अयोध्या राम मंदिर से करोड़ों की चोरी का दावा, अखिलेश बोले- जांच हो, ट्रस्ट का इनकार

Anjali Dwivedi | Jun 08, 2026, 14:19 IST
राम मंदिर दानपात्र में हेराफेरी
सपा प्रमुख अखिलेश यादव और पूर्व मंत्री पवन पांडेय अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों की चोरी का आरोप लगा रहे हैं। साथ ही कोर्ट से संज्ञान लेने की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ, ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय इन आरोपों को नकार रहे हैं।

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र से रकम गायब होने का मामला सामने आया है। सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में गड़बड़ी पकड़ी गई है। पुलिस ने मामले में 4 संदिग्धों को हिरासत में लिया है।



वहीं, एक आरोपी के बैंक खाते से 5 लाख रुपए वापस ट्रस्ट को दिलाए। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने करोड़ों रुपए गायब होने का आरोप लगाते हुए कोर्ट जांच की मांग की है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन आरोपों को निराधार बताया है।



सीसीटीवी से पकड़ाया घोटाला, 4 हिरासत में

बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र में जमा रकम की गिनती के दौरान गड़बड़ी सामने आई थी। मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की कड़ी निगरानी के बाद यह मामला पकड़ में आया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 4 संदिग्ध कर्मियों को हिरासत में ले लिया है। इनमें से एक आरोपी अविनाश शुक्ल के बैंक खाते से 5 लाख रुपए रिकवर किए गए हैं। यह रकम वापस ट्रस्ट के खाते में जमा करा दी गई है।



अखिलेश यादव ने क्या कहा

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मामले में बड़ा आरोप लगाया है। अखिलेश यादव का आरोप है कि अयोध्या राम मंदिर में आए चढ़ावे में करोड़ों रुपए की चोरी की गई है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल पैसों का नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा है। उन्होंने ट्रस्ट और सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। साथ ही अदालत से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।



पूर्व मंत्री पवन पांडेय का दावा

यूपी के राज्य मंत्री रहे पवन पांडेय ने अयोध्या राम मंदिर के दानपात्र और चढ़ावे में 5 से साढ़े 7 करोड़ रुपए की चोरी का दावा किया था। पांडेय ने मीडिया से बातचीत में यह आरोप लगाया है। उन्होंने कहा इस कथित चोरी में भाजपा कार्यकर्ताओं और राम मंदिर ट्रस्ट के ही कुछ लोगों के नाम सामने आ रहे हैं।



पवन ने देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का हवाला देते हुए केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर FIR दर्ज करने और उन्हें जेल भेजने की मांग की है।



पूर्व मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी यह साफ नहीं है कि यह खेल कब से चल रहा था। उन्होंने कहा कि इसकी भी गहनता से जांच होनी चाहिए कि चोरी की रकम ट्रस्ट के किन-किन सदस्यों तक पहुंची है।



चंपत राय ने क्या जवाब दिया

वहीं दूसरी ओर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अखिलेश यादव के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में नियमित आंतरिक ऑडिट की प्रक्रिया चलती रहती है। इस ऑडिट में ट्रस्ट के प्रतिनिधियों के साथ-साथ भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) के अधिकारी भी शामिल रहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अभी तक कोई भी बड़ी वित्तीय अनियमितता सामने नहीं आई है। दान की गिनती और ऑडिट पूरी तरह पारदर्शी तरीके से होती है।



ट्रस्ट के सदस्य का पलटवार

ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने भी अखिलेश यादव के आरोपों को सिरे से नकारा है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में हर लेनदेन का डिजिटल और लिखित हिसाब रखा जाता है। किसी भी गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने भगवान राम के न्याय में विश्वास जताया है। साथ ही उन्होंने अखिलेश पर राजनीतिक उद्देश्य से आरोप लगाने का आरोप लगाया है।





सियासी भूचाल क्यों आया

अयोध्या का राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) देशभर के करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। यहां हर रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर के दानपात्र में हेराफेरी की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया है। विपक्षी दलों ने इसे सरकार और ट्रस्ट की विफलता बताया है। सत्तारूढ़ दल ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।



जांच अभी भी जारी

पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। चार संदिग्धों से पूछताछ का दौर जारी है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि गबन की असली रकम कितनी है। ट्रस्ट ने अभी तक किसी बड़े वित्तीय घोटाले की बात सार्वजनिक रूप से नहीं मानी है। पूरे मामले की जांच के बाद ही असली तस्वीर साफ होगी।



FAQ

  1. अयेध्या राम मंदिर के दानपात्र में गड़बड़ी कैसे पकड़ी गई?
    मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के दौरान दानपात्र की रकम गिनती में हेराफेरी पकड़ी गई। पुलिस ने 4 संदिग्धों को हिरासत में लिया। एक आरोपी अविनाश शुक्ल के बैंक खाते से 5 लाख रुपये रिकवर कर ट्रस्ट को वापस दिलाए गए।
  2. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने क्या मांग की है?
    अखिलेश यादव ने दावा किया कि मंदिर के चढ़ावे से करीब 7 करोड़ रुपये गायब हुए हैं। उन्होंने अदालत से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेने की अपील की। साथ ही निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की।
  3. अयेध्या राम मंदिर ट्रस्ट ने मंदिर में गड़बड़ी के आरोपों पर क्या कहा?
    अयेध्या राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि नियमित आंतरिक ऑडिट में अभी तक कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं मिली। ट्रस्ट में हर लेनदेन का डिजिटल और लिखित रिकॉर्ड रखा जाता है।

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