत्व
एक्सपर्ट कोट्स
छात्रों ने मुझे पत्र लिखा था, यह उनके और मेरे बीच का संवाद है। इसमें BCI का दखल देना बेतुका और अनावश्यक है।
सौरव दास, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कॉकरोच जनता पार्टी
यह देश के युवाओं की एक बड़ी जीत है, लेकिन जवाबदेही की मांग जारी रहेगी।
FAQ
- सुप्रीम कोर्ट ने NALSAR छात्रों को क्या राहत दी?
सुप्रीम कोर्ट ने BCI द्वारा लगाई गई एनरोलमेंट रोक रद्द कर दी। साथ ही छात्रों पर किसी दंडात्मक कार्रवाई से भी रोक लगाई। - यह विवाद कैसे शुरू हुआ?
20 जुलाई के छात्र प्रदर्शन पर CJI की टिप्पणियों से छात्र असहमत थे। इसके बाद छात्रों ने CJI को दीक्षांत समारोह में न बुलाने का अनुरोध किया, जिसके बाद BCI ने एनरोलमेंट रोक दिया था। - BCI चेयरमैन को क्या कार्रवाई का सामना करना पड़ा?
CJI जस्टिस सूर्यकांत ने BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के फैसले को अनुचित बताते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है।
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