राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर RSS का पहला बयान, होसबाले बोले- भावनाएं आहत हुईं
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरएसएस ने आखिर तोड़ी चुप्पी।
- भावनाएं आहत हुईं, दोषियों को सजा मिले, बोला संघ।
- चंपत राय के इस्तीफे के बाद अब आया संघ का बयान।
- आठ गिरफ्तारियों के बीच आरएसएस ने मांगी सख्त कार्रवाई।
- दान पेटी चोरी से हिंदू समाज में गहरा आक्रोश, कहा संघ।
अयोध्या के राम मंदिर में दान की कथित चोरी को लेकर आरएसएस ने आखिरकार चुप्पी तोड़ी है। संघ ने कहा कि यह घटना पूरे हिंदू समाज की भावनाओं को गहरी चोट पहुंचाने वाली है। साथ ही ट्रस्ट से प्रबंधन में सुधार की मांग की गई है।
पहली बार आया संघ का बयान
यह बयान आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने शुक्रवार को जारी किया। उन्होंने कहा कि पूरा हिंदू समाज, आरएसएस सहित, इस मामले को असाधारण मानता है। संघ ने ट्रस्ट से मंदिर के प्रबंधन में सभी कमियां दूर करने को कहा है। मकसद यही है कि करोड़ों भक्तों की आस्था अटूट बनी रहे।
भावनाएं आहत होने की बात
आरएसएस ने इस घटना को अत्यंत निंदनीय बताया। बयान में कहा गया कि इससे राम भक्तों की भावनाओं को गहरी चोट पहुंची है। संघ ने जोर देकर कहा कि इस मामले में फैली अनिश्चितता को ट्रस्ट और एसआईटी (SIT – Special Investigation Team) को सुधारात्मक कदमों से दूर करना चाहिए।
चंपत राय का इस्तीफा
इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा झटका ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को लगा। बढ़ते दबाव के बीच उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जांचकर्ताओं ने कथित चोरी की जांच में उनके ड्राइवर को भी गिरफ्तार किया है। यह आरएसएस का इस विवाद में पहला औपचारिक हस्तक्षेप माना जा रहा है।
दोषियों को सख्त सजा की मांग
होसबाले ने कहा कि पीढ़ियों की भक्ति से बना राम मंदिर श्रद्धा का प्रतीक है। दान पेटियों से हुई चोरी ने हिंदू समाज में गहरा दुख और आक्रोश पैदा किया है।
संघ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी बनाई थी। इसी की सिफारिशों पर कानूनी कार्यवाही शुरू हुई। संघ ने साफ कहा कि जांच में दोषी पाया गया कोई भी व्यक्ति बख्शा नहीं जाना चाहिए।
पारदर्शिता बहाल करने की उम्मीद
संघ ने विश्वास जताया कि ट्रस्ट उचित वित्तीय प्रबंधन अपनाएगा। साथ ही पारदर्शी परिचालन प्रणाली से जनता का भरोसा फिर से बहाल करेगा। आरएसएस ने हिंदू समाज से संयम बरतने की भी अपील की। संघ ने कहा कि हिंदू विरोधी ताकतों को इस विवाद का फायदा उठाने का मौका नहीं मिलना चाहिए।
अब तक आठ लोग गिरफ्तार
इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और मनीष कुमार यादव शामिल हैं। इसके अलावा करुणेश पांडे, रामाशंकर मिश्रा, राम शंकर यादव उर्फ तिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव भी गिरफ्तार हुए हैं।
टिन्नू चंपत राय के यहां ड्राइवर का काम करता था। सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी श्रीवास्तव दान गिनती की शिफ्ट संभालते थे। बाकी छह लोग दान गिनने के काम में शामिल थे।
एफआईआर के बाद इस्तीफे
25 जून को एफआईआर (FIR – First Information Report) दर्ज होने के बाद गिरफ्तारियां शुरू हुईं। इसके बाद चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने ट्रस्ट को इस्तीफा भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि दोनों मंदिर प्रशासन में अहम भूमिका निभा रहे थे। ट्रस्ट ने कहा है कि इस्तीफों पर फैसला अगली बैठक में लिया जाएगा।
संघ का बयान क्यों अहम है
आरएसएस ( RSS) का राम जन्मभूमि आंदोलन से पुराना और गहरा नाता रहा है। संघ और उसके सहयोगी संगठनों ने ही मंदिर निर्माण के लिए दशकों तक अभियान चलाया। मंदिर बनने के बाद भी ट्रस्ट को संघ परिवार के मार्गदर्शन में काम करते देखा गया है।
ऐसे में दान चोरी के आरोप संगठन की छवि को सीधे प्रभावित करते हैं। इसी वजह से यह विवाद आरएसएस और ट्रस्ट, दोनों पर छाया डालता है। शुक्रवार का बयान इसी दबाव के बीच संगठन की सफाई और सुधार की मांग माना जा रहा है।
FAQ
- राम मंदिर दान चोरी मामले में आरएसएस ने क्या कहा?
आरएसएस ने कहा कि इस घटना ने राम भक्तों की भावनाएं आहत की हैं। संघ ने दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है। - इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें दान गिनने वाले कर्मचारी और एक ड्राइवर शामिल हैं। - चंपत राय ने इस्तीफा क्यों दिया?
बढ़ते दबाव और उनके ड्राइवर की गिरफ्तारी के बाद चंपत राय ने पद छोड़ दिया। ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा भेजा है।
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